Thursday, April 12, 2018

Nandi Pe Bhole Chale

------ तर्ज:- नीले गगन के तले ------
------ फिल्म:- हमराज़ ------

नंदी पे भोले चले,
अंगों में अस्मी मले,

गंगा बहाते, डमरू बजाते, चंदा की ज्योत जले ||

हाथों में डमरू, पांव में घुंघरू, धूनी रमाते चले ||

कानों में कुंडल, करते हैं झिलमिल, नागों की माला गले ||

शिव भोले भाले, जग से निराले, दानी है नाथ भले ||

वह ज्ञान दाता, बुद्धि विधाता, भक्ति से कष्ट टले ||

दर पे मैं जाऊं, विनती सुनाऊं, मुक्ति की राह मिले ||

आये सवाली, जाए न खाली, ज्ञान "पदम्" को मिले ||

-: इति :-




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