Thursday, June 28, 2018

Nau Devi Ki Mahima Gaaye

नौ देवी की महिमा गाये हम बालक अज्ञानी,
माँ दुर्गा की करें वंदना, जय जय मात भवानी 

न हम ज्ञानी न हम ध्यानी, पूजा पाठ न जाने,
मैया जी से करें प्रार्थना, माँ का दर्शन पाने ||

मूरख धयान धरे चरणों में, लोक लाज रख लेना,
बेटों से जो भूल चूक हो, माई क्षमा कर देना ||

प्रथम सुमरूं शैलपुत्री को, आओ सिंह सवारी,
भक्त तुम्हारे द्वार खड़े हैं, देखे राह तुम्हारी ||

ब्रम्हचारिणी को दूजे सुमरूं, आदि शक्ति भवानी,
हमे शरण में ले लो माता, दया करो कल्याणी ||

मात चंद्रघंटा को तीजे सुमर, सुर बलि जाऊं,
बिगड़े काज सवारो माता, दर्श की आस लगाऊं ||

चौथे सुमरूं कुष्मांडा को, चूनर लाल उड़ाऊँ,
लाल ही चूड़ी लाल ही बिंदिया, मेहंदी लाल लगाऊँ ||

पंचम सुमरूं स्कंदमाता जन जन की हितकारी,
अष्टभुजी है रूप तुम्हारा, महिमा अजब तुम्हारी ||

छटवीं सुमरूं कात्यायनी, वरदानी कहलाये,
भक्ति में शक्ति दो माता, जनम सफल हो जाए ||

सातवीं देवी कालरात्री को सुमर सुमर डर लागे,
माँ बैठी शमशान में जाके, काल भी डर भागे ||

महागौरी को अष्टम सुमरूं, खांडा खप्पर धारे,
मुण्ड माल गर्दन में डारे, दानव दल संघारे ||

नवमी दुर्गा सिद्धिदात्री, सुमर सुमर जस गाऊँ
"पदम्" के कारज सिद्धि करो माँ भव सागर तर जाऊं ||

-: इति :-


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