Sunday, September 19, 2021

सजादो मन को मधुवन सा, मेरे गणराज आये है।

       तर्ज़:-सजादो घर को गुलशन सा, मेरे सरकार आये है।

                  *श्री गणेश जी का भजन*

   सजादो मन को मधुवन सा,मेरे गणराज आये है ।

   लगे हर गुल भी गुलशन सा,मेरे गणराज आये है ।।

(1)सुदी भादों चतुर्थी को,झुलावे गौरा गणपति को-2
    चमन महकेगा चन्दन सा,मेरे गणराज आये है ।।

(2)है माता गौरा कल्याणी,पिता है भोले वरदानी-2
   ललन है अलख निरंजन सा,मेरे गणराज आये है ।।

(3)है दाता रिद्धि सिद्धि के,है दाता ज्ञान बुद्धि के-2
   "पदम्"है दास निर्गुण सा,मेरे गणराज आये है ।।
   सजादो मन को मधुवन सा,मेरे गणराज आये है ।।
                          //इति//   





                 

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