Monday, August 6, 2018

Maiya Ke Gun Gao Re

------ तर्ज:- "जस" धूरा भरी पैंजनियां हो माई तेरी ------

मैया के गुण गाओ रे मोरे भैया,
चरनन शीश नबाओ रे मोरे भैया ||

पंडा पुजारी ने बो दये जबारे, मढ़ में बजे नित ढोल नगाड़े,
नौ दिन धाम लगाओ रे मोरे भैया ||

माई को नरियल निबुआ चढ़त है, आठ दीप नौ खंड पुजत है,
पूजा थार सजाओ रे मोरे भैया ||

चौंसठ योगिनी नाचे गायें, ब्रह्म, विष्णु वेद सुनाएं,
शिब ने डमरू बजाओ रे मोरे भैया ||

आंबे मात को साचों द्वारो, दूर करे मन को अंधियारों,
मन की प्यास बुझाओ रे मोरे भैया ||

नौ देवी को नौ दिन मेला, द्वार पे हो रई रेलम रेला,
जय जय कार लगाओ रे मोरे भैया ||

जगमग ज्योत अखंड जगी है, तुमरे दरश की भीड़ लगी है,
ज्योत से ज्योत जलाओ रे मोरे भैया ||

ऋषि मुनि तुमरे जस गायें, "पदम्" चरण में बलि बलि जाए,
श्रद्धा सुमन बरसाओ रे मोरे भैया ||

-: इति :-


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