Sunday, March 30, 2025

No devi Amrit bani

  तर्ज:-  (अमृत बाणी गायक अनुराधा पौडवाल)

                // नो देवी अमृत बाणी //

             ।।  नो देवी की अमृत धारा।।


          नों देवी को नमन करूँ,सुमरु बारम्बार।

         वंदन अभिनंदन करूं,नव रात्रि त्यौहार ।।

         नर नारी सब अरज करें, खड़े माई के द्वार ।

         धूप कपूर की आरती,हो रही जय जयकार ।।

       **** शेरा बाली मां,ज्योता बाली मां ****

   (1) शैल पुत्री प्रथम सुमर,मैया सिंह सवार।

        पूरी हो मनकामना, है सच्चा दरबार।।

        गाय के घी से हलवे का,भोग करो स्वीकार ।

       धूप कपूर की आरती,हो रही जय जयकार ।। 

     *** ज्योता बाली मां ,ज्योता बाली मां***

  (2) ब्रह्मचारिणी माई का, दूजा है स्थान।

       करलो इनकी साधना,हो जाए कल्याण।।

       मिश्री खांड का भोग है,भोग करो स्वीकार ।।                धूप कपूर की आरती,हो रही जय जयकार ।।

          ***शेरा बाली मां,ज्योता बाली मा ***

  (3) माई चंद्रघंटा सुमर,तीजे लेऊ मनाए।

       जग जननी जग तारिणी,बिगड़े काज बनाए

      दूध से बनी मिठाई का, भोग करो स्वीकार ।

      धूप कपूर की आरती,हो रही जय जयकार।।

        ***शेरा बाली मां,ज्योता बाली मां***

  (4) कूष्मांडा माई की,चौथी पूजन होय ।

       जो चरणों में ध्यान धरे,सफल मनोरथ होय।।

       मीठे मालपुआ धरे, भोग करो स्वीकार ।

      धूप कपूर की आरती,हो रही जय जयकार ।।

       ***शेरा बाली मां,ज्योता बाली मां***

 (5) स्कंद माता आपको,पंचम लेउ मनाए।

      अष्ट मुखी कृपा करो, हम दर्शन को आए।।

      केला फल अर्पण करें,भोग करो स्वीकार ।

      धूप कपूर की आरती,हो रही जय जयकार ।।

      ***शेरा बाली मां,ज्योता बाली मां***

(6) कात्यायनी माई की,महिमा कही न जाए।

     छठवीं मां की साधना, मन चाहा फल पाए।।

     पंचामृत ओर शहद का,भोग करो स्वीकार ।

     धूप कपूर की आरती,हो रही जय जयकार ।।

      ***शेरा बाली मां,ज्योता बाली मां**"

(7) काल रात्रि मात का,सप्तम रूप विशाल।

     बैठी मां श्मशान में, डर कर भागे काल ।।

     गुड़ से बनी मिठाई का,भोग करो स्वीकार ।

     धूप कपूर की आरती,हो रही जय जयकार ।।

        ***शेरा बाली मां,ज्योता बाली मां***

(8)  महागौरी अष्टम सुमर, खांडा खप्पर धार

      मुंडमाल गर्दन पड़ी,दानव दिए संहार ।।

      नारियल निबुआ भोग धरे, भोग करो स्वीकार ।

     धूप कपूर की आरती,हो रही जय जयकार ।।

       ***शेरा बाली मां,ज्योता बाली मां***

(9) नवमीं मां सिध्दात्री, महिमा बड़ी अपार।

      कन्या पूजन जो करे,भर जाए भंडार।।

      खीर पुड़ी का भोग है,भोग करो स्वीकार ।

      धूप कपूर की आरती,हो रही जय जयकार ।।

       ***शेरा बाली मां,ज्योता बाली मां***

(10) नव देवी की शरण में,"पदम",करे गुणगान।

       सब पे कृपा कीजिए,हम बालक नादान।।

       नर नारी सब अरज करें, खड़े माई के द्वार ।

       धूप कपूर की आरती,हो रही जय जयकार ।।

         ****शेरा बाली मां,ज्योता बाली मां****

                         //इति//

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      जय जय दुर्गे मां ,  जय जय काली मां 

     जय जग जननी मां,महिषा मरदनी मां 

      जय कल्याणी मां,सिंह वाहिनी मां 

      मंगल करनी मां , संकट हरनी मां

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Sunday, March 16, 2025

Tunak tunak tunak tunna,Sri radhe radhe japna

      तर्ज:- तुनक तुनक तुक तुन्ना,सुनो पावनी विन्ना 

                    //राधे जी का भजन//


    तुनक तुनक तुक तुनना 

    होली में राधे कृष्णा

    एक दूजे ने रंग डारे

    एक दूजे को रंग डारे

    जपो दिन हो या रैन

    मिले बड़ों सुख चैन ।।तुनक ।।

(1) तुनक तुनक तुक तुनना 

     श्री बृंदावन में रहना

     श्री राधे राधे जपना

     मिल जाएंगे श्री कृष्णा

     श्री दामा की है बेहन ।

     मिले बड़ा सुख चैन ।।तुनक ।।

(2) मोहन है मुरली बाला

     नंदलाला है गोपाला

      दघ माखन लुट के खाए

      निधिवन में रास रचाए

      जपो दिन हो या रैन ।

      मिले बड़ा सुख चैन ।।तुनक ।।


(3) एक बरसाने की गौरी

      कान्हा से खेले होरी

      कान्हा ने भर पिचकारी 

      राधा के सम्मुख मारी

      चंद्रावली की है भैन ।

      मिले बड़ा सुख चैन ।। तुनक ।।

(4) श्री बलदाऊ के भैया

     मेरी पर लगादो नैया

    बिन तेरे कृष्ण कन्हैया 

    कोई "पदम"काऊ को नैया

    जपो दिन हो या रैन ।

    मिले बड़ा सुख चैन ।।तुनक ।।

                      //इति//




    

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Wednesday, March 12, 2025

Tunak tunak tuk tunna,ek banni hai ek banna

             तर्ज़:- तुनक तुनक तुक तुन्ना 

              // शिव विवाह गीत//


   तुनक तुनक तुक तुन्ना

   शिव की बारात में चलना

   शिवरात प्लास है फूला

   शिव शंभू बन गए दूल्हा

   बनीं गौरा दुल्हेन। 

   वहीं मिले सुख चैन ।। तुनक  ।।

(1) ना घोड़ा है ना हाथी

     बने भूत प्रेत बाराती

     श्मशान की भसम लपेटे

     नंदी पे शिव जी बैठे

     लगी भूतों की लेन ।

    वहीं मिले सुख चैन ।। तुनक ।।

(2) बह दीनदयाल है भोले

     औघड़ प्रतिपाल है भोले

      कालों के काल हैं भोले

     बह महाकाल हैं भोले 

     तीरथ नगरी उज्जैन ।

     वहीं मिले सुख चैन ।। तुनक ।।

(3) एक बात "पदम"की सुनना

     शिव शिवम शिवम शिव जपना

      शिव के चरणों में जीना

      शिव के चरणों में मरना

     भजो शिव को दिना रैन

      वहीं मिले सुख चैन ।। तुनक। ।।

                  // इति //

   

    

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