तर्ज़ :- लोक गीत
// हरतालिका तीज का भजन //
आयो आयो रे तीजा को त्योहार ।
फुलेरा झूले घर घर में ।।
(1) भादों माह सुदी पखवारा,तिथि है तीजा आई। माता बहनें बहू बेटियां,ज्योत अखंड जलाई
तर्ज़ :- लोक गीत
// हरतालिका तीज का भजन //
आयो आयो रे तीजा को त्योहार ।
फुलेरा झूले घर घर में ।।
तर्ज़ :- ओ बाबुल प्यारे,रोए पायल की छमछम
फिल्म:- जोनी मेरा नाम
// शिव जी का भजन,//
ओ डमरू वाले ।।हो.........
हो आगड बम बागड़ बम
हो तेरे डमरू की डम डम
हो डोले धरती और गगन ।।हो डमरू वाले ।।
हो शिव का नाम जपे हरदम
हो तेरी शरण में आए हम
हो कोटि कोटि तुम्हे नमन ।। हो डमरू वाले ।।
,(1)
फागुन वदी चौदस तिथि आई
आई है मंगल बेला
चली शिव जी की बारात
ब्रम्हा विष्णु भी है साथ
हुआ शिव और गौरा मिलन ।। हो डमरू ।।
(2)
शिव जी ने गौरा से भांगिया घुटाईं
छाले पड़े हाथों में
गौरा बोली भोले नाथ
में न छोडूं शिव का साथ
इन्हीं चरणों में जीवन मरण ।। हो डमरू ।।
(3)
अंग भबूत बगल मृगछाला
फिरते अलख जगाते
शिव जी कालों के है काल
शिव है उज्जैन में महाकाल
लो "पदम"गाओ शिव के भजन ।। हो डमरू ।।
//इति//
तर्ज़:- सावन की बरसे बदरिया
// काबड़िया भजन //
चल चल चल रे काबड़िया
भोले शिव की दुअरिया ।।
(1) गंगा से जल भर कर लाना
गंगा जल शिव जी को चढ़ाना
कृपा की बरसे बदरिया।। भोले शिव ।।
(2) श्रावण मास में शिव का दर्शन
पार्थिव शिव की करलो पूजन
पल पल बीते उमरिया ।। भोले शिव ।।
(3) कालों के है काल महाशिव
उज्जैन में महाकाल महाशिव
"पदम" की लेलो खबरिया ।।भोले शिव।।
// इति //
तर्ज़:- निर्बल के प्राण पुकार रहे,जगदीश हरे जगदीश हरे
//माता रानी का विदाई भजन//
Jag dambe bhuwna me nache
तर्ज़:- नगरी नगरी द्वारे द्वारे ढूंढू रे सवारिया
माता रानी का भजन
जगदम्बे भुवना में नाचे,छम छम बाजे पायलिया ।
मौर पपीहा नाचन लागे, कुहू कुहू बोले कोयलिया।।
(1) नगरे नाचे,भैरों नाचे,नाचे चौसठ योगनिया-2
झूम झूम के हनुमत नाचे, घुट्टन नाचे लांगुरिया-2
शिव शंकर का डमरू बाजे,मन मोहन की बांसुरिया ।।
(2) मां जग जननी तुम्हारे,ढोल नगाड़े बाज रहे- 2
ब्रम्हा नाचे विष्णु नाचे,संग में नारद नाच रहे - 2
जगत नचाने बाली नाचे, ओढ़ के रेशम चुनरिया ।।
(3)आठदीप नोखंड तुम्हारी,जगमग जगमग ज्योति जले
"पदम"ना मांगे धन और दौलत, मां चरणों में शरण मिले
लाल निशान शिखर लहराए,आरती होवे दोई बिरियां।।
// इति//
तर्ज़:- में निकला गड्डी लेके,रस्ते में एक सड़क पे
फिल्म:- ग़दर
!! खाटू श्याम भजन !!
में निकला जयपुर से,रस्ते में रिंगस के,
एक मोड़ आया, खाटू के दर दौड़ आया ।।
(1) बाबा का मन में ध्यान किया
रिंगस से एक निशान लिया
एक लाल चुनर में नरियल को
उस निसान के उपर बांध दिया
भक्ति में झूमा तन मन,ममता के सभी बंधन
में तोड़ आया । बाबा के दर दौड़ आया ।।
(2) आगे फिर तोरण द्वार मिला
बाबा का प्यार दुलार मिला
जहां ढोल नगाड़े बाज रहे
बाबा के प्रेमी नाच रहे
हुआ सच्चा मेरा सपना, प्रेमियों में नाम अपना
में जोड़ आया । बाबा के दर दौड़ आया ।।
(3) राधे के नाम का तिलक लगा
यूं समझो मेरा भाग्य जगा
एक सुर्ख गुलाब का फूल लिया
मेने श्याम चरण में भेंट किया
यही दर है मेरी मंजिल,वह निशान वह नारियल
वही छोड़ आया । बाबा के दर दौड़ आया ।।
(4) खाटू का धाम निराला है
वह नीले घोड़े बाला है
यह "पदम"विपति का मारा है,
हारे का श्याम सहारा है
खाटू का जयकारा,ज्योति का उजियारा
नया भौर लाया । खाटू के दर दौड़ आया ।।
// इति//
तर्ज़:- बाबुल की दुआएं लेती जा -------
फिल्म,:- नील कमल
// माता का विदाई गीत //
नो दिन सबके संकट हरना ।
दसवें दिन माई चले जाना ।।
जन जन के भंडारे भरना ।
दसवें दिन माई चले जाना ।।
(1) नहीं पूड़ी हलुवा पास मेरे ,
तुम्हे भोग लगाऊं में कैसे ,
नारियल निबुआ की भेंट धरी
तुम्हे माई मनाऊं में कैसे
मुझ दिन दुखी पे दया करना ।।
दसवें दिन माई चले जाना ।।
(2)कोड़ी को काया मिलती है
निर्धन को मां धनवान करे
भक्ति को शक्ति मिलती है
निर्बल को मां बलबान करे
बांझन को मां दे कर ललना
दसवें दिन माई चले जाना ।।
(3) महा माई "पदम" की अरज सुनो
मेरे सर पर आपका हाथ रहे
निस दिन मां का गुणगान करूं
बस इतना आशीर्वाद रहे
ममता के द्वार खुले रखना ।।
दसवें दिन माई चले जाना ।।
नो दिन सबके संकट हरना ।
दसवें दिन माई चले जाना ।।
तर्ज़:-चांदी जैसा रंग है तेरा,सोने जैसे बाल ।
// गीत//
देखो रे देखो चांद पे पहुंचा,मेरा चंद्रयान
एक तू ही है महान जगत में,प्यारा हिंदुस्तान ।।
(1) 14जुलाई 23 को यह चंद्रयान जब छोड़ा ,
विक्रम सफल पूर्वक उतरे,उम्मीदों को जोड़ा
इसरो की मेहनत रंग लाई,जीत गया विज्ञान।।
एक तू ही है महान जगत में,प्यारा हिंदुस्तान ।।
(2)धरती माता कहलाती,चंदा मामा कहलाता,
श्रावण माह में भाई बहन ने जोड़ा अपना नाता,
विश्व गुरु हमें बनना है, हैं भारत के अरमान ।।
एक तू ही है महान जगत में, प्यारा हिंदुस्तान ।।
(3)दिन तारीख ,समय महीना,निर्धारित किया सारा,
चांद के साउथ पोल पे जब लहराया तिरंगा प्यारा
"पदम"देश के कीर्तिमान को, देखे सकल जहान ।
एक तू ही है महान जगत में, प्यारा हिंदुस्तान ।।
!! इति !
तर्ज़:- सो साल पहले,मुझे तुमसे प्यार था
फिल्म:- जब प्यार किसी से होता है
; खाटू श्याम का भजन ;
नीले नीले घोड़े बाला,मेरा खाटू श्याम हे - 2
आज भी है और कल भी रहेगा ।।
बिगड़ी बनाने बाला,मेरा खाटू श्याम है
(1) मेरी नाव पुरानी है,और दूर किनारा है
तूफान से क्या डरना,जब श्याम हमारा है
पार लगाने बाला, मेरा खाटू श्याम है- 2
आज भी है,और कल भी रहेगा ।।
(2) खाटू नरेश दर पर ,गूंजे जयकारा है
कलियुग के अवतारी,हारे का सहारा है
शीश दान करने बाला,मेरा खाटू श्याम है - 2
आज भी है,और कल भी रहेगा ।।
(3) तुम तीन बाण धारी, झोली भर देते हो
लख दाता दातारी,संकट हर लेते हो
"पदम"मोरवी का लाला,मेरा खाटू श्याम है - 2
आज भी है, और कल भी रहेगा ।।
//इति//
तर्ज:- सो साल पहले,मुझे तुम से प्यार था ।
फिल्म:- जब प्यार किसी से होता है
// हनुमान जी का भजन //
मात अंजनी का लाला,वीर हनुमान है ।
बड़ा बलवान है ।è
आज भी है और कल भी रहेगा ।। मात।।
सूरज निगलने बाला,वीर हनुमान है
बड़ा बलवान है
आज भी है और कल भी रहेगा ।। मात ।।
(1) तुम सागर लांघ गए,सीता की सुधि लाए,
शक्ति लगी लक्ष्मण को,संजीवनी ले आए
लक्ष्मण जिलाने बाला ,वीर हनुमान है ।।
बड़ा बलवान है ।
आज भी है और कल भी रहेगा ।। मात ।।
(2) तुम विक्रम बजरंगी,तुम संकट मोचन हो
मारूति नंदन हो,तुम असुर निकंदन हो
राम काज करने बाला,वीर हनुमान है ।
बड़ा बलवान है
आज भी है,और कल भी रहेगा ।। मात ।।
(3) श्री राम के चरणों में,हनुमान बसते हैं
हनुमान के हृदय में,श्री राम बसते हैं
"पदम"राम भजने बाला,भगत महान है।
बड़ा बलवान है
आज भी है और कल भी रहेगा ।। मात ।।
// इति//
तर्ज:- ( राई )राम रंग में रंगे,सीता रंगी हरदी में
चलो बागेश्वर धाम,चलो बागेश्वर धाम ।
कृपा करेंगे हनुमान जी ।।
संकट हरेंगे,हनुमान जी ।।
इन्हे करलो प्रणाम,इन्हे करलो प्रणाम ।
कृपा करेंगे हनुमान जी ।।
(1)मध्य प्रदेश में जिला छतरपुर,
ग्राम गड़ा में बनो है मंदिर
जपलो सीताराम जपलो सीताराम ।।कृपा ।।
(2) बागेश्वर की है महिमा न्यारी
दुखी जनों की भीड़ हे भारी
बनजे बिगड़े काम, बनजे बिगड़े काम -2 ।।कृपा ।।
(3) जो कोई अपनी अर्जी लगावे
भूत प्रेत डर कर भग जावे
तुम्हारे दर के गुलाम, तुमरे दर के गुलाम-2 ।।कृपा ।।
(4) सन्यासी को नाम बड़ो है
"पदम" तुम्हारी शरण पड़ो हे
जपलो से सुबह शाम, जपलो सुबह शाम।।
।। कृपा करेंगे हनुमान जी ।।
संकट हरेंगे हनुमान जी ।।
// इति//
तर्ज़:- सो साल पहले मुझे तुमसे प्यार था
//गीत//
पच्चीस साल पहले,मनोज सीमा का ब्याह था
दोनो में बहुत प्यार था ।
आज भी हे और कल भी रहेगा ।
(1) तारीख भी बाइस है,और जून महीना है
सब काम हुऐ पूरे,खुशहाल में जीना है
मुझे नर्मदे मां ने दिया उपहार था - 2 ।।आज भी ।।
(2) देवी और देवों ने , कृपा बरसाई हे
आशीष पिता मां की रंग पे रंग लाई है
धन और वेभव मिला बेशुमार था -2 ।। आज भी ।।
(3) तेरे जीवन की बगिया हर दम गुलजार रहे
गुलशन महके ऐसा तेरा परिवार रहे "
"पदम"सबसे मिलने को जिया बे करार था -2
आज भी है और कल भी रहेगा ।।
// इति//
तर्ज़:- आने से उसके आए बहार जाने से उसके
फिल्म:-जीने की राह
//गीत//तर्ज़:- ऐसी दुपहरिया न जाऊं रे डोली पिछवाड़े रख दो भजन
दंडरौआ धाम अलबेला ।
लगे संतों का मेला ।।
संतों का मेला, लगे भक्तों का मेला ।दोहा:- नशा ना नर को चाहिए,द्रव्य बुद्धि हर लेय
एक नशा के कारीने,सब जग तारी देय
//गीत//तर्ज़:- उज्जैन के राजा , करो कृपा नजरिया
// खाटू श्याम का भजन//
दोहा:::घोर नरक में जायेगा, जो काम करे शैतान का ।
पापी भी तर जाता है,यह दर है खाटू श्याम का ।।
कलियुग के राजा,नीले घोड़े पे आजा
गिरतों को थामना रे।। ओ खाटू बाबा ।।
खाटू नरेशा , नीले घोड़े पे आजा
गिरतों को थामना रे।। ओ खाटू बाबा ।।
(1) शीश के दानी तुम हो कहाते
भटके हुओं को बाबा राह दिखाते -2
तुम्ही नैया ,तुम्ही किनारा ,
भक्तों को तारना रे ।। ओ खाटू बाबा ।।
(2) तुम हो दाता हम दुखियारे
हाथ रखो बाबा सर पे हमारे -2
एक तुम्ही हारे का सहारा
हम को सम्हालना रे।। ओ खाटू बाबा ।।
(3) कृष्ण कन्हैया के तुम अवतारी
"पदम"तेरे चरणों का पुजारी -2
श्याम धनी बाबा है हमारा
दर्शन की कामना रे।। ओ खाटू बाबा ।।
;; इति ;;
तर्ज़:-- तोरे मड़ पे बदरा हो रहे हो मां
// देवी भजन //
मोरे अंगना पधारो मैया शारदे हो मां
मैया सुनलो हमरी पुकार हो
मोरी मैया महारानी ।। मोरे अंगना पधारो मैया ।।
(1) कब आयेगी मैया राह निहारें
दुखन लागे मैया नयन हमारे
मैया कर दईयो उपकार हो
मोरी मैया महारानी ।। मोरे अंगना पधारो मैया ।।
(2) दया करो जी मैया मैहर बाली
तुम ही दुर्गा तुम ही काली
मैया तोरे रूप हजार हो
मोरी मैया महारानी ।। मोरे अंगना पधारो मैया ।।
(3) ऊंचे पहाड़ा मां के भुवन बने है
भुवन में मैया जी के आसन लगे है
मैया लाल लाल मैया को सिंगार हो
मोरी मैया महारानी।। मोरे अंगना पधारो मैया ।।
(4) सुमर सुमर मैया तोरे जस गांवे
जन्म जन्म के दुःख बिसरावें
मैया पदम करे जयकार हो
मोरी मैया महारानी ।। मोरे अंगना पधारो मैया ।।
;; इति ;;
तर्ज़:-होरी खेले रघुवीरा,अवध में होरी खेले रघुवीरा
// दोहा //
फागुन मास की पूनम,आया होली का त्योहार ।
लाल गुलाल उड़त मरघट में,रंगों की बोछार ।।
//मशाना की होली//
होली खेले ओघडिया, मशाना में ।
होली खेले ओघड़िया ।।
(1) हिल मिल आवे भूत, खब्बीसा- 2
ना देखे चोघड़िया ।। मशाना में ।।
(2) वीर भद्र ,बेताल भी नाचे-2
नाचे जली खुपड़िया ।।मशाना में होली।।
(3) गंगा से जल भर कर लाए -2
नाचन लगे काबड़िया ।। मशाना में होली ।।
(4) गौरा ने भंगिया नहीं घोंटी -2
तोड़े सिल्ला लुड़िया।। मशाना में होली ।।
(5) भोला अंग भवूत लपेटे, -2
मरघट की राखुड़िया ।। मशाना में होली ।।
(6) भगत बजा रहे ढोल मंजीरा
,,पदम ,,बजाए नगड़िया ।। मशाना में होली ।।
होली खेले ओघड़िया ।।मशाना में होली ।।
!! इति !!
तर्ज़:- स्वर्ग से सुंदर सपनों से प्यारा
फिल्म:- घर द्वार
** कार्तिक भजन **
कार्तिक महीना बड़ा ही पावन,महिमा बड़ी महान
स्वर्ग छोड़ कर धरा पे आए,श्री विष्णु भगवान
चलो रे चलो दर्शन करलो
मुरादों से झोली भरलो ।।
(1) जो जन कार्तिक मासे,सरिता जल बीच नहाए
गंगा जमुना सरस्वती ,स्नान का फल वह पाए
राधे कृष्ण का चिंतन करलो
कह गए वेद पुराण।।चलो रे चलो दर्शन करलो।।
(2)मध्य महीने पूजन,लक्ष्मी जी की फल दाई।
सालिगराम और तुलसीजीने,व्याह की रीत निभाई
तुलसी पूजन कर परिक्रमा,
हो जाए कल्याण।। चलो रे चलो दर्शन करलो।।
(3) हरे गन्ने का मंडप,हरी के मन को भाते है
पूनम को विष्णु जी, वेकुठ चले जाते है
हरी चरणों में प्रीत लगाले,
भली करें भगवान ।।चलो रे चलो दर्शन करलो।।
(4) कार्तिक मास की पूनम,स्नान दान कर प्राणी
भव सागर तर जाए,यह कह गए ज्ञानी ध्यानी
श्री लड्डू गोपाल का निस दिन
"पदम"करे गुणगान।।चलो रे चलो दर्शन करलो।।
!!इति!!
तर्ज़:- उज्जैन के राजा,करो कृपा नजरिया........
दोहा:- बाबा बाबा सब कहे,माई कहे ना कोय
बाबा के दरबार में, माई करे सो होय
*महा काली भजन*
अम्बे जगदम्बे आए तुम्हरी दुअरिया,
दर से ना टालना रे ।। ओ माता रानी ।।
काली महा काली लेलो हमरी खबरिया ,
दर से ना टालना रे ।। ओ माता रानी ।।
(1) महिषासुर दानव बल शाली
दुर्गा से बन गई,माता महाकाली -2
दुष्ट जनों को मैया संघारो
भक्तों को तारना रे ।। ओ माता रानी ।।
(2) रण में चली मां लेके दुधारी
लट बिखराये करे सिंघा सबारी -2
शुंभनिशुंभ जो लड़ने को आये
रण में पछाड़ना रे ।। ओ माता रानी ।।
(3) हाथों में खप्पर नेनो में ज्वाला
पहने गले में मुण्डों की माला -2
क्रोध की अग्नि शीतल भई जब
शिवजी का सामना रे ।। ओ माता रानी ।।
4)"पदम"हे मां के दर का भिखारी
मैया हरो हर विपता हमारी -2
करुणामयी माँ थोड़ी सी ममता
झोली में डालना रे ।।.ओ माता रानी ।।
**इति **