// श्री गणेश जी//
Monday, August 25, 2025
Gaura ne jaye lalna,
Wednesday, May 14, 2025
Bharat he mahan, duniya me
तर्ज़ :-नैना बंद लागे ,कहियो
सुनियो मेरी टेर जगदम्बे
//गीत//
भारत हे महान ,दुनिया में
(1)बनारस के पान,मथुरा को पेड़ा ।
पंजाब की लस्सी, आगरे का पेठा ।।भारत है ।।
(2)अलीगढ़ का ताला,जबलपुर का घाट ।
रतलामी चूड़ा,बंबई की चाट ।। भारत है।।
(3)मैनपुरी जर्दा,बीकानेरी बर्फी ।
भुसावल को केला,पटना की मिर्ची ।।भारत है ।।
भाग 2
(1)जोधपुरी चुनरी,बरेली को झुमका ।
नैनाताली लहंगा,लखनऊ का कुर्ता ।।भारत है ।।
(2)राजस्थानी पगड़ी,जयपुर की चोली ।
चंदेरी की साड़ी ,वृंदावन की होली ।।भारत है ।।
(3) काशी के पंडा करीला की राई
कलकत्ते की काली,पन्ना की दाई ।।भारत है ।।
(4) दिल्ली के ठगिया,बिहारी के बाबू ।
भोपाल के बटुआ,रामपुर के चाकू ।।भारत है ।।
!!इति!!
झांसी गले की फांसी,दतिया गले का हार ।
ललित पुर न छोड़ियो,जब तक मिले उधार ।।
Aatank ne kitno ke sindur ujad diye
तर्ज़: ओंठो से छूलो तुम,मेरे गीत अमर करदो
//मिशन सिंदूर गीत//
आतंक ने कितनों के,सिंदूर उजाड़ दिये ।
सिंदूर मिशन द्वारा,उन्हें जिंदा गाड़ दिए ।।
(1)आतंकवादी अड्डे,सब पाकिस्तान में है ।
उन्हें सोफिया कुरैशी ने,जड़ समेत उखाड़ दिए ।।
(2)तू चीन मिसाइल पर,करता था घमंड कितना ।
किए ड्रोन से जो हमले असमान में फाड़ दिए ।।
(3)थल सेना नभ सेना,अब जल सेना आई ।
सब मुस्लिम देवों ने,क्यों पल्लू झाड़ दिए ।।
(4)जब पाक खत्म होगा,तब आतंक खत्म होगा ।
युद्धविराम उलंघन कर,संबंध बिगाड़ लिए ।।
(5) नूर खान हवाई बेस,का नाम मिटा डाला ।
फिर"पदम"जवानों ने, वहां झंडे गाड़ दिए ।।
!! इति!!
Sunday, March 30, 2025
No devi Amrit bani
तर्ज़:- दुर्गा अमृत बानी (अनुराधा पौडवाल)
।। नो देवी अमृत धारा।।
नों देवी को नमन करूँ,सुमरु बारम्बार।
वंदन अभिनंदन करूं,नव रात्रि त्यौहार ।।
गुरुवर ज्ञान का दीप जले,मंगल करो गणेश
सरस्वती मैया मेरे, काटो विघ्न क्लेश
नर नारी सब अर्ज करें, खड़े माई के द्वार ।
धूप कपूर की आरती,हो रही जय जयकार ।।
**** संकट हरनी मां ,मंगल करनी मां ****
(1) शैल पुत्री प्रथम सुमर,मैया बैल सवार।
पूरी हो मनकामना, सच्चा है दरबार।।
दाएं हाथ त्रिशूल लिए,पाप विनाशनी मां
बाएं हाथ में कमल धरे,संपत्ति दायिनी मां
गाय के घी से हलवे का,भोग करो स्वीकार ।
धूप कपूर की आरती,हो रही जय जयकार ।।
***संकट हरनी मां ,मंगल करनी मां***
(2) ब्रह्मचारिणी माई का, दूजा है स्थान।
करलो इनकी साधना,हो जाए कल्याण।।
श्वेत वस्त्र जयमाल धरे,लिए कमंडल हाथ ।
जप और त्याग की मूर्ति,हरे कोटि अपराध ।।
मिश्री खांड का भोग है,भोग करो स्वीकार ।। धूप कपूर की आरती,हो रही जय जयकार ।।
***संकट हरनी मां,मंगल करनी मा ***
(3) माई चंद्रघंटा सुमर, तीजे लेऊ मनाए।
जग जननी जग तारिणी,बिगड़े काज बनाए
अर्ध चंद्र मस्तक धरे,रहे बाघ असवार ।
दस मुखी मां चिंता हरे,सदा भरे भंडार।।
दूध से बनी मिठाई का, भोग करो स्वीकार ।
धूप कपूर की आरती,हो रही जय जयकार।।
***संकट हरनी मां,मंगल करनी मां ***
(4) कूष्मांडा माई की,चौथी पूजन होय ।
जो चरणों में ध्यान धरे,सफल मनोरथ होय।।
कर में अमृत कलश लिए, सिंघा पर असवार
अष्ट भुजा धारी मां की, महिमा अपरंपार
मीठे मालपुआ धरे, भोग करो स्वीकार ।
धूप कपूर की आरती,हो रही जय जयकार ।।
***संकट हरनी मां,मंगल करनी मां ***
(5) स्कंद माता आपको,पंचम लेउ मनाए।
चार भुजा शिशु धारणी, हम दर्शन को आए।।
कर में कमल सुहावना, बैठी सिंह सवार
सबका शुभ मंगल करे,सबका करे उद्धार
केला फल अर्पण करें,भोग करो स्वीकार ।
धूप कपूर की आरती,हो रही जय जयकार ।।
***संकट हरनी मां,मंगल करनी मां***
(6) कात्यायनी माई की,महिमा कही न जाए।
छठवीं मां की साधना, मन चाहा फल पाए।।
दानवता से बैर करे, मानवता से प्यार ।
निर्बल को शक्ति मिले, मैया करे दुलार ।।
पंचामृत ओर शहद का भोग करो स्वीकार ।
धूप कपूर की आरती,हो रही जय जयकार ।।
***संकट हरनी मां,मंगल करनी मां**"
(7) काल रात्रि मात का,सप्तम रूप विशाल।
बैठी मां श्मशान में, डर कर भागे काल ।।
लाल नेत्र अग्नि भरे,बाल रहे बिखराए।
करे गर्दभ सबारी मां , महा प्रलय हो जाए।।
गुड़ से बनी मिठाई का,भोग करो स्वीकार ।
धूप कपूर की आरती,हो रही जय जयकार ।।
***संकट हरनी मां,मंगल करनी मां***
(8) महागौरी अष्टम सुमर, वृषभ पर असवार
श्वेतांबर माला डरी, अद्भुत किया सिंगार ।।
श्वेत बरण महा गौरी का,सुंदर रूप महान ।
सौम्य स्वरूपा शांति का, देती है वरदान ।।
नारियल निबुआ भोग धरे, भोग करो स्वीकार ।
धूप कपूर की आरती,हो रही जय जयकार ।।
***संकट हरनी मां,मंगल करनी मां***
(9) नवमीं मां सिध्दात्री, महिमा बड़ी अपार।
कन्या पूजन जो करे,भर जाए भंडार।।
कष्ट मिटे ओर पाप कटे,मोक्ष दायिनी मां।।
ज्ञान ध्यान भक्ति मिले, सिंघ बाहिनी मां
खीर पुड़ी का भोग है,भोग करो स्वीकार ।
धूप कपूर की आरती,हो रही जय जयकार ।।
***संकट हरनी मां,मंगल करनी मां***
(10) नव देवी की शरण में,"पदम",करे गुणगान।
सब पे कृपा कीजिए,हम बालक नादान।।
अर्चन पूजन माई की,श्रद्धा से फल पाए
माँ की भक्ति साधना, करे ध्यान मन लाए ।
पूजन अर्चन माई की,श्रद्धा से फल पाए ।
नर नारी सब अरज करें, खड़े माई के द्वार ।
धूप कपूर की आरती,हो रही जय जयकार ।।
****संकट हरनी मां,मंगल करनी मां ****
//इति//
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Sunday, March 16, 2025
Tunak tunak tunak tunna,Sri radhe radhe japna
तर्ज:- तुनक तुनक तुक तुन्ना,सुनो पावनी विन्ना
//राधे जी का भजन//
तुनक तुनक तुक तुनना
होली में राधे कृष्णा
एक दूजे ने रंग डारे
एक दूजे को रंग डारे
जपो दिन हो या रैन
मिले बड़ों सुख चैन ।।तुनक ।।
(1) तुनक तुनक तुक तुनना
श्री बृंदावन में रहना
श्री राधे राधे जपना
मिल जाएंगे श्री कृष्णा
श्री दामा की है बेहन ।
मिले बड़ा सुख चैन ।।तुनक ।।
(2) मोहन है मुरली बाला
नंदलाला है गोपाला
दघ माखन लुट के खाए
निधिवन में रास रचाए
जपो दिन हो या रैन ।
मिले बड़ा सुख चैन ।।तुनक ।।
(3) एक बरसाने की गौरी
कान्हा से खेले होरी
कान्हा ने भर पिचकारी
राधा के सम्मुख मारी
चंद्रावली की है भैन ।
मिले बड़ा सुख चैन ।। तुनक ।।
(4) श्री बलदाऊ के भैया
मेरी पर लगादो नैया
बिन तेरे कृष्ण कन्हैया
कोई "पदम"काऊ को नैया
जपो दिन हो या रैन ।
मिले बड़ा सुख चैन ।।तुनक ।।
//इति//
Wednesday, March 12, 2025
Tunak tunak tuk tunna,ek banni hai ek banna
तर्ज़:- तुनक तुनक तुक तुन्ना
// शिव विवाह गीत//
तुनक तुनक तुक तुन्ना
शिव की बारात में चलना
शिवरात प्लास है फूला
शिव शंभू बन गए दूल्हा
बनीं गौरा दुल्हेन।
वहीं मिले सुख चैन ।। तुनक ।।
(1) ना घोड़ा है ना हाथी
बने भूत प्रेत बाराती
श्मशान की भसम लपेटे
नंदी पे शिव जी बैठे
लगी भूतों की लेन ।
वहीं मिले सुख चैन ।। तुनक ।।
(2) बह दीनदयाल है भोले
औघड़ प्रतिपाल है भोले
कालों के काल हैं भोले
बह महाकाल हैं भोले
तीरथ नगरी उज्जैन ।
वहीं मिले सुख चैन ।। तुनक ।।
(3) एक बात "पदम"की सुनना
शिव शिवम शिवम शिव जपना
शिव के चरणों में जीना
शिव के चरणों में मरना
भजो शिव को दिना रैन
वहीं मिले सुख चैन ।। तुनक। ।।
// इति //
Thursday, February 6, 2025
Sai ke dar aa jana,teri kismat jagegi
तर्ज़ :-छाप तिलक सब छीनी रे तोसे नैना मिलाय के
।। साईं भजन ।।
साईं के दर आ जाना,तेरी किस्मत जगेगी ।।
साईं का जग दीवाना,तेरी किस्मत जगेगी ।।
(1)। साईं नाथ के दर्शन करलो
अपनी खाली झोली भरलो
साईं चरण रज पाना ।। तेरी किस्मत ।।
(2) निर्धन को धन देने वाले
निर्बल को बल देने वाले
साईं मरम न जाना ।। तेरी किस्मत ।।
(3) साईं सबके दुख हर लेंगे
कृपा की बरसात करेंगे
"पदम"साईं गुण गाना ।।तेरी किस्मत ।।
// इति//
Monday, February 3, 2025
Shri Ram ke bhajan bina jivan
तर्ज:- श्री राम से कह देना एक बात अकेले मे
एवं
ओंठो को छूलो तुम,मेरे गीत अमर करदो
// राम भजन//
श्री राम के भजन बिना नर तन किस काम का है ।
मन में दया धरम बिना,जीवन किस काम का है ।।
(1)एक फूल कभी तुमने मंदिर में चढ़ाया नहीं
खुशबू से महकता हुआ गुलशन किस काम का है।।
(2) हर डाल पे लिपट रहे, करयारे नाग कई
त्रिपुंड तिलक बिना,चंदन किस काम का है ।।
(3) छप्पन रुचि भोग धरे, हरि के न मन भाए
तुलसी के पात्र बिना भोजन, किस काम का है ।।
(4) रुपया पैसा माया,यह आनी जानी है
निर्धन की मदद बिना,यह धन किस काम का है
(5) नित मंदिर में जाते,नित ध्यान "पदम" करते,
श्रद्धा सत कर्म बिना, पूजन किस काम का है।।
//इति//
सूना सूना आंगन,सुना रक्षा बंधन
जिस बहिन का भाई न हो,सावन किस काम का है।।
Friday, January 31, 2025
Kajrare nainon ne yah kya kiya
तर्ज:-- पल पल न माने टिंकू जिया
कजरारे नैनों ने यह क्या किया
मोनालिसा को वायरल कर दिया
(1)महा कुंभ में बेचने आई माला
परिवार के संग इंदौर की बाला
मीडिया बालों ने हाथों हाथ ले लिया ।।
(2) महाकुंभ जब तक यहीं पर रहेंगे
सोचा था अच्छी कमाई करेंगे
कुंभ नहाए गंगा जल भी पिया ।।
(3) बहुत भीड़ में सबको माला दिखाई
वीडियो बनाया किसी ने रील बनाई
कैसी कैसी मुश्किल में हमने जिया ।।
(4) बंजारा बेटी युवा सुंदरी है
यह दुनिया उसकी दीवानी हुई है।
"पदम"देखो कलियुग में क्या हो रिया ।।
//इति//
Chalo UP chalo
तर्ज़:- रंग में रंगे,राम रंग रंगे
महा कुंभ गीत
चलो यू.पी.चलो,चलो यू.पी.चलो ।
Tuesday, December 31, 2024
Shiv ke mandir me jane,nai sal kho
तर्ज:- ऐसी दुपहरिया न जाऊं रे,डोली
तर्ज:- सावन की बरसे बदरिया, मां की भीगे
तर्ज:- मंदिर से दौड़ी चली आऊंगी,
//नई साल का धार्मिक गीत//
शिव के मंदिर में जाने ।
नई साल खो मनाने।।
(1) जो शिव जी की शरण में आवे
हर मुश्किल का हल मिल जावे
एक लौटा जल है चढ़ाने ।। नई साल ।।
(2) पच्चीस गई साल छब्बीस आई
हिंदू राष्ट्र की ज्योती जगाई,
भगवा ध्वज लहराने ।। नई साल ।।
(3) जात पात में हम सब बट रहे
बंगला देश में हिंदू कट रहे
मोदी लगे सुलझाने ।। नई साल ।।
(4) एक दूजे के मन को टटोलो
सब मिल happy new year बोलो
"पदम" के बचन सुहाने ।। नई साल ।।
// इति //
Thursday, December 26, 2024
Shri Ram ji ke charan vandnam
तर्ज:-बहुत प्यार करते हे तुमको सनम
।। नए साल का सनातनी गीत।।
श्री राम जी के चरण वन्द्नम
नए बर्ष का आओ करें स्वागतम
(1)श्री राम की जिस पर कृपा रहेगी
मुसीबत टलेगी बिगड़ी बनेगी
श्री राम का है भजन सुंदरम ।।
(2) हरी भरी तुलसी हे जिसके आंगन में
अमन चैन बरसे उसके जीवन में
चौबीस को गुड बाय, पच्चीस को वेलकम।।
(3)नए बर्ष की सबको ढेरों बधाई
हिंदू राष्ट्र की सबने आशा लगाई
सच्चाई का पथ है सनातन धरम।।
(4)बुधवार के दिन नया साल आया
गजानंद को भक्तों ने लड्डू चढ़ाया
"पदम"ऋद्धि सिद्धि करे मंगलम ।।
// इति,//
Thursday, November 28, 2024
Kashi ke kal Bhairav nath
तर्ज :-हुरिया में उड़े रे गुलाल
काशी के काल भैरव नाथ
तुम्हारी जय जय हो।।
Friday, September 13, 2024
Khatu nagariya Jana,mujhe shyam ne bulaya
तर्ज:- छाप तिलक सब छीनी रे,
खाटू नगरिया जाना रे
मोहे श्याम ने बुलाया
श्याम का में दीवाना
मुझे श्याम ने बुलाया
(1) श्याम मिलन की अपार खुशी है
कार्तिक सुदी तिथि एकादशी है :- 2
श्याम जन्म दिन मनाना ।। मुझे श्याम ।।
(2)श्याम का नाम जपूं दिन रेना,
मन मेरा नाचे श्याम के अंगना :- 2 श्याम
श्याम के रंग रंग जाना ।। मुझे श्याम ।।
(3) श्याम शरण में बली बली जाऊं ,
कीर्तन करूं भजन नित गाउं :- 2
श्याम चरण रज पाना ।।मुझे श्याम ।।
(4) कांटों में ही फूल खिले है,
जीवन में दिन चार मिले है:- 2
"पदम"श्याम गुण गाना ।।श्रीमुझे श्याम ।।
खाटू नगरिया जाना रे ,
मुझे श्याम ने बुलाया ।।
।। इति ।।
Shri shyam suno,shri shyam suno
तर्ज:- ओ मेरे सनम ओ मेरे सनम
दोहा:- ब्रह्माण्ड के सारे देवों में
एक देव निराला देखा है
किस्मत के लेख मिटा देता
ऐसा खाटू बाला देखा है
श्री श्याम सुनो,मेरे श्याम सुनो
ओ कलियुग के अवतार सुनो
मुझ दीन दुखी की पुकार सुनो ।।श्री श्याम सुनो ।।
(1) हारे के सहारे कहलाते
कभी सपने में भी आ जाओ
में कबसे दर दर भटक रहा
रोते को गले लगा जाओ
श्री कृष्ण को शीश का दान दिया
लख दाता हो दातार सुनो ।।श्री श्याम ।।
(2) दुनिया में बहुत सहारे है
मेरा तो सहारा तुम ही हो
मेरी नैया पतवार तुम ही
मेरा तो किनारा तुम ही हो
मझधार रखो या पार करो
यह तुम को है अधिकार सुनो ।। श्री श्याम ।।
(3) उड़ जाता लेकिन पंख नहीं
खाटू के दर से दूर हूं में
दर्शन को मनवा तड़फ रहा
केसे आऊं मजबूर हूं में
गुण गाए "पदम"मरते दम तक
तुम ही मेरे आधार सुनो ।। श्री श्याम ।।
//इति//
Wednesday, September 4, 2024
Damak dam damru bole,mere shivshankar bhole
तर्ज़:- अरे रे मेरी जान है राधा
// शिव जी का भजन//
डमक डम डमरू बाजे, भोला शमशान में नाचे ।
देवों में बाबा का बड़ा नाम है ।।
तीनों लोकों में बड़ा नाम है ।।
काशी में तुम्हारा बड़ा धाम है ।।
देवों में है बाबा,औघड़ दानी तुम ही हो
मुंह मांगा वर देते हो,वर दानी तुम ही हो
उज्जैन के महाराजा हो,कैलाश निवासी हो
भूत प्रेत के संगी हो,शमशान के बासी हो
डमक डम डमरू बोले.................
(1) तीन नेनो वाले,महादेव तुम ही हो
सब से निराले ,महादेव तुम ही हो
देवों के महादेव,भोले भाले तुम ही हो
मस्तक पर त्रिपुंड ,लगाने वाले तुम ही हो
डमक डम डमरू बोले ....................
(2) शिव है आदि और अनादि ,शिव ही अंत है
कोई न जाने शिव की महिमा,बड़ी अनंत है
शिव जोगी है शिव योगी है ,कालों का है काल
शिव है काल भैरव बाबा,शिव है महाकाल
डमक डम डमरू बोले...................
(3) पार्वती के पति जति, भरतार तुम ही हो
ओम हो ओंकार हो,साकार तुम ही हो
भक्ति और मुक्ति के, आधार तुम ही हो
"पदम"की डोले नैया के, पतवार तुम ही हो
डमक डम डमरू बोले.................... //इति//
Tuesday, August 27, 2024
Aayo aayo re tija ko tyohar ,fulera jhule ghar ghar me
तर्ज़ :- लोक गीत
// हरतालिका तीज का भजन //
आयो आयो रे तीजा को त्योहार ।
फुलेरा झूले घर घर में ।।
(1) भादों माह सुदी पखवारा,तिथि है तीजा आई। माता बहनें बहू बेटियां,ज्योत अखंड जलाई
Saturday, August 24, 2024
O damru bale,tere damru ki dam dam
तर्ज़ :- ओ बाबुल प्यारे,रोए पायल की छमछम
फिल्म:- जोनी मेरा नाम
// शिव जी का भजन,//
ओ डमरू वाले ।।हो.........
हो आगड बम बागड़ बम
हो तेरे डमरू की डम डम
हो डोले धरती और गगन ।।हो डमरू वाले ।।
हो शिव का नाम जपे हरदम
हो तेरी शरण में आए हम
हो कोटि कोटि तुम्हे नमन ।। हो डमरू वाले ।।
,(1)
फागुन वदी चौदस तिथि आई
आई है मंगल बेला
चली शिव जी की बारात
ब्रम्हा विष्णु भी है साथ
हुआ शिव और गौरा मिलन ।। हो डमरू ।।
(2)
शिव जी ने गौरा से भांगिया घुटाईं
छाले पड़े हाथों में
गौरा बोली भोले नाथ
में न छोडूं शिव का साथ
इन्हीं चरणों में जीवन मरण ।। हो डमरू ।।
(3)
अंग भबूत बगल मृगछाला
फिरते अलख जगाते
शिव जी कालों के है काल
शिव है उज्जैन में महाकाल
लो "पदम"गाओ शिव के भजन ।। हो डमरू ।।
//इति//
Tuesday, August 13, 2024
Chal chal chal re kabadiya
तर्ज़:- सावन की बरसे बदरिया
// काबड़िया भजन //
चल चल चल रे काबड़िया
भोले शिव की दुअरिया ।।
(1) गंगा से जल भर कर लाना
गंगा जल शिव जी को चढ़ाना
बहुत कठिन है डगरिया।। भोले शिव ।।
(2) श्रावण मास में शिव का वंदन
पार्थिव शिव की करलो पूजन
पल पल बीते उमरिया ।। भोले शिव ।।
(3) कालों के है काल महाशिव
उज्जैन में महाकाल महाशिव
"पदम" की लेलो खबरिया ।।भोले शिव।।
// इति //
Saturday, August 3, 2024
Ma dasham din chali,hamse hokar vida
तर्ज़:- निर्बल के प्राण पुकार रहे,जगदीश हरे जगदीश हरे
//माता रानी का विदाई भजन//






