Friday, August 10, 2018

Jag Ki Taaran Haar

------ तर्ज:- अमुवा की डारी ------

जग की तारण हार नैनन आन बसों महारानी,
संकट काटन हार नैनन आन बसो महारानी ||

धुप दीप नैवैध चढ़त हैं,
हलुवा पूड़ी के भोग लगत हैं,
माँ करलो स्वीकार || नैनन ||

माँ अम्बे जगदम्बे काली,
कोई कहे तुम्हे मैहर बाली,
तोरे रूप हज़ार || नैनन ||

लांगुर बीर करत अगवानी,
हनुमत ठाड़े द्वार भवानी,
पीले शेर सबार || नैनन ||

धर लियो माँ ने रूप भयंकर,
चरनन लेट गए शिव शंकर,
कैलाशी करतार || नैनन ||

चंदा सूरज नयन तुम्हारे,
माँ के अंगना पवन बुहारे,
महिमा अपरम्पार || नैनन ||

ऋषि मुनि माँ के जस गायें,
गीत "पदम्" ने भेंट चढ़ाये,
बोलो जय जयकार || नैनन ||

-: इति :-


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