Monday, November 26, 2018

Jalao Re Jyoti

------ तर्ज:- चलाओ न नैनों से बाण रे -----

जलाओ रे ज्योति, करो ध्यान रे 
माँ के चरणों में आन रे
कहीं निकल न जाये, कहीं निकल न जाये
ऐसा मौका महान रे |
शामिल भी हो, शामिल भी हो
हमरा भक्तों में नाम रे || जलाओ ||

ऊंचे पहाड़ों पे बैठी है माँ
मुंह माँगा बरदान देती है माँ
निर्बल को बलबान करती है माँ
निर्धन को धनबान करती है माँ || कहीं ||

मैया की सेवा में पंडा खड़े
ऊंचे शिखर लाल झंडा चढ़े
संजा सकारे करें आरती
मैया भी भव सिंध से तारती || कहीं ||

कैसे करूं पूजा और साधना
जानूं नहीं माँ की आराधना
मैया के द्वारे जो भी सबाली गया
अब तक कोई भी न खाली गया  || कहीं ||

मैया के द्वार पे आये हैं हम, पूड़ी और हलुवा चाड़ायेंगे हम |
लाल लाल चूनर उड़ायेंगे हम, "पदम्" माँ के गुणगान गायेंगे हम ||

-: इति :- 


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Maa Ka Dar Choomkar

----- तर्ज:- मेरे रश्के कँवर -----

माँ का दर चूमकर, सारे गम भूलकर |
मैंने अर्जी लगाई, मजा आ गया ||
दर बदर घूम कर, मैया के द्वार पर |
मैंने झोली फैलाई, मजा आ गया ||

सिंह पर बैठ कर माँ भवानी चली |
दुष्ट दानव पे माँ की दुधारी चली ||
रण में संहार कर, दुष्टों को मार कर |
मुण्डमाला बनाई, मजा आ गया |

माँ की कृपा के बादल बरस जायेंगे |
सबके बिगड़े मुकद्दर संवर जायेंगे ||
बात बन जायेगी, झोली भर जायेगी |
माँ से आशा लगाई, मजा आ गया ||

आसरा इस जहाँ का मिले न मिले |
माँ के दर पे "पदम्"को ठिकाना मिले ||
आ गये द्वार माँ, कर दो उपकार माँ ||
माँ की महिमा को गाई, मजा आ गया ||

-: इति :-


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Shiv Ke Pyare Ganesh

------ तर्ज:- मेरे रश्के कँवर ------

शिव के प्यारे गणेश, काटो विघन कलेश |
मेरे अंगना पधारो मैं तर जाऊंगा ||
इक दया की नजर आप करदो इधर |
मेरी बिगड़ी सुधारो मैं तर जाऊंगा ||

रिद्धि सिद्धि के दाता कहें आपको |
ज्ञान बुद्धि विधाता कहें आपको ||
कर के मूषे सबारी चले आइये |
मेरा नर तन सँवारो, मैं तर जाऊंगा ||

चार मौदक के लड्डू चढ़ायें तुम्हें |
सारे देवों से पहले मनायें तुम्हें ||
नाम सुमरन करें शीश चरनन धरें ||
पार भव से उतारो मैं तर जाऊंगा ||

आपके दर पे जो भी सवाली गया |
आज तक कोई दर से न खाली गया ||
मैं हूँ पापी अधम, है शरण में "पदम्" |
गीत मेरे निहारो, मैं तर जाऊंगा ||

-: इति :- 


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Gaura Ne Ghont Kar

 ------तर्ज:- मेरे रश्के कंवर -----

गौरा ने घोंट कर, पीस कर छान कर |
शिव को भंगिया पिलाई, मजा आ गया ||
छोड़ कैलाश को पहुंचे शमशान में |
गांजे की दम लगायी, मजा आ गया ||

जब नशा भांग गांजे का चढ़ने लगा 
भोला नचने लगे, डमरू बजने लगा
जल चुकीं थी चिताएं जो शमशान में
उनकी भस्मी रमाई, मजा आ गया ||

बदी फागुन चतुर्दश तिथी  आई है,
शिव से गौरा मिलन की घड़ी  आई है
शिवजी दूल्हा बने गौरा दुल्हन बनीं
ऐसी शादी रचाई || मजा आ गया ||

भोला धनवान हैं न तो कंगाल हैं
शिव महादेव हैं, शिव महाकाल हैं
शिव के चरणों में हम, आ गये हैं "पदम्" राह मुक्ति की पाई || मजा आ गया ||

-: इति :-



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Sunday, November 25, 2018

Chali Modi Leher

------ तर्ज :- मेरे रश्के कंवर ------

चली मोदी लहर, हर नगर हर डगर ।
बी.जे.पी जबसे आयी, मजा आ गया ।।
भगवा झंडा तले, मोदी पी.एम. मिले ।
इंडिया मुस्कुराई, मजा आ गया ।।
.
टेक्स चोरों ने अपनी तिजोरी भरी ।
मोदी ने देश में नोट बंदी करी ।।
फिर जमा काला धन बैंक में आ गया ।
ऐसी लाइन लगाई, मजा आगया ।।

देश परदेश मोदी ने दौरे किये ।
जड़ से आतंक मिटाने के बादे किये ।।
बहुत से टैक्स लगते थे बाजार में ।
                                                      एक जी.एस. टी. लगाई,मजा आ गया                                             

   एक ना एक दिन अच्छे दिन आयेंगे ।
यह बिरोधी भी मोदी के गुण गायेंगे ।।
तीन तलाक इस्लामी प्रथा हटी ।
मोदी सरकार आई, मजा आगया ।।

हर समस्या का इक ही समाधान है ।
हिन्दु राष्ट्र बने यह ही अरमान है ।।
दर्द है बेपनाह, यह "पदम" का बयाँ ।
पीर मन की सुनाई, मजा आगया ।।

-: इति :-


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Panghat Se Daudi Chali Aaungi

------ तर्ज :- मंदिर से दौड़ी चली आउंगी ------

पनघट से दौड़ी चली आउंगी, कान्हा मुरली बजादो,
मधुबन में रास रचाऊंगी, कान्हा मुरली बजादो ।।

श्याम सुंदर से लागे नैना,
तुम बिन हमको चैन पड़े ना,
तुम संग प्रीति निभाऊंगी ।। कान्हा ।।

नंदलला की सांवरी सूरत,
चंचल चितवन मोहिनी मूरत,
माखन मिश्री खिलाऊंगी ।। कान्हा ।।

तुमने मुरली मधुर बजायी,
तन मन की मैंने सुध बिसराई,
समझे ना पीर परायी।। कान्हा ।।

श्याम पिया का मिले जो दर्शन,
"पदम" ने जीवन कर दिया अर्पण,
मन मंदिर में बसाउंगी ।। कान्हा ।।

-: इति :-


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Baithi Singh Pe Savaar

------ तर्ज :- माहरे रस के भरो री राधा रानी ------

बैठी सिंह पे सबार माँ भवानी लागे, महारानी लागे,
माहणे ठंडा ठंडा बाण गंगा का पानी लागे ।।

ऊंचे ऊंचे परबत पर है, मैया के दरबार,
गुफा में बैठी वैष्णों माता, भरती है भंडार,
बैठी खोल के भंडारे महादानी लागे ।। महारानी ।।

पंडा बाबा करे आरती रोज सुबह और शाम,
नर नारी सब दर्शन करने, आयें तुम्हारे धाम,
लाल धुजा है शिखर पे, सुहानी लागे ।। महारानी ।।

पाप हरण करने को माँ ने, लिया काली अवतार,
खड़क त्रसूल से किया धरा पर असुरों का संहार,
मुण्ड माला है गले में, माँ शिवानी लागे ।। महारानी ।।

मैया के जयकारे गूंजे नौ दिन और नौ रात,
"पदम" पड़ा चरणों में मैया, सर पे रख दो हाथ,
सदा भक्तों पे मैया की मैहरबानी लागे ।। महारानी ।।

-: इति :-


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Kanha Jo Mil Gaye

----- तर्ज :- तुम जो चले गए तो होगी बड़ी -----

कान्हा जो मिल गये तो, मिल जायें खुशियां सारी,
तुम्हें हृदय में बिठालूं, कहती है राधिका प्यारी ।।

मेरे दिल का चैन लूटा तिरछी नजर मिलाके ,
तन मन की सुधि बिसारी मुरली मधुर बजाके,
कान्हा नहीं मिले तो रहती है वे करारी ।। तुम्हें ।।

पनिया भरन गई थी मिले राह में मुरारी,
मेरी बैयां ऐसी पकड़ी, गगरिया फोड़ डारी,
कर दूंगी मैं शिकायत मैया से जा तुम्हारी ।। तुम्हें ।।

अनमोल है यह जीवन नेकी का काम करले,
कहते हैं "पदम" ज्ञानी राधे का नाम भजले,
कारी कमरिया ओढ़े आ जायेंगे बिहारी ।। तुम्हें ।।

-: इति :-


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Cheend Ko Dada Albela

छींद को दादा अलबेला,
लगे मंगल को मेला ।।


कोई कहे बजरंगी आला,
कोई कहे अंजनी के लाला
राम को भगत अकेला ।। लगे ।।


रावण पूंछ में आग लगाई,
तुमने उसकी लंका जलाई,
खेल अजब तुमने खेला ।। लगे ।।


सीता राम लखन मन लाई,
तुमने छाती फाड़ दिखाई,
कौन गुरु, कौन चेला ।। लगे ।।


छींद गांव की महिमा न्यारी,
मेला भरत दशहरा पे भारी,
भक्तों की रेलम रेला ।। लगे ।।


बजरंग के गुण गाओ प्राणी,
"पदम" यूं कह गये ज्ञानी ध्यानी,
जग है झूठा झमेला ।। लगे ।।


-: इति :-


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Tu Hi Ambe Kaali Hai

------ तर्ज :- बड़ी मस्तानी है मेरी महबूबा ------
फिल्म :-----जीने की राह ----------
गर्दन में डाले है मुंडों के हार,
चली आ रही है सिंह पे सबार
बड़ी शान बाली है माता जगदम्बे
तू ही अम्बे काली है माता जगदम्बे ।।

वह है काली ऐसी माया उसकी जहां से निराली
माता तेरे दर से खाली जाये न कोई सबाली
असुरों को मारा है वह ही खप्पर बाली है ।। माता ।।

जय हो दुर्गे माता तुमको कहते हैं माता भवानी
सांचा है दुआरा जग में उनका नहीं कोई शानी
जग से वह न्यारी है वह कलकत्ते बाली है ।। माता ।।
आपने जहां में शान दुष्टों की आकर घटाई
आपने सभा में लाज हर दम "पदम" की बचाई
देवी ने गर्दन में मुण्डमाला डाली है ।। माता ।।

-: इति :-




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Tu Meri Mata Beta Mai Tera

----- तर्ज :- मैं तेरी दुश्मन, दुश्मन तू मेरा -----
----- फ़िल्म :- नगीना -----

तू मेरी माता बेटा मैं तेरा, तू ज्योति मैं अंधेरा -2
आ जाओ माँ अब न करियो देर - लगाई टेर ।।

क्या लाया हूँ, क्या ले जाऊं, द्वार पे तेरे बलि बलि जाऊं,
करलूं पूजा, करलूं भक्ति, ऐसी मुझमें कहाँ है शक्ति,
मैंने तो डाला चरणों में डेरा ।। तू ज्योति ।।

निर्मल मन हे कोमल काया मुश्किल से यह नर तन पाया
क्या क्या बादें करके आया मूरख तूने जन्म गंवाया
यह दुनिया तो है रैन बसेरा ।। तू ज्योति ।।

माँ की महिमा सबसे न्यारी करती है वह शेर सवारी,
शेरा बाली ज्योता बाली, भक्तों की करती रखबाली,
भक्तों ने गाया गुणगान तेरा ।। तू ज्योति ।।

माँ दुर्गे की माला जपले, माँ की चौखट पर सर रखले,
अगर जो माँ की आंख खुलेगी "पदम" की झोली भरी मिलेगी,
ऐसा मिलेगा न मौका सुनहरा ।। तू ज्योति ।।

-: इति :-


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Dam Dam Shivalay Me

------ तर्ज :- पल पल न माने टिंकू जिया ------
फिल्म :-------यमला पगला दीवाना --------
डम डम शिवालय में डमरू बजे,
बैठे जहां शंकर भबूती मले ।।

भर भर चिलम में शिव गांजा पिये हैं,
भर भर के लोटे से भंगिया पिये हैं ,
बल खाये विषधर जिनके गले ।। बैठे ।।

करते हैं भोले बाबा नंदी सबारी,
तीनों लोकों के स्वामी त्रपुण्ड धारी,
भोले को भजने से विपता टले ।। बैठे ।।

शीश चंद्रमा करे उजियाला,
तन पे लपेटे हैं मृग की छाला,
"पदम" है जिनके चरणों तले ।। बैठे ।।

-: इति :-


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Saturday, November 24, 2018

Maa Gaura Aur Shiv Ko Naman

माँ गौरा और शिव को नमन बार बार है ।।
नंदी पे चले आओ तेरा इंतजार है ।।

त्रिलोक के देवों में महादेव कहाते,
दानी है महादानी है बरदान लुटाते
तेरी दया हो जिसपे उसका बेड़ा पार है ।। नंदी ।।

कैलाश पे मिलेंगे हिमालय पे मिलेंगे,
दर्शन मेरे भोले के शिवालय में मिलेंगे,
साकार निराकार तू ही ओमकार है ।। नंदी ।।

गौरा ने भंग घोंट के भोले को पिला दी,
मरघट में जाके भोले ने धूनी को लगा ली,
भूतों ने चुड़ैलों ने करी जय जय कार है ।। नंदी ।।

जीवन में क्या करोगे इस दौलत के ढेर का,
चरणों में शिव के पाया खजाना कुबेर का,
ॐ नमः शिवाय जपो यही सार है ।। नंदी ।।


कालों में महाकाल तेरा नाम बड़ा है,
झोली "पदम" की भरदो यह चरणों में पड़ा है,
तेरे बिना अब कौन मेरा मददगार है ।। नंदी ।।

-: इति :-


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Kori Chunar Rang Leeni

----- तर्ज :- छाप तिलक सब छीनी तोसे नैना मिलायके -----
फिल्म :-----में तुल्सी तेरे आंगन की -------
,
राम के रंग रंग लीनी रे मोरी कोरी चुनरिया,
राम कृपा जब कीनी रे मोरी कोरी चुनरिया ।।

यह चुनरी मोह माया में फंस गई,
काम क्रोध कांटों में उलझ गई,
तार तार कर दीनी रे ।। मोरी ।।

राम भजन का नशा अजब है,
ऐसा नशा चढ़े तो गजब है,
ऐंसी सुरा हमें पीनी रे ।। मोरी ।।

मैं अज्ञान हूँ निपट अनाड़ी,
राम भरोसे छोड़ दी गाड़ी,
बात "पदम" कह दीनी रे ।। मोरी ।।

-: इति :-


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Kismat Me Jo Likha Hai

------ तर्ज :- एक बेवफा का प्यार लिफाफे में बंद है ------

।। दोहा ।।

माँ गौरा के ललन को नमन बार बार है,
मूषे पे चले आओ तेरा इंतज़ार है

।। भजन ।।

किस्मत में जो लिखा है लिफाफे में बंद है,
गणपत की जो रजा है वह हमको पसंद है ।। किस्मत ।।

सर गज का लगाया था शिव ने गणेश को,
तब से गणेशजी का नाम गजानंद है ।। किस्मत ।।

जीवन में सबको खुशियां बराबर नहीं मिलती,
है कोई गमज़दा तो कोई दर्दे मंद है ।। किस्मत ।।

दर्शन दिखाने गणपति आते हैं हर बरष,
बस इसलिए भक्तों का होषला बुलंद है ।। किस्मत ।।

जो कुछ "पदम" ने लिख दिया मन की आवाज है,
न गीत है गजल है भजन है न छन्द है ।। किस्मत ।।

-: इति :-


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Wednesday, November 14, 2018

Mere Ghar Me Padhare

तर्ज:- अब न छिपाऊँगा सबको बताऊंगा
तुझको कसम से मैं अपना बनाऊंगा
तू है सनम मेरा प्यार,मेरा दिल तेरा आशिक़

 -----।। भजन ।। -----

शबरी बिचारी है, प्रेम की मारी है,
स्वागत में रघुबर के , सुद बुद्ध बिसारी है,
लक्ष्मण सीताराम मेरे घर में पधारे ।।

कबसे बैठी थी मैं आस लगाये, दो नैनन के दीप जलाये,
रघुनंदन ने दर्श दिखाये, जन्म जन्म के सब सुख पाये,
मेरी कुटिया के बड़े भाग सुहाने हैं, आज प्रभु को मीठे भोग लगाने हैं,
थोड़ा करो विश्राम ।। मेरे घर में ।।

कबसे हरि से टेर लगाई, राह तकत अखियां पथराई,
आज हरि को मेरी सुध आयी, अंगना बीच खड़े रघुराई
आसान लाऊंगी घर मे बिठाऊंगी, आज हृदय की पीड़ा प्रभु को दिखाउंगी,
सुबह से हो गयी शाम ।। मेरे घर में ।।

चख चख मीठे बेर खिलाये, खट्टे खट्टे दूर फिकाये,
लक्ष्मण को झूठे नहीं भाये, सीता को कुछ समझ न आये,
शबरी के जीवन में खुशियों का डेरा है, कल तक अंधेरा था अब तो सबेरा है,
कैसे रखूं दिल थाम ।। मेरे घर में ।।

बड़े भाग यह नर तन पाये, जीवन को नहीं व्यर्थ गवायें
राम भजन से मुक्ति पाये, हनुमान जी से भक्ति पाये,
दो दिन ठिकाना है एक दिन तो जाना है, "पदम" ने माना है गुणगान गाना,
बिगड़े बनेंगे सब काम ।। मेरे घर में ।।

-: इति :-



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Tuesday, November 13, 2018

Madiya Pe Ude Re Nishan

------ तर्ज:- हुरिया में उड़े रे गुलाल ------

मड़िया पे उड़े रे निशान,
भुवन बड़ा सोणा लंगदा ।।

ज्योत बाली माता अम्बे, शेर पे बैठी माँ जगदम्बे,
सब का करे कल्याण ।। भुवन ।।

तू ही दुर्गा, तू ही काली, लाल चुनरिया गोटा बाली,
महिमा बड़ी महान ।। भुवन ।।

नौ दिन माँ की ज्योत जालाई, श्रद्धा भाव से भेंट चढ़ाई,
रहा चरणों विच ध्यान ।। भुवन ।।

दाती जब देने पे आये, झोली भी छोटी पड़ जाए,
"पदम" करे गुणगान ।। भुवन ।।

-: इति :-


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Laal Laal Chunari

------ तर्ज:- लाल लाल कुर्ती पे गौरा से बदन -----

लाल लाल चुनरी में मैया को नमन -2
आये तेरे द्वार मैया दे दो दर्शन,
माया के भँवर विच फँस गए हम,
मैया के पहाड़ जाके चढ़ गए हम ।। लाल लाल ।।

पल में फकीरों को अमीर बना देती हो,
पल में अमीरों को फकीर बना देती हो,
तेरी ही रजा में खुश रहे हर दम,
मैया के पहाड़ जाके चढ़ गए हम ।। लाल लाल ।।

अम्बे काली दुर्गे माँ की शेर पे सबारी है,
पाप का सर धड़ से उड़ाने की  तैयारी है,
मैया लेकेअवतार आएगी "पदम",
मैया के पहाड़ जाके चढ़ गए हम ।। लाल लाल ।।

-: इति :-


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Bajrang Ka Dhaam Albela

------ तर्ज :- ऐसी दुपरिया न जाऊं रे डोली ------

बजरंग का धाम अलबेला, लगे भक्ति का मेला,
राम नाम अलबेला, यह है मुक्ति का मेला ।।

कोई कहे बजरंगी आला, कोई कहे अंजनी लाला,
राम को भगत अकेला ।।

सीता राम लखन मन लाई, तुमने छाती फाड़ दिखाई,
खेल अजब तुमने खेला ।।

रावण पूंछ में आग लगाई, तुमने उसकी लंका जलाई,
नहले पे पड़ गया दहला ।।

हनुमत के गुण गाओ प्राणी, "पदम" यही सन्तों की बाणी,
जग है झूठा झमेला ।।

-: इति:-


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Shyam Bade Chalbaliya

श्याम बड़े छलबलिया में कैसी करूं,
बैरन हो गयी मुरलिया में कैसी करूं ।।

क्यों ज़ुल्मी संग प्रीत लगाई,
पकरन चाही में पकर न पाई,
दे गये छील विलैंया ।।

प्रीत लगाके नाता जोड़ा,
चूड़ी तोड़ी, कंगन तोड़ा,
तोड़ी नरम कलैया ।।

इस छलिया की कोन निशानी,
दुनिया जिसकी प्रेम दीवानी,
इनमें एकऊ नैंया ।।

राधे मौहन की जोड़ी आला,
"पदम" वो ही सबका रखवाला,
दुनिया भूल भुलैंया ।।

-: इति :-



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Saturday, November 10, 2018

Lagao Na Der Hanuman Re

लगाओ न देर हनुमान रे, बूटी लाना पहचान रे,
कहीं निकल न जाये - 2, मेरे लक्ष्मण के प्राण रे,
घायल हुए -2, लगे शक्ति के बाण रे ।। लगाओ ।।

द्रोणागिरी पर्बत पे जाऊंगा में,
बूटी संजीवन को लाऊंगा में,
श्री राम रोते बिलखते रहे,
रो रो कर हनुमत से कहते रहे ।। कहीं निकल ।।

जैसे ही पर्बत पे पहुंचे बलि,
चहुँ और बूटी चमकती मिली,
पर्बत उठाकर बलि चल दिये,
धरा पर गिरे तब भरत मिल गए,
भरत ने कहा सखा जल्दी करो,
लखन लाल की जाए विपता हरो ।। कहीं निकल ।।

मांगी बिदा फिर पवन सूत चले,
सभी राम दल में थे व्याकुल बड़े,
जो लाके दी बूटी अचरज हुआ,
"पदम" राम के मन को धीरज हुआ ।।

-: इति :-


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Shree Vishwakarma Bhagwan Kiya Hai Jan Kalyan

----- तर्ज:- मेरे बांके बिहारी लाल तू इतना न करियो श्रृंगार , नज़र तोहे लग जायेगी -----

श्री विश्वकर्मा भगवान 
किया है जनजन का  कल्याण
तुम्हारी जय जय हो ।। देवा रे ।।

काष्ट कला के तुम निर्माता,
लोह युग के तुम भाग्य विधाता,
दिया भुवन विधि का ज्ञान ।। किया है ।।

भांति भांति औजार बनाये,
हर तकनीक धरा पर लाये,
किया मुश्किल को आसान ।। किया है ।।

हम सबका जीवन सुख दाई,
तरह तरह की मशीन बनाई,
देवा तुम हो बड़े महान ।। किया है ।।
दिये खेती के सामान ।। किया है ।।

मन मंदिर में तुम्हें बिठालूं,
गीतों की माला पहना दूं,
यह "पदम" करे गुणगान ।। किया है ।।

-: इति :- 



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Sone Ki Lanka Jalaay Dayi Re

----- तर्ज:- ऐसी दुपरिया न जाऊं रे ----

 सोने की लंका जलाय दई रे,
बीर बजरंगबली ने ||
रावण की लुटिया डूबाये दई रे,
बीर बजरंगबली ने ||

राम नाम द्वारे पे लिखा है,
मात सिया का पता मिला है,
विभीषण की कुटिया बचाय दई || बीर ||

शक्ति बाण लगे लक्ष्मण को,
रघुवर चैन पड़े नहीं मन को,
बूटी संजीवन को लाय दई रे || बीर ||

एक लाख पूत, सवा लख नाती,
कौन जलाय अब दीपक बाती,
"पदम्" की बिगड़ी बनाय दई || बीर ||

-: इति :-


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Saturday, November 3, 2018

Shiv Japo Sundaram

शिव जपो सुन्दरम, शिव भजो सुन्दरम
सुन्दरम है शिवम्, है शिवम् सुन्दरम ||

शिव है काशी पुरम, शिव है रामेश्वरम,
शिव है त्रयम्बकं, शिव है नागेश्वरम ,
शिव अमावश पूनम, शिव करे मंगलम || सुन्दरम ||

शिव है धरती गगन, शिव है गंगा जमन,
शिव है पूजन भजन, शिव है गीता वचन,
शिव का हो वन्दनं, शिव का हो स्वागतम || सुन्दरम ||

शिव है जीवन मरण, शिव है अन्तः करण,
शिव है तारण तरण, शिव है चिंता हरण,
शिव है रहमोकरम, शिव दया और धरम || सुन्दरम ||

शिव ही दिगपाल है, शिव ही बेताल है,
शिव है कलिकाल है, शिव महाकाल हे ,
शिव है नारायणम, शिव हो पूरण ब्रह्म || सुन्दरम ||

शिव ही घनश्याम है, शिव ही बलराम है,
शिव परसराम है, शिव श्री राम है,
शिव शरण में "पदम्" रहूँ जन्मो जनम || सुन्दरम ||

-: इति :- 



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Thursday, November 1, 2018

Dina Raina Japo Re

----- तर्ज:- तेरे नैना बड़े दगाबाज रे -----

दिन रैना जपो रे
जिंदगी में लगे है बहुत काम रे || दिना ||

दो दिन बचपन है, दो दिन जबानी है, इसी पर तू इतरायेगा
माया भी रूठेगी, काया भी छूटेगी, जिस दिन बुढ़ापा आयेगा
आज आया नहीं तो काल आयेगा,
मौत का नाम सुनकर तू घबराएगा || जिंदगी ||

दिन का मेला है, झूठा झमेला है, तू न समझ पायेगा
दिन का सपना है, कोई न अपना है "पदम्" अकेला जायेगा
साधू संतों की बाणी का मान रखले,
राम सीता के चरणों का ध्यान करले || जिंदगी ||

-: इति :- 


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Contributors

Jalao Re Jyoti

------ तर्ज:- चलाओ न नैनों से बाण रे ----- जलाओ रे ज्योति, करो ध्यान रे  माँ के चरणों में आन रे कहीं निकल न जाये, कहीं निकल न जाये...

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