तर्ज़:- अईयो अईयो रे पियारे हरदोल
तुम्हारे दम पे व्याह रचो।।
//खाटू श्याम भजन//
अईयो अईंयो रे ,ओ खाटू बारे श्याम
हमारे घर कीर्तन में ।। आठों याम।।
(1)घटोत्कक्ष हैं पिता तुम्हारे
मोरवी नंदन राज दुलारे,(अहिलावती)
दादा भीम के प्राण प्यारे।।
सारे देवता भी करत प्रणाम।।
हमारे घर कीर्तन में।।
(2)बाबा तीन बाण के धारी
ब्रह्मा लेख के काटन हारी
बाबा कलियुग के अवतारी
कटे प्रेमियों के संकट तमाम।।
हमारे घर कीर्तन में।।
(3),यह दुनिया है आनी जानी
तुम सा कोई नहीं है दानी
शीश दान की अमर कहानी
नामकरण किया रे घनश्याम ।।
हमारे घर कीर्तन में ।।
(4)बाबा का है धाम निराला
बाबा नीले घोड़े बाला
निर्धन को धन देने बाला
सेवादारी में पदम आठों याम।।
हमारे घर कीर्तन मैं ।।
//इति//





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