Thursday, July 19, 2018

Daanav Maaran Chali Re

------ तर्ज:- घर घर टेरत फिरत बुलउआ "जस" ------

दानव में दुष्टों का वध करने,
शेर पे चली सवार हो माँ ||

महिसा को पकड़ के मैया,
भूमि दयो है दार हो माँ ||

चंड मुंड के मुंड काट दये,
पहने मुंडन हार हो माँ ||

लप लप जीभ निकाले मैया,
भय गयो हा हा कार हो माँ ||

लहू के भर भर खप्पर पी गयी,
रक्तबीज दये मार हो माँ ||

देख विनाश को राह में लेटे,
शिव शम्भू करतार हो माँ ||

"पदम्" सुमर मैया तोरे जस गावें,
बिगड़ी देओ सवांर हो माँ ||

-: इति :-


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