Wednesday, January 10, 2018

Miya Yaad Rakhoge Ya Bool Jaoge

तर्ज:- बतादूं क्या लाना
फिल्म:- पत्थर के सनम 1967

महंगाई का ज़माना थोड़ी रकम कमाना,
इसमें है घर चलाना पिया याद रखोगी या भूल जाओगे,
नारी का है ज़माना सौंपो मुझे घराना,
घर पूरी तनखा लाना मिया याद रखोगे या भूल जाओगे ||

जब पहली हो सीधे घर आना एरों गैरों का बिल न चुकाना,
दूध शक्कर लेने मै जाउंगी नाश्ते में हलवा खिलाऊँगी,
दो दिन मज़ा उड़ाना पूड़ी अगर हो खाना,
तुम डालडा ले आना || मियां ||

मुन्ना के लिए पेंट चाहिए, मकानदार को रेंट चाहिए,
फट गयी फ्रॉक छोटी बेबी की पुस्तक भी लाना शीला देवी की,
एक मेरी साड़ी लाना ब्लाउज न भूल जाना,
यह छोटा सा नजराना || मियां ||

इस तरह नहीं हो घर का गुज़ारा परिवार नियोजन का है यही नारा,
जिस घर में एक-दो बच्चे हैं इसमें शक नहीं वह बड़े अच्छे हैं,
अंकुश पड़े लगाना, बेटी को है बचाना
यह "पदम्" का फ़साना || मियां ||

-:इति:- 


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