Thursday, February 15, 2018

Jamuna Me Nahave Sakhiyan Kare Shor

तर्ज :- सावन का महिना पवन करे शोर
फिल्म:- मिलन 1967

जमुना में नहावें, सखियाँ करें शोर,
चीर चुराके कदम पे चढ़ गयो छलिया नन्द किशोर ||

हाय ज़ुल्म ढाये कृष्ण कन्हैया,
राधा बेचारी कान्हा पड़े तोरे पैयां,
या नटखट के आगे चले न कोई जोर || चीर ||

कान्हा करे क्या जाने हमको इशारा,
जल से हो न्यारी दूँगा चीर तुम्हारा,
मुरली मधुर बजाये वह कान्हा माखन चोर || चीर ||

जब भक्तों ने तुमको पुकारा,
तुमने दिया आके उनको सहारा,
दया नज़र कब होगी ऐ कान्हा "पदम्" की ओर || चीर ||

-:इति:-


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