Wednesday, January 3, 2018

Indira Gandhi Zindabad

तर्ज:- स्वर्ग से सुन्दर सपनों से प्यारा
फिल्म :- घर द्वार



31 अक्टूबर 84 का वह जग से नाता तोड़ गई
हिंदुस्तान के हर परिवार को रोता बिलखता छोड़ गयी
किसको था मालूम कि भारत पर यह संकट आयेगा
आस्तीन का साँप हमारा हमको ही डस जायेगा
अन्तिम थी तकरीर तुम्हारी जो कि उड़ीसा में दी थी
एक एक बूंद लहू की तुमने भारत को अर्पण की थी।
धरती का भी फटा कलेजा आसमान भी टूट पड़ा
इन्द्रा गांधी जिन्दाबाद यह हर मुख मुख से फूट पड़ा

हिन्द की आंधी इन्द्रा गांधी दुर्गा का अवतार,
यह भारत क्या सारी दुनिया करती है जयकार,
अमर है नाम तुम्हारा तुम्हे प्रणाम हमारा

इलाहबाद में जन्मी खुशियों की ज्योति जलाई,
पिता जवाहर नेहरु, थी माता कमला बाई,
देश की सेवा करना यह शिक्षा घर से पाई,
बचपन खेल कूद में बीता मिला सभी का प्यार । अमर।

जून 75 में जब इमरजेन्सी आई ,
गुंडा बदमाशों और चोरों की आफत आई,
दाढ़ी मूछों सर की फिर होने लगी सफाई,
अमन चैन की वर्षा बरसी गली गली हर द्वार ।अमर।

सन 1980 में सत्ता फिर से संभाली,
गाँव गाँव दिवाली और नगर नगर खुशहाली,
20 सूत्र की माला जन जन के गले में डाली,
‘पदम' यह भारत भूल सके ना इतने किये उपकार । अमर।

-: इति :-

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Tuesday, January 2, 2018

Agar Bhole Shiva Shankar Se

तर्ज - कब्बाली


अगर भोले शिवा शंकर से तुझको प्यार हो जाये,
इसमें शक नहीं की तेरा बेडा पार हो जाये

गरीबों का लहू पीकर जो तूने धन कमाया है,
जोड़ कर कौड़ी कौड़ी को तूने बंगला बनाया है,
आज बंगला है कल मरघट तेरा घर बार हो जाये ।। अगर

आठ बरस तक बचपन तेरा सोलह ज्वानी में भर माया,
दो दिन की है तेरी जवानी इस पर तू इतराया,
बीस तीस में धन दौलत पर जीवन तूने गवांया,
आया बुढ़ापा फिर भी तूने हरी का गीत न गाया,
शिवा के ध्यान से पापी तेरा उद्धार हो जाये । अगर

वक़्त पड़े पर भाई बन्धु भी कोई काम न आवे,
सब मतलब के साथी प्यारे प्राण अकेला जावे,

किसी सूरत से शंकर का ‘पदम’ दीदार हो जाये, | | अगर | |

-: इति:-


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Monday, January 1, 2018

Shiv Ko Bhajo Re

तर्ज :- कोन दिशा में लेके चला रे
फिल्म – नदिया को पार


शिव को भजो रे बीती जायेरे उमरिया,
सुमर सुमर यह सुहाना अवसर मति जावन दे - 2

माँ के गर्भ में लटक रहा है विनती करे हज़ार हो,
सारा जीवन करदूं अर्पण तुम करदो उपकार हो,
ऐसे नरक से मुझको निकालो जग के पालनहार हो,
देर करो ना मेरी लेलो जी खबरिया । हरि

बचपन खेल कूद में बीता, और जवानी आई हो,
वादा करके भूल गया जब काम ने ली अंगड़ाई हो,
त्रिया के संग मोज उड़ाकर सारी रैन गवॉई हो,
प्रेम नगर की ढूंढें रे डगरिया । हरि।

ढल गया यौवन आया बुढ़ापा काया भई लाचार हो,
संगी साथी काम न आये मौत खड़ी तेरे द्वार हो,
भजन बिना सब उमर बिताई करता सोच विचार हो,
पग पग चलूं कैसे टूटी रे कमरिया । हरि।

कोड़ी - कोड़ी जोड़ के तूने कंचन महल बनाये हो,
हाथ पसारे जाये अकेला कोई साथ नहीं जाये हो,
“पदम”’ हरी का नाम सुमरले भव सागर तर जाये हो,
लख चौरासी की कठिन डगरिया । हरि।

-: इति :-




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Saturday, December 30, 2017

Gajanand Tumhari Sharan Chahiye

तर्ज - दीवाने हैं दीवानों को न घर चाहिए
फिल्म - ज़ंजीर


सबाली हूँ। सबाली को ना फन चाहिये न धन चाहिये,
गज़ानन्द तुम्हारी शरण चाहिये - 2 ।

कोई रिद्धि सिद्धि के दाता कहें - 2,
कोई ज्ञान बुद्धि विधाता कहें - 2,
तुम्हारे गुण गायें ऐसा मन चाहिये न धन चाहिये । गजानन्द।

माँ गौरा की आँखों के तारे हो तुम - 2,
पिता भोले शिव को दुलारे हो तुम – 2,
गुणों के गणराजा के भजन चाहिये न धन चाहिये । गजानन्द।


करू में तुम्हारी प्रथम वन्दना - 2,
यह सच है ना जानू तेरी साधना - 2,
‘पदम’ को तेरी भक्ति की लगन चाहिये न धन चाहिये । गजानन्द ।

-: इति :-

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Krishna Bhaiya Dushasan Udhari Kare

तर्ज :- गंगा मैया में जब तक की पानी रहे
फिल्म:- सुहागरात 1968

कृष्ण भैया दुशासन उधारी करे,
तेरी बहना की पापी खुआरी करे-2
भैया, हो कृष्ण भैया  । । भैया । ।

मेरे स्वामी जुए में हैं हारे, 
ऐसे बैठे हुए मन को मारे,
अब सहारा मिले तो किनारा मिले,
वरना यह लाज पापी हमारी हरे - 2 । । भैया । ।

भक्त प्रह्लाद ने जब बुलाया,
खम्ब से तुमने उसको बचाया, 
ग्राह मारन किया गज का तारन किया,
याद बहना कन्हैया तुम्हारी करे - 2 । । भैया । ।

खींचते खींचते पापी हारा,
आ गया था वहां मुरली वाला,
चीर द्रौपदी बड़ा देखे पापी खड़ा,
"पदम्" सबकी रक्षा मुरारी करे । । भैया । ।

-: इति :-


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Wednesday, December 27, 2017

Hamari Jaan Hai Kurbaan Hindustan Ke liye

तर्ज़:- अगर भोले शिवाशंकर से तुझको प्यार हो जाये

चलो मिल कर करें कुछ काम नव निर्माण के लिए,
हमारी जान है कुर्बान हिंदुस्तान के लिए   । । 

उठो अब नौ जवानों हम नया भारत बनायेंगे,
अहिंसा और अमन की क्रांति दुनिया में लायेंगे,
हमारा हर कदम उठेगा जन कल्याण के लिए   । । चलो । ।

हज़ारों मुश्किलें आये तो हम घबरा नहीं सकते,
अगर आंधी भी आ जाये तो हम कतरा नहीं सकते,
हमेशा हम तो हैं तैयार हर तूफ़ान के लिए    । । चलो । ।

शहीदों ने लहू से सींचकर गुलशन सजाया है,
यही तो पाठ लाल वाल पाल ने हमको पढ़ाया है,
"पदम्" जीना है और मरना वतन की शान के लिए    । । चलो । ।

-: इति :-




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Radha Sang Holi Khele Madan Gopal

तर्ज :- जारे कारे बदरा बलमा के द्वार
फिल्म:- धरती कहे पुकार के 

होली आई रंग लाई उड़त गुलाल,
राधा संग होली खेले मदन गोपाल,

रंग भर भर के वो मारे पिचकारी,
बड़ा बेदर्दी भिगाई मेरी साड़ी, 
चोली रंग दीनी मोरो किया बुरो हाल  । ।  राधा  । ।

मै बरसाने की नार नबेली,
रंग न डारो मै आई हूँ अकेली,
तन रंग दियो मोरे रंगे दोई गाल   । ।  राधा  । । 

वो ब्रज गलियों में होली मचाये,
रंग के बदरवा गगन में है छाये,
झूम रहे श्याम "पदम्" नाच रहे ग्वाल  । ।  राधा  । । 

-: इति :-  


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Tuesday, December 26, 2017

Bol Bhola Bol Darshan Dega Ke Nahi

तर्ज :- मेरे मन की गंगा तेरे मन की 
फिल्म :- संगम 


जटों में बहती गंगा, वह भंगिया का दीवाना,
बोल भोला बोल दर्शन देगा की नहीं  । । 

भोला भाला  जग से भोला जाय बसा वीराने में,
आन पढ़ा हूँ राह में तेरी, देर करी क्यों आने में,
दिल लेकर के बदले में, दिल देगा की नहीं । । बोल । ।

जब जब पाप बढ़ा धरती पर तब तुमने अवतार लिया,
दुष्टों का संहार किया है, और भक्तों को तार दिया,
मेरे दिल के मंदिर में तू रहेगा की नहीं  । । बोल । ।

शिव शंकर है नाम तुम्हारा, डमरू बजाने वाले हो,
आज "पदम्" की दाता तुम्ही लाज बचाने वाले हो,
मुझ अज्ञानी को सेवा में लेगा की नहीं  । । बोल । ।


-: इति :-


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Bajrangbali Teri Sena Chali

तर्ज :- लाज मेरी पत रखियो भला


बजरंगबली बजरंगबली तेरी सेना चली बलशाली मतवाली,
बनाने राम का मंदिर, कफ़न को बाँध के सिर पर । ।

जहाँ राम ने जन्म लिया है,
राम लला को बिठा दिया है,
बाबर की जब लंका जली बलशाली मतवाली । । बनाने । ।

बजरंग दल जब आगे बढ़ता,
कुम्भकरण रावण से लड़ता,
तीर चले तलवार चली बलशाली मतवाली  । । बनाने । ।

बन के रहेगा राम का मंदिर,
अब नहीं आएगा सात दिसम्बर,
कहदो, "पदम्" यह गली गली बलशाली मतवाली । । बनाने । ।


-: इति :-


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Sunday, July 2, 2017

Man babre Hari Ke Gungaan Gaana

तर्ज - परदेसियों से न अखियाँ मिलाना
फिल्म - जब जब फूल खिले


मन बावरे हरि के गुणगान गाना,
जीवन मरण का न कोई ठिकाना      || मन ||

यह भवसागर पार लगाये,
मोह माया के फंद छुडाये,
आज नहीं तो कल तुझको है जाना    || मन ||

आशाओं के लग रहे मेले,
ऊँचे ऊँचे महल दो महेले,
रोज बनाना रोज मिटाना                  || मन ||

झूठे जग के रिश्ते नाते,
लोग "पदम्" मतलब से निभाते,
अंत समय कोई काम ना आना          || मन ||

-: इति :-


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Wednesday, June 28, 2017

Pehle Gajanand Manate Chalo

तर्ज       - जोय्त से ज्योत जगाते चलो
फिल्म    - संत ज्ञानेश्वर

पहले गजानंद मनाते चलो,
भजन की गंगा बहाते चलो ||

शिव शंकर हैं पिता तुम्हारे मात हैं गौरा रानी,
सब देवों में बुद्धि विनायक यह है अमर कहानी,
तन मन इन्ही पे लुटाते चलो         || पहले गजानंद ||

श्री गणराजा के चरणों में अपनी विपत्ति सुनाओ,
रिद्धि और सिद्धि के दाता बिगड़े काज बनाओ,
चरणों में सर को झुकाते चलो      || पहले गजानंद ||

एक दन्त हो दयावंत हो लेलो सुधि हमारी,
गिरजा नन्दन असुर निकंदन "पदम्" चरण बलिहारी
भक्ति का रस बरसाते चलो         || पहले गजानंद ||


-: इति :-




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Sunday, June 25, 2017

Jhoom Kar Deewane Tere

तर्ज - कव्वाली

झूम कर दीवाने तेरे प्रेम सागर पी गए,
जबकि भंगिया कम पड़ी बूटी मिलाकर पी गए   ||

पीने वाले इस तरह पीना कलेजा थामकर,
जिस तरह भोले हलाहल मुस्कुराकर पी गए       ||  झूम  ||

सत डिगाने को खड़ा था काम उनके सामने,
नैन की ज्वाला से पापी को जला कर पी गए        ||  झूम  ||

आपने खुश होके उसको भस्म कंगन दे दिया,
विष्णु की माया से भस्मा को मिटा कर पी गए      ||  झूम  ||

जब "पदम्" पहुंचे शिवालय ज्ञानी गुरु वर मिल गए,
भोले के चरणों में दोनों सर झुका कर पी गए        ||  झूम  ||


-: इति :-


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Saturday, June 24, 2017

Hoga Mandir Ka Nirman

तर्ज       - गोरी कब से हुई जवान
फिल्म   -  फूल बने अंगारे

बजरंग दल का यह ऐलान होगा मंदिर का निर्माण,
                            होगा मंदिर का निर्माण चाहे जाये अपनी जान        || बजरंग दल ||

पूरी अयोध्या कहलाती है राम जनम की भूमि,
जहाँ राम ने जनम लिया है हिन्दू धरम की भूमि,
                           हर एक हिन्दू का अरमान, मंदिर बनेगा आलिशान   || बजरंग दल ||

बैर करे जो श्री राम से वह रावण कहलाये,
बजरंग दल से जो टकराए, लंका सा जल जाये,
                              आंधी आये या तूफ़ान, बच्चा बच्चा है कुर्बान            || बजरंग दल ||

इस मंदिर में राम की मूरत होगी प्यारी प्यारी,
कार सेवकों की क़ुरबानी करेगी सेवा दारी,
                             गाओ राम का गुण गान, होगा "पदम्" तेरा कल्याण     || बजरंग दल ||


-: इति :-


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Wednesday, April 5, 2017

Yeh Raja Ram Ka Darbaar Hai

तर्ज - साजन मेरा उस पार है
फिल्म - गंगा जमुना सरस्वती

यह राजा राम का दरबार है,
आजा शरण में बेड़ा पार है । ।

शिव के धनुष को चढ़ाया है,
सीता से ब्याह रचाया है,
जनक पुरी में जय जयकार है   । । आजा । ।

चौदह बरस वन में काटे हैं,
वचन पिता के निभाए हैं,
लक्ष्मण की सेवा बे शुमार है     । । आजा । ।

रावण ने सीता चुराई है,
बजरंग ने लंका जलाई है,
गुणगान गाये यह संसार है       । । आजा । ।

पापी अधर्मी तुमने तारे हैं,
हमको भी तारो हम तुम्हारे हैं,
विनती "पदम्" की बार बार है  । । आजा । ।



-: इति :-
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Bhaiya pukare he behna tumhar

तर्ज - बड़ी मस्तानी है मेरी महबूबा
फिल्म - जीने की राह

भैया पुकारे है बहना तुम्हार,
बिगड़ी बनादो ए कृष्ण मुरार,
खींचे  मेरी साड़ी है, आओ बनवारी । । 
करत उधारी है, आओ बनवारी     । । 

नीच यह दुशाशन चीर खींचे सभा में हमारा,
श्याम के बिना तो कोई दीखे नहीं है किनारा,
तूफां ने  घेरी  है नैया अब हमारी है            । । आओ । ।

यह पति हमारे आज बाजी जुए में हैं हारे,
आ पड़ी है विपता नार, अबला है तेरे सहारे,
पापी के हाथों से होत उधारी है                  । । आओ । ।

चीर को दुशासन खींचते खींचते हाय हारा,
सोचा द्रौपदी ने आ गया है मेरा मुरली वाला,
द्रौपदी की लाज रखी "पदम्" उचारी है     । । आओ । ।



-: इति :-
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O re matwale hari Gun Gaa

तर्ज    - ढपली वाले ढपली बजा
फिल्म - सरगम

ओरे मतवाले हरी गुण गा,
यही सब ग्रन्थ गाते हैं              । । आ । ।
यह जीवन सफल बना            । । ओरे मतवाले । ।

कुछ याद कर मन तेरा मेरा बचपन किस प्यार से माँ ने पाला,
अनमोल मोती आशा की ज्योति, कर देगी एक दिन उजाला,
जो आई जवानी किसी की न मानी,
हुए कामिनी के हवाले            । । ओरे मतवाले । ।

तूने कोड़ी कोड़ी यह माया जोड़ी, जोड़ा है अपनों से नाता,
नेकी और धरम बिन, बृथा है सब धन, कुछ भी नहीं साथ जाता,
चला चार कंधे, तुझे आज बन्दे,
जलाएंगे सब अपने वाले         । । ओरे मतवाले । ।

पापी मन तेरी, दुनिया अँधेरी, भव सिंधु में डोले नैया,
मैं हूँ बेसहारा, छूटा है किनारा, दीखे न कोई खिवैया,
चला जा शरण में, तू  हरी की लगन में,
"पदम्" जाके डेरा लगाले       । । ओरे मतवाले । ।



-:इति :-
  
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Tuesday, April 4, 2017

Shree Luv Kush Bhagwan ki Aarti

ॐ जय लव कुश देवा, ॐ जय लव कुश देवा    ।
आरती भगत उतारें, संत करें सेवा                     । । ॐ । ।


श्रावण मास की पूनम, लव कुश जनम लिये      । स्वामी ।
सकल देव हर्षाये , ऋषि मुनि धन्य किये           । । ॐ । ।

वाल्मीकि जी के मढ़ में, बचपन बीत गया           । स्वामी ।
अस्त्र शस्त्र की शिक्षा, चित आनंद भया             । । ॐ । ।

अपने प्रिय गुरुजन की, आज्ञा सिरो धाई            । स्वामी ।
मात सिया चरणों में, सुत प्रीति पाई                  । । ॐ । ।

विजयी विश्व का परचम, अवध में लहराया         । स्वामी ।
अश्व मेघ का घोड़ा, लव कुश मन भाया             । । ॐ । ।

बीर बली बंधन में, लक्ष्मण जान गए                   । स्वामी ।
पिता पुत्र फिर रण में, सन्मुख आन भये             । । ॐ । ।

दुखी जनो के प्रभुजी, दुर्गुण चित्त न धरो             । स्वामी ।
शरणागत जो आवे, ताकि विपति हरो                 । । ॐ । ।

लुव कुश देव की आरती, जो कोई जन गावे         । स्वामी ।
"पदम्"  कहत वह  प्राणी, सुख संपत्ति पावे         । । ॐ । ।


। । हिन्दू धर्म की जय, लव कुश भगवान  की जय  । ।


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Gau Mata Ki aarti

ॐ जय जय गौमाता, मैया जय जय गौमाता   ।
जो कोई तुमको ध्याता, त्रिभुवन सुख पाता     । । मैया जय । ।

सुख समृद्धि प्रदायनी,  गौ की कृपा मिले        ।
जो करे  गौ की सेवा, पल में विपत्ति टले          । । मैया जय  । ।

आयु ओज विकासिनी, जन जन की माई         ।
शत्रु मित्र सुत जाने, सब की सुख दाई             । । मैया जय  । ।

सुर सौभाग्य विधायिनी, अमृती दुग्ध दियो        ।
अखिल विश्व नर नारी, शिव अभिषेक कियो    । । मैया जय  । ।

ममतामयी मन भाविनी, तुम ही जग माता       ।
जग की पालनहारी, कामधेनु माता                 । । मैया जय  । ।

संकट रोग विनाशिनी, सुर महिमा गायी          ।
गौ शाला की सेवा, संतन मन भायी                 । । मैया जय  । ।

गौ माँ की रक्षा हित, हरी अवतार लियो           ।
गौ पालक गौपाला, शुभ सन्देश दियो              । । मैया जय  । ।

श्री गौमात की आरती, जो कोई सुत गावे         ।
"पदम्" कहत वे  तरणी, भव से तर जावे        । । मैया जय  । ।



। । भारत माता की जय, गौ माता की  जय  । । 












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Saturday, April 1, 2017

Vanvaas Mere Praan Ka

तर्ज     - मिलती है  ज़िन्दगी में मोहब्बत कभी
फिल्म - आँखें 1968


वनवास मेरे प्राण का प्यारा चला गया,
मेरी  ज़िन्दगी का राम सहारा चला गया । ।

कैकई ने ज़ुल्म ढाया है वचनों को मांग कर,
चौदह बरस को आँख का तारा चला गया    । । वनवास । ।

भाई लखन व सीता भी सब साथ हो लिए,
हाय अवध से राज दुलारा चला गया            । । वनवास । ।

है दिल पे दौर ऐसे हम कैसे जी सकेंगे,
हम से बिछड़ के लाल हमारा चला गया      । । वनवास । ।

यह  राम की जुदाई ऐसे "पदम्" ने गायी,
जैसे अवध का राज दुलारा चला गया          । । वनवास । ।


-: इति :-
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Ab laj kahi mohan draupadi ki Pukaar

------ तर्ज - होंठों को छूलो तुम मेरा गीत अमर कर दो ------
------ फिल्म   - प्रेमग्रंथ ------

। ।  द्रौपदी की पुकार । ।

अब लाज कहीं मोहन द्रौपदी की न लुट जाये,
आँखों में भरे मोती अनमोल न लुट जाएँ । ।

घनश्याम मेरी बिगड़ी जो आज न बन पायी,
इस तरह ये लगता है तेरा नाम न मिट जाये   । । अब । ।

यह दुष्ट दुशासन है खींचे है मेरी साड़ी,
आजाओ मेरे भैया यह वक्त न कट  जाये      । । अब । ।

मल्लाह ने मुह मोड़ा दीखे न किनारा है,
विनती यह "पदम्" की है नैया न पलट जाये  । । अब । । 


                                                                 
                                                                                 -: इति :-
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