Wednesday, August 22, 2018

Chalo Re Chalein Darshan Ko


लागो लागो रे माई को दरबार,
चलो रे चलें दर्शन को ||

माई के अंगना पवन बुहारे, अगन माई की आरती उतारे,
धरती अम्बर में गूंजे है जयकारे || चलो ||

माई की शरण में जो भी आये, बिन मांगे सब कुछ पा जाये,
मेरी माई के भरे है भण्डार || चलो ||

माई की महिमा सबसे न्यारी, शीश झुकाए दुनिया सारी,
एक दाती है सवाली हैं हजार || चलो ||

सबसे सांचा माँ का द्वारा, दूर करे मन का अँधियारा,
माँ के हाथों में है सबकी पतवार || चलो ||

पदम्माई की बात निहारे, दूखन लागे नयन हमारे,
कर लो गीतों की यह माला स्वीकार || चलो ||

-: इति :-


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