Saturday, September 8, 2018

Meri Laaj Rakho Krishna

 ------ तर्ज:- रंग रंग के फूल खिले मोहे भाये कोई ------
------ फिल्म:- आन मिलो सजना ------

अंग भंग करे नीच दुशाशन द्रौपदी करे प्रार्थना,
मेरी लाज राखो कृष्णा - 2

मेरी बाजी जुये में लगायी है,
मेरी इज्जत की किश्ती डुबाई है,
पाँचों पांडव भी बैठे हैं सामने,
मेरे स्वामी ने गर्दन झुकाई है,
पापी हमारी करे खुआरी, आये इसे लाज ना || मेरी ||

यह रचाया हुआ एक जाल था,
कौरवों की नियत में मलाल था,
तेरी द्रौपदी की अस्मत से खेलना,
इस तरह से दुशाशन का ख्याल था,
भैया हमारे नैना हारे रो रो करूं वंदना || मेरी ||

थक गए हाथ जब बईमान के,
जो कि दुश्मन थे द्रौपदी की शान के,
"पदम्" श्याम दीनों के नाथ हैं,
टुकड़े टुकड़े किये अभिमान के,
धीर बंधाया चीर बढ़ाया, पूरी हुयी कामना || मेरी ||

-: इति :- 


Share:

0 comments:

Post a Comment

Contributors

Follow by Email