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Sunday, November 25, 2018

Dam Dam Shivalay Me

------ तर्ज :- पल पल न माने टिंकू जिया ------
फिल्म :-------यमला पगला दीवाना --------
डम डम शिवालय में डमरू बजे,
बैठे जहां शंकर भबूती मले ।।

भर भर चिलम में शिव गांजा पिये हैं,
भर भर के लोटे से भंगिया पिये हैं ,
बल खाये विषधर जिनके गले ।। बैठे ।।

करते हैं भोले बाबा नंदी सबारी,
तीनों लोकों के स्वामी त्रपुण्ड धारी,
भोले को भजने से विपता टले ।। बैठे ।।

शीश चंद्रमा करे उजियाला,
तन पे लपेटे हैं मृग की छाला,
"पदम" है जिनके चरणों तले ।। बैठे ।।

-: इति :-


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Saturday, November 24, 2018

Maa Gaura Aur Shiv Ko Naman

माँ गौरा और शिव को नमन बार बार है ।।
नंदी पे चले आओ तेरा इंतजार है ।।

त्रिलोक के देवों में महादेव कहाते,
दानी है महादानी है बरदान लुटाते
तेरी दया हो जिसपे उसका बेड़ा पार है ।। नंदी ।।

कैलाश पे मिलेंगे हिमालय पे मिलेंगे,
दर्शन मेरे भोले के शिवालय में मिलेंगे,
साकार निराकार तू ही ओमकार है ।। नंदी ।।

गौरा ने भंग घोंट के भोले को पिला दी,
मरघट में जाके भोले ने धूनी को लगा ली,
 भूतों ने चुड़ैलों ने करी जय जय कार है ।। नंदी ।।

जीवन में क्या करोगे इस दौलत के ढेर का,
चरणों में शिव के पाया खजाना कुबेर का,
ॐ शिव शिवाय जपना ही मुक्ति का द्वार है ।। नंदी ।

कालों में महाकाल तेरा नाम बड़ा है,
झोली "पदम" की भरदो यह चरणों में पड़ा है,
तेरे बिना अब कौन मेरा मददगार है ।। नंदी ।।

-: इति :-


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Saturday, November 3, 2018

Shiv Japo Sundaram

दोहा:- शिव ही तीनों लोक है,शिव है चारों धाम ।
          शिव मुक्ति का द्वार है,शिव को कोटि प्रणाम ।।
// शिव महिमा गान//
शिव जपो सुन्दरम, शिव भजो सुन्दरम
सुन्दरम है शिवम्, है शिवम् सुन्दरम ||

(1)शिव है काशी पुरम, शिव है रामेश्वरम,
शिव है त्रयम्बकं, शिव है नागेश्वरम ,
शिव सदा वंदनम, शिव सदा पूज्यनम || सुन्दरम ||

(2)शिव ही दिगपाल है,शिव ही बेताल है
शिव ही कलिकाल है,शिव महाकाल है
शिव है ब्रम्हा कथन,शिव है नारायणम ।।सुंदरम।।

(3)शिव है धरती गगन, शिव है गीता बच्चन
शिव शशि की किरण,शिव रवि की तपन, 
शिव अमावस पूनम, शिव करे मंगलम|| सुन्दरम।।

 (4)शिव ही घनश्याम है,शिव ही बलराम है
शिव परसराम है,शिव श्री राम है
शिव है पूजा हवन,शिव दया और धरम।।सुंदरम ।।

(5)शिव है जीवन मरण, शिव है अन्तः करण,
शिव है तारण तरण, शिव है चिंता हरण,
शिव शरण में "पदम"रहूं जन्मोजनम।।सुंदरम ।।

-: इति :- 



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Sunday, September 30, 2018

Gaura ne ghot kar pees kar

----- तर्ज़:-मेरे रश्के कँवर,तूने पहली नज़र -----

 !!भजन!!

गौरा ने घोंट कर,पीस कर,छान कर,
शिव को भंगिया पिलाई,मज़ा आ गया।।
छोड़ कैलाश को पहुंचे शमशान में,
गांजे की दम लगाई,मज़ा आ गया।।

(१)जब नशा भांग गांजे का चड़ने लगा,
     भोला नचने लगे डमरू बजने लगा।
जल चुकीं थीं चिताएं जो शमशान में,
उनकी भस्मी लगाई,मज़ा आ गया।।

(२)वदी फागुन चतुर्दश तिथि आई है,
शिव से गौरा मिलन की घड़ी आयी है।
शिवजी दूल्हा बने ,गौरा दुल्हन बनी,
शिव ने शादी रचाई,मज़ा आ गया।।

(३)भोला धनवान हैं ना तो कंगाल हैं,
शिव महादेव हैं शिव महाकाल हैं।
शिव के चरणों मे हम,आ गए है"पदम"
राह मुक्ति की पाई, मज़ा आ गया।।

   ।।इति।।


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Shiv Ke Bhuvan Chali Aaungi

----- तर्ज़:-मंदिर से दौड़ी चली आउंगी -----

!!  भजन!!

शिव के भुवन चली जाउंगी,कोई रोके या टोके।
शिव की दिवानी बन जाउंगी,कोई रोके या टोके,

(१)पूजा की मेने थाल सजाई,
     गंगा जल लोटा भर लाई।
गंगा से शिव को नहलाऊंगी,कोई रोके या टोके

(२)धोरे अकौआ को फूल चढ़ाऊँ
      भांग धतूरे का भोग लगाऊं।
चंदन को टीका लगाउंगी,कोई रोके या टोके।

(३)पल पल शिव की छवि निहारूँ
      आम की डार पे झूला डारुं।
शिव को झूला झुलाऊंगी,कोई रोके या टोके।

(४)दर्शन की एक झलक दिखादो,
     "पदम" के मन को धीर बंधादो।
शिव जी के गुणगान गाऊँगी, कोई रोके या टोके

        ।।इति।।




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Saturday, September 8, 2018

Kahe Bhole

कहे भोले हूँ प्यासा सुनकर यह बाणी,
हो गौरा रानी चली लेने पानी,
प्यासे पिया को चली लेने पानी ||

लेके चली बो खाली गगरिया,
जल की खोज में फिरे बावरिया,
आई सागर के तट पर शिव की दीवानी || हो गौरा ||

भरन लगे जब गौरा गागर,
कोन भरे जल सोचे सागर,
जब देखा है नार नबेली,
रूप मनोहर और है अकेली,
इससे शादी करूं, ऐसी मन में है ठानी || हो गौरा ||

हंस कर बोला पापी सागर,
बात करो कुछ नैन मिलाकर,
कौन हो तुम क्या नाम तुम्हारा,
जल भरना नहीं काम तुम्हारा,
मुझसे शादी करो करो दिल में मेहमानी,
मेरी रानी बनो करो दिल में मेहमानी || हो गौरा ||

पाप जगा सागर के मन में,
गौरा डूब गयी उलझन में,
गौरा यूं सागर से बोली,
क्यों पापी तेरी नीयत डोली,
अरे सागर हुआ तू बड़ा अभिमानी || हो गौरा ||

तू क्या मुझको न पहचाने,
शिव शक्ति को तू न जाने,
नाम तो मेरा पारबती,
भोला शंकर मेरा पति है,
राजा हिमाचल के बेटी हूँ,
अपने पति के संग रहती हूँ,
सब देवों से बो है निराला,
भांग धतूरे को पीने बाला,
मेरे पति को प्यास सताई,
इसलिए मैं जल भरने आई,
पापी तूने सती की कदर न जानी || हो गौरा ||

मन में जगा तेरे पाप बुरा है,
क्यों ले सती का श्राप बुरा है,
दिल में जो तेरे अभिमान रहेगा,
जग में तेरा न सन्मान रहेगा,
बात छोटी सी है बन जाये न कहानी || हो गौरा ||

श्राप सती का जब रंग लाया,
सागर का जब मंथन कराया,
सागर से चौदह रतन निकाले,
विष को पी गए भोले भाले,
देवों ने अमृत को पाया,
सागर का अभिमान मिटाया,
शिव की कृपा तो क्या गम है,
शिव के चरण की धुल "पदम्" है,
इसी कारण हुआ सागर तेरा खारा पानी || हो गौरा ||

-: इति :- 


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Tuesday, August 14, 2018

Shiv Ke Bhuvan Chali Aaungi

------ तर्ज:-मंदिर से दौड़ी चली आऊँगी ------

शिव के भुवन चली जाऊँगी, कोई रोके या टोके।।
रोके या टोके कोई रोके या टोके...
शिव की दीवानी बन जाऊगी ।।कोई रोके या टोके।।


(१)पुूजा की मेने थाल सजाई
गंगा जल लौटा भर लाई ।
गंगा से शिव को नहलाऊंगी।।
कोई रोके या टोके ।।


(२)धोरे अकौआ को फूल चढ़ाऊँ,
भांग धतूरे का भोग लगाऊं।
चंदन को टीका लगाऊँगी।।
कोई रोके या टोके ।।


(3)पल पल शिव की छवि निहारुं,
आम की डार पे झूला डारुं,
शिव को झूला झुलाऊंगी ।।
कोई रोके या टोके।।


(४)"पदम" के मन को धीर बधादो,
दर्शन की एक झलक दिखादो।।
भोले के गुणगान गाऊँगी।।
कोई रोके या टोके।।

शिव के भुवन चली जाऊँगी।
कोई रोके या टोके।।


-: इति :-


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Tuesday, April 24, 2018

Bam Bhola Bhandaari

तर्ज़:- हुरिया में उड़े रे गुलाल,कहियो रे मंगेतर से
बम भोला भंडारी,
जपे है दुनिया सारी ||

ऐसी भांग गले से लगाई,
गौरा की शामत बन आई,
घोंट घोंट कर हारी || जपे ||

मरघट में जब डमरू बजाये,
भूत चुड़ेलें उठ कर आयें,
नाचे दे दे तारी || जपे ||

शिव शंकर हैं ओघड़दानी,
मूंह माँगा वर दें वरदानी,
भक्तन के हितकारी || जपे ||

अमृत की बरसात हैं बाबा,
सब दुखियों के साथ हैं बाबा,
"पदम्" है शिव का पुजारी || जपे ||

-: इति :- 



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Friday, April 20, 2018

Dama Dam Damru Bole

------ तर्ज:- अरेरे मेरी जान है राधा ------

डमा डम डमरू बोले, जपो रे शिव शंकर भोले,
डमरू बजाते चले आयेंगे, गंगा बहाते चले आयेंगे,
गंगाधारी पापियों के पाप हरेंगे,
दीन दुखियों के संताप हरेंगे,
भोलेनाथ भक्तों का उद्धार करेंगे,
भव सागर से सबकी नैया पार करेंगे || डमा||

भोले बाबा तेरी लीला अजब निराली है,
गर्दन में काले सर्पों की माला डाली है,
मरघट की भस्मी को तन पे खूब रमाली है,
शिव की भक्ति, सब को मुक्ति देने वाली है || डमा ||

भोले शिव के साथ ब्याह के गौरा आई है,
गौरा माँ ने घोंट घोंट के भांग पिलाई है,
गौरा बोली स्वामी तू कैसो हरजाई है,
छाले पड़ गए हाथ में, फिर भी दया न आई है || डमा ||

रावण को सोने की लंका देने वाले हैं,
ऋषि मुनि और भक्तों की सुध लेने वाले हैं,
शिव शम्भू करतार, बड़े ही भोले भाले हैं,
"पदम्" भजन में लीन रहो, वो आने वाले हैं || डमा ||

-: इति :-


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Deewana Bhole Ka

------ तर्ज:- दीवाना राधे का ------

दीवाना भोले का -2, है सारा संसार,
दुअरिया नचले रे - 2, हो जाए उद्धार ||

लाल लाल अखियाँ है, लोटे में न भंगिया है, जल्दी करो गौरा रानी,
जाओ जाओ घोंट लाओ, हमें भंगिया पिलाओ, भोले करे मनमानी,
डम डम बजता है, डमरू यह  कहता है, धीर धरो करतार || दीवाना ||

समझन न आये, कोई जतन बताये, की भांग पिये या छुड़वादूं,
गौरा हैरान हुयी, बड़ी परेशान हुयी, भोले हुए बेकाबू,
दौड़ी गयी, दौड़ी आई, भंगिया को घोट लायी, पिया करो स्वीकार || दीवाना ||

राम राम जपता है, मरघटों, में बसता है, अंग भबूती रमाई है,
गंगा मान मारन को, भागीरथ तारन को, जटों में गंग रमाई है,
भूत प्रेत संग लिए, गल में भुजंग लिए, नाच रहे  त्रिपुरार || दीवाना ||

देव नहीं जान सके, वेद न बखान सके, शिवजी की महिमा न्यारी रे,
शिव महाकाल बने, देवों में दयाल बने, भक्तन के हितकारी रे,
"पदम्" पुकार करे, चरणों में शीश धरे, दर्श मिले इकबार || दीवाना ||

-: इति :-



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Friday, April 13, 2018

Baba Bhole Baba

------ तर्ज:- गंगा मैया में जब तक पानी रहे ------
------ फिल्म:- सुहागरात ------

भोले बाबा की नंदी सवारी रहे,
उनकी कृपा से लज्जा हमारी रहे - 2
बाबा भोले बाबा - 2 ||

नाग गर्दन में हैं काले काले,
बड़े दानी हैं कैलाश वाले,
राख धूनी मली मृग छाला डली,
साथ में उनके गौरा माँ प्यारी रहे - 2 || बाबा ||

उनकी महिमा है जग से निराली,
खाली जाए न दर से सवाली,
मस्त डमरू बजे शीश चंदा सजे,
गंग धारा जटाओं से जारी रहे - 2 || बाबा ||

वह तो पर्वत पे धूनी रमाये,
राह वह ही "पदम्" को दिखाए,
ज्ञान हमको मिले नाथ दर्शन मिले,
उनके चरणों में विनती हमारी रहे -2 || बाबा ||

-: इति :-


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Thursday, April 12, 2018

Nandi Pe Bhole Chale

------ तर्ज:- नीले गगन के तले ------
------ फिल्म:- हमराज़ ------

नंदी पे भोले चले,
अंगों में अस्मी मले,

गंगा बहाते, डमरू बजाते, चंदा की ज्योत जले ||

हाथों में डमरू, पांव में घुंघरू, धूनी रमाते चले ||

कानों में कुंडल, करते हैं झिलमिल, नागों की माला गले ||

शिव भोले भाले, जग से निराले, दानी है नाथ भले ||

वह ज्ञान दाता, बुद्धि विधाता, भक्ति से कष्ट टले ||

दर पे मैं जाऊं, विनती सुनाऊं, मुक्ति की राह मिले ||

आये सवाली, जाए न खाली, ज्ञान "पदम्" को मिले ||

-: इति :-




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Tuesday, April 3, 2018

Bhole Saj Ke

------ तर्ज:- डोली चढ़ के दुल्हन ------

भोले सज के उमा को ब्याहने चले,
वह तो उबटन के बदले भबुती मले ||

वह मुकुट की जगह चन्द्र घेरे हुए,
मस्त सेहरा जटाओं का पहने हुए,
उनकी गर्दन में नागों की माला पड़ी,
सांप बिच्छु तो शंकर के गहने हुए ||

छाल मृगा से तन को छिपाये हुये,
जा रहे भोले डमरू बजाये हुये,
हाथ में उनके त्रिशूल प्यारा रहे,
गंगा रानी जटों से बहाये हुये ||

भूत संग में बाराती चले जा रहे,
ब्रह्मा विष्णु सभी फूल बरसा रहे,
जो "पदम्" इनके चरणों की सेवा करे,
हर जगह चाँद जैसा चमकता रहे ||

-: इति :-



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Monday, April 2, 2018

Aao Bhole Baba

------ तर्ज - जा रे कारे बदरा ------
------ फिल्म :- धरती कहे पुकार के ------

खुशियाँ मनाओ की आई शिवरात
आओ भोले बाबा माँ गौरा जी के साथ,

शंकर हमारे हैं, घट घट के वासी,
वो हैं बड़े ज्ञानी दयालु अविनाशी,
भीख मिले मुक्ति की आये खाली हाथ || आओ ||

तन पे भवुती है नंदी सवारी,
डमरू बजाते हैं शिव गंगाधारी,
लेलो मुझे चरणों की सेवा में नाथ || आओ ||

सुनलो जी भोले यह अर्जी ज़रासी,
अपना बनालो ओ शिव कैलाशी,
माला दिल की धड़कन जपे दिन रात || आओ ||

बसी मेरे नैनों में सूरत तुम्हारी,
रहे मन के मंदिर में मूरत तुम्हारी,
तुम हो दयालु बड़े दीनानाथ || आओ ||

विनती यह मेरी है बिगड़ी बनादो,
मुझे अब तो भोले जी दर्शन दिखादो,
यही तो "पदम्" की है मन की मुराद || आओ ||

-: इति :-


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Sunday, March 25, 2018

Shiv Shambhu Dulha Bane

------ दोहा ------

शिव शम्भू दूल्हा बने, लेकर चले बारात,
अम्बर से होने लगी फूलों की बरसात
मैनावत द्वारे खड़ेऔघड़ दीना नाथ,
भावर परिक्रमा लई ,गौरा जी के साथ

तर्ज़:- ठुमक ठुमक मैया आ जइयो
आई है पूजा की बेला रे,लगो नो दिन को मेला

;;शिव रात्रि भजन;;
दूल्हा बने भोले बाबा रे,गौरा बन गई दुल्हनिया
हां हां रे गौरा बन गई दुल्हनिया ।।

गांजे की जो चिलम चढ़ाये, भंगिया लोटन से पी जाये,
अंग लपेटे एक मृग छाला, गर्दन में नागों की माला,
जटों में गंगा मैया री - 2 ||गौरा बन गई||

ना है बाप, ना है महतारी, ना घर द्वार, न महल अटारी,
पर्वत पे टूटी मड़ैया री - 2 ||गौरा बन गई ||

हल्दी, उबटन न तेल चढ़ायो, तन पे भबूत लगाके आयो,
पांव न पैरी पनैया री -2 ||गौरा बन गई||

हाथी, घोड़ा कछु न लायो, बड़े बैल पे बैठ के आयो,
कानों में लटके ततैया री - 2 ||गौरा बन गई||

ब्रह्मा, विष्णु संगी साथी, भूत बेताल बने बाराती,
चुड़ेलें नचे ताता थैया री -2 ||गौरा बन गई||
छुड़ेंले बन गई नचनिया रे।।गौरा बन गई ।।

गौरा ने एकऊं न मानी, शिव की हो गयी प्रेम दीवानी,
"पदम्" पड़ो इनके पैयारी - 2 ||गौरा बन गई ||

-: इति :- 


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Thursday, March 1, 2018

Har Mushkil Aasaan Karenge

------ तर्ज :- हम तुम दोनों प्यार करेंगे खुल्लम खुल्ला रातों में ------

हम सब मिलकर ध्यान करेंगे, शिव शंकर के चरणों में,
हर मुश्किल आसान करेंगे, शिव शंकर के चरणों में ||

देवी देवता सज कर आये, भोले की बारात चलीं,
भूत प्रेत है चौंसठ योगिनी और चुड़ेले साथ चलीं,
हिम गिरी कन्यादान करेंगे || शिव शंकर ||

सब देवों में भोले भाले, सारी दुनियां कहती है,
मस्तक चंदा और जटों में पावन गंगा बहती है,
आओ "पदम्" गुणगान करेंगे || शिव शंकर ||

-: इति :-


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Thoda Gunahgaar Pe Daya Kijiye

तर्ज :- इश्क और प्यार का मज़ा लीजिये
फिल्म :- कव्वाली

शिव शक्ति भाग - (1), सपना कैसेट रिकॉर्डिंग,
गायक:- श्री गोवर्धन स्वरुप, भोपाल

मुझे भोले द्वार पे बुला लीजिये,
थोड़ा गुनाहगार पे दया कीजिये ||

तुम्हे भूल जाता हूँ, यही मेरी भूल है,
चाहे जो सजा दो भोले, मुझे तो क़ुबूल है,
पड़ा हूँ शरण में उठा लीजिये || थोड़ा ||

तेरे दर पे आ गया हूँ, सारी दुनिया छोड़ के,
विनय कर रहा हूँ, दोई हाथ जोड़ के,
बस इक बार दर्शन दिखा दीजिये || थोड़ा ||

अर्ध अंग साथ में है गौरा महारानियां
तीन लोक जानते हैं तुम हो बड़े दानियां
बस इक बार दर्शन दिखा दीजिये || थोड़ा ||

शंकर की गर्दन में नागों के हार हैं,
चन्द्रमा हैं शीश पर, नंदी पर सवार हैं,
ज़रा मस्त डमरू बजा दीजिये || थोड़ा ||

कभी भोले भांग के नशे में हैं झूमते,
कभी पी के गांजा मरघट में घुमते,
"पदम्" शिव को मन में बिठा लीजिये || थोड़ा ||

-: इति :-


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Saturday, February 24, 2018

Bhole Vardaaniya Darsh Do

तर्ज:- गोरी है कलियाँ, तू लादे मुझे हरी हरी
फिल्म:- आज का अर्जुन

भोले वर दानियाँ दर्श दो ओघड़दानियाँ,
कबसे खड़े हैं तोरे अंगना,
नैना रे सावन भादो से बरसे आजारे तेरे दर्श को तरसे ||

भोले बाबा आके ज़रा डमरू बजादो,
भक्तजनों के मन को धीर बंधा दो,
दया हो तुम्हारी मिट जाए हमारी,
जनम जनम की परेशानियां || भोले ||

डूब न जाए कहीं भंवर में नैया,
भव सागर से तुम ही पार करैया,
डगमग डोले खाए हिचकोले,
करदो जी करदो मैहर बानियाँ || भोले ||

"पदम्" न जाने तेरी वंदना पूजन,
करते रहेंगे शिव नाम का सुमिरन,
तेरा तुझको करते हैं अर्पण,
कैसी हमारी नादानियां || भोले ||

-: इति :- 


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Chal Chal Chal Tu Shivalay Me

तर्ज:- ओ साथी चल चल चल तू
फिल्म:- सलाखें

ओ साथी चल चल चल तू शिवालय में,
जहाँ हरी धुन गायें सभी इक लय में ||

शिव के दर पे शीश झुकाले,
अपने मन की प्यास बुझाले,
ऐसे हैं वह ओघड़ दानी, भक्त कहें वो हैं वरदानी,
भोले आन विराजो मेरे ह्रदय में || चल चल ||

गंगा धारी डमरू वाले,
सब देवों में भोले भाले,
गांजे की जब चिलम चढ़ाये गौरा से भंगिया घुटवाये,
बाबा अलख जगाये हिमालय में || चल चल ||

श्रद्धा के कुछ फूल हैं अर्पण,
नाथ "पदम्" के काटो बंधन,
ऋषि मुनि तेरे गुण गायें, मानव दानव तुम्हें मनाएं,
गूंजे अम्बर भोले की जय जय में || चल चल ||

-: इति :-


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Friday, February 23, 2018

Bhav Saagar Se Taarna Bhole

तर्ज:- क्या करते थे साजना
फिल्म :- लाल दुपट्टा मलमल का 

भव सागर से तारना भोले दयालु शंकर,
हम तो तुम्हारे द्वार आकर विनती सुनाया करते हैं ||

शिव शंकर हैं भोला भाला, इनका है हर ढंग निराला,
ओघड़ दानी हैं वरदानी, पहने गले में नागों की माला,
गाते हैं हम शिव के भजन, ले ली जिए अपनी शरण,
यूं गुणगान गाया करते हैं || विनती ||

जिसने उनका ध्यान लगाया, मूंह माँगा वरदान है पाया,
रावण को लंका दे डाली, भस्मासुर ने कंगन पाया,
उनकी दया से पापी तरे भक्तों की वह झोली भरे,
वह बिगड़ी बनाया करते हैं || विनती ||

मस्तक पर त्रिपुंड है प्यारा, शीश पे बहती गंगा धारा,
अंग भबूती, तन मृगछाला, चन्द्र मुकुट करता उजियारा,
कैलाश पर धूनी लगे, वर्षो वर्ष अलख जगे,
वह डमरू बजाया करते हैं || विनती ||

रिमझिम रिमझिम सावन बरसे, दर्शन  को यह नैना तरसे,
आस "पदम्" की राह निहारे करदो थोड़ी कृपा नज़र से,
आये हैं हम दरबार में, अपना नहीं संसार में,
बस तुमको जपा करते हैं || विनती ||

-: इति :-


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