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Sunday, September 30, 2018

Luv Kush Ji Ke Charano Me

------- तर्ज़:-होठों को छूलो तुम, मेरे गीत --------
फ़िल्म:-प्रेम गीत
तर्ज़:-श्री राम से कह देना एक बात अकेले में

!!भजन!!

लवकुश जी के चरणों मे,श्रद्धा से नमन करलो।
आराध्य हमारे है,  पूजन अर्चन करलो ।।

(१)कुशवाहों के वंशज है,रघुकुल के स्वामी है,
सूंदर है युगल जोड़ी, सत के पथ गामी है।
यह समाज फले फूले,इनका सिमरन करलो ।।
लवकुश जी के चरणों में----------

(२)ममता मयी सीता के,आँचल की छाह मिली,
वन में खेला वचपन,भक्ति की ज्योति जली।
श्री राम प्रभु जी की,छवि के दर्शन करलो।
लवकुश जी के चरणों में-----------

(३)श्री वाल्मीकि जी से ,शिक्षा का दान मिला,
शत्रु पे विजय पाना,रण क्षेत्र का ज्ञान मिला।
गुरु वर की कृपा का, मन से चिंतन करलो।।
लवकुश जी के चरणों मे-----------

(४)लवकुश जैसा कोई,न वीर न बलशाली,
जब यज्ञ का अश्व मिला,हुआ युद्व विजय पा ली,
वेदों में लिखी महिमा,जन जन मंथन करलो।।
लवकुश जी के चरणों मे----------

(५)हो जाये सफल जीवन,यह जतन हमारा हो,
गुणगान"पदम"गाये, प्रभु संग तुम्हारा हो।
भव से तर जाएंगे, लवकुश के भजन करलो।।
लवकुश जी के चरणों मे,श्रद्धा से नमन करलो।

    ।।इति।।


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Thursday, August 30, 2018

Luv Kush Ji Ke Charno Me

------ तर्ज:-होठो को छूलो तुम ------
------ फ़िल्म:-प्रेम गीत ------
तर्ज़:-श्री राम से कह देना एक बात अकेले में

।।लव कुश जी का भजन।।

लवकुश जी के चरणों मे,
श्रद्धा से नमन करलो।
आराध्य हमारे है,
पूजन वंदन करलो।।लव।।

 (१)कुशवाहो के वंशज है,
रघुकुल के स्वामी है।
सुंदर है युगल जोड़ी,
सत के पथ गामी है।
ये समाज फले फूले
इनका सिमरन करलो।।लव।।

(२)ममता मयी सीता के,
आँचल की छाँह मिली,
वन वन बीता बचपन,
भक्ति की ज्योति जली।
श्री राम प्रभु जी की,
छवि के दर्शन करलो।।लव।।

(३)श्री बाल्मीक जी से,
शिक्षा का दान मिला।
शत्रु पे विजय पाना,
रन क्षेत्र का ज्ञान मिला।
गुरुवार की किरपा का,
मन से चिंतन करलो।।लव।।
(४)लव कुश जैसा कोई,
ना वीर ना बलशाली।
जब यज्ञ का अश्व मिला,
हुआ युद्ध विजय पाली।
वेदों में लिखी महिमा,  
जनजन अर्चन करलो।।लव।।

(५)हो जाये सफल जीवन,
ये जतन हमारा हो।
गुणगान "पदम"गाये,
प्रभु संग तुम्हारा हो।
भव से तर जायेगे,
लवकुश के भजन करलो।लव

  ।।इति।।

लवकुश भगवान की जय।।
हिन्दू धर्म की जय।।
गौ माता की जय।।
भारत माता की जय।।


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Tuesday, April 4, 2017

Shree Luv Kush Bhagwan ki Aarti

ॐ जय लव कुश देवा, ॐ जय लव कुश देवा    ।
आरती भगत उतारें, संत करें सेवा                     । । ॐ । ।


श्रावण मास की पूनम, लव कुश जनम लिये      । स्वामी ।
सकल देव हर्षाये , ऋषि मुनि धन्य किये           । । ॐ । ।

वाल्मीकि जी के मढ़ में, बचपन बीत गया           । स्वामी ।
अस्त्र शस्त्र की शिक्षा, चित आनंद भया             । । ॐ । ।

अपने प्रिय गुरुजन की, आज्ञा सिरो धाई            । स्वामी ।
मात सिया चरणों में, सुत प्रीति पाई                  । । ॐ । ।

विजयी विश्व का परचम, अवध में लहराया         । स्वामी ।
अश्व मेघ का घोड़ा, लव कुश मन भाया             । । ॐ । ।

बीर बली बंधन में, लक्ष्मण जान गए                   । स्वामी ।
पिता पुत्र फिर रण में, सन्मुख आन भये             । । ॐ । ।

दुखी जनो के प्रभुजी, दुर्गुण चित्त न धरो             । स्वामी ।
शरणागत जो आवे, ताकि विपति हरो                 । । ॐ । ।

लुव कुश देव की आरती, जो कोई जन गावे         । स्वामी ।
"पदम्"  कहत वह  प्राणी, सुख संपत्ति पावे         । । ॐ । ।


। । हिन्दू धर्म की जय, लव कुश भगवान  की जय  । ।


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