Sunday, June 24, 2018

Nau Din Aur Nau Raaton Me

------ तर्ज:- चूड़ी जो खनकी हाथों में ------
------ फिल्म:- प्यार कोई खेल नहीं ------

मोर नचत है बागों में, नौ दिन और नौ रातों में,

काली कोयलिया कूकन लगी मैया के जगरातों में ||


लाल तेरे द्वार आये, लाल चूनर पंडा लाये,
लाल लाल चूड़ी लाये, लाल लाल झंडा लाये,
मेहँदी लगा दो माँ के हाथों में || नौ दिन ||

मैया शेर पे आएगी बिगड़ी बात बनाएगी,
हम झूमेंगे नाचेंगे जैसा माई नचाएगी,
डोरी है माँ के हाथों में || नौ दिन ||

जग मग ज्योत जली, मैया के दर भीड़ लगी,
माँ के दर्शन करने से "पदम्" सोयी तकदीर जगी,
माँ को भजो हर साँसों में || नौ दिन ||

-: इति :-


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