Friday, April 20, 2018

Radha Gori Chora Chori

मैं ग्वालों का राजा हूँ, तू सखियों की रानी है,
राधा गोरी चोरा चोरी, आजा रुत यह सुहानी है ||

तू धार है यमुना की, मैं तेरा किनारा हूँ,
वृषभान की तू लाडली, मैं यशोदा का प्यारा हूँ,
निधि वन में चली आना, रास लीला रचानी है || राधा ||

लीला है कन्हैया की, सखियों का है भोलापन,
सब सखियों के संग में, वह नाच रहे मोहन,
मोहन भी दीवाने है, राधा भी दीवानी है || राधा ||

भव से जो तरना है, कुछ यतन "पदम्" करले,
मोहन मिल जायेंगे, राधे का भजन करले,
राधे और मोहन की यही प्रेम कहानी है || राधा ||

-: इति :-


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