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Tuesday, November 13, 2018

Shyam Bade Chalbaliya

श्याम बड़े छलबलिया में कैसी करूं,
बैरन हो गयी मुरलिया में कैसी करूं ।।

क्यों ज़ुल्मी संग प्रीत लगाई,
पकरन चाही में पकर न पाई,
दे गये छील विलैंया ।।

प्रीत लगाके नाता जोड़ा,
चूड़ी तोड़ी, कंगन तोड़ा,
तोड़ी नरम कलैया ।।

इस छलिया की कोन निशानी,
दुनिया जिसकी प्रेम दीवानी,
इनमें एकऊ नैंया ।।

राधे मौहन की जोड़ी आला,
"पदम" वो ही सबका रखवाला,
दुनिया भूल भुलैंया ।।

-: इति :-



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Sunday, September 30, 2018

Panghat se dodi chali aaungi

------ तर्ज़:-मंदिर से दौड़ी चली आउंगी ------

  !!भजन!!

पनघट से दौड़ी चली आउंगी ,
कान्हा मुरली बजादे।।
मधुवन में रास रचाऊंगी, कान्हा मुरली बजादे।।

(१)श्याम सुंदर से लागे नैना,
     तुम बिन हमको चैन पड़े ना
प्रीत की रीति निभाउंगी, कान्हा मुरली बजादे।।

(२)नंद लला की सांवरी सूरत,
   चंचल चितवन मोहिनी मूरत
माखन मिश्री खिलाऊंगी,कान्हा मुरली बजादे।।

(३)तुमने मुरली मधुर बजाई,
   तन मन की मेने सुध बिसराई,
पीर जिया की दिखाउंगी,कान्हा मुरली बजादे।।

(४)श्याम पिया का मिले जो दर्शन,
    "पदम" ने जीवन कर दिया अर्पण।
मन मन्दिर में बसाउंगी,कान्हा मुरली बजादे।।

     ।।इति।।


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Kanha Jo Mil Gaye

----- तर्ज़:-तुम जो चले गये तो -----
फ़िल्म:-आस पास

 ! !भजन!!

कान्हा जो मिल गए तो,मिल जाये दुनिया सारी।
तुम्हे ह्रदय में बिठालूँ, कहती है राधिका प्यारी।।

(१)मेरे दिल का चैन लूटा,तिरछी नज़र मिलाके,
तन मन की सुधि बिसारी, मुरली मधुर बजाके।
कान्हा नही मिले तो,रहती है बे करारी ,
तुम्हे ह्रदय में बिठालूँ, कहती है राधिका प्यारी।।

(२)पनिया भरन गई थी,मिले राह में मुरारी,
मेरी बैया ऐसी पकड़ी,गागरिया फ़ोड़ डारी
कर दूंगी  में शिकायत,मैया से जा तुम्हारी,
तुम्हे ह्रदय में बिठालूँ, कहती है राधिका प्यारी।।

(३)अनमोल है यह जीवन,नेकी का काम करले,
कहते है "पदम"ज्ञानी,राधे का नाम भजले।
कारी कमरिया ओढ़े,आ जायेंगे बिहारी,
तुम्हे ह्रदय में बिठालूँ, कहती है राधिका प्यारी।।

  ।।इति।।


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Sunday, September 9, 2018

Lo Bachalo Meri Laaj

 ------तर्ज:- नज़्म ------

------ || द्रौपदी की पुकार ||------

लो बचालो मेरी लाज भैया, तेरी बहना लुटी जा रही है,
यह दुशाशन के हाथों कन्हैया मेरी साड़ी खींची जा रही है ||

सभा के मध्य जो गर्दन झुकाए बैठे हैं
माल धन धाम सभी कुछ लुटाये बैठे हैं
जाने ऐसी भी क्या लगन लगी हुयी मेरे पति को
जुए की बाजी में वो हार गए द्रौपदी को
यह न सोचा की अंजाम इसका क्या होगा
सभा में नग्न जो होगी तो उसका क्या होगा
अगरचे आज मेरी आबरू लुट जाएगी
इसकी बदनामी कन्हैया के सर पे आएगी

नीच पापी की नियत में फितूर आया है
तभी तो आज दुशाशन ने जुल्म ढाया है
हमारे स्वामी तो योद्धा हैं शान वाले हैं
क्यों आज इनकी जुबानों पे पड़े ताले हैं
तुम्ही थे मीरा के ह्रदय में समाने वाले
विष के प्याले से थे अमृत को बनाने वाले
भक्त प्रहलाद ने जिस वक्त तुमसे टेर करी
बचाया खंभ से था उस समय न देर करी

खींचते खींचते जिस वक़्त दुशाशन हारा
सोचा द्रौपदी ने की आगया मुरलीवाला
सभा में मान दुशाशन को घटाया तुमने
बचाई लाज को और चीर बढ़ाया तुमने
जिसने विपता में श्री श्याम को पुकारा है
उसने तूफ़ान में भी पा लिया किनारा है
मुरली वाला है, दयालु है, शान वाला है
"पदम्" की वो ही तो बिगड़ी बनाने वाला है

जिसने मोहन का गुणगान गया उसकी बिगड़ी बनी जा रही है 

-: इति :-


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Saturday, September 8, 2018

Meri Laaj Rakho Krishna

 ------ तर्ज:- रंग रंग के फूल खिले मोहे भाये कोई ------
------ फिल्म:- आन मिलो सजना ------

अंग भंग करे नीच दुशाशन द्रौपदी करे प्रार्थना,
मेरी लाज राखो कृष्णा - 2

मेरी बाजी जुये में लगायी है,
मेरी इज्जत की किश्ती डुबाई है,
पाँचों पांडव भी बैठे हैं सामने,
मेरे स्वामी ने गर्दन झुकाई है,
पापी हमारी करे खुआरी, आये इसे लाज ना || मेरी ||

यह रचाया हुआ एक जाल था,
कौरवों की नियत में मलाल था,
तेरी द्रौपदी की अस्मत से खेलना,
इस तरह से दुशाशन का ख्याल था,
भैया हमारे नैना हारे रो रो करूं वंदना || मेरी ||

थक गए हाथ जब बईमान के,
जो कि दुश्मन थे द्रौपदी की शान के,
ऐ "पदम्" श्याम दीनों के नाथ हैं,
टुकड़े टुकड़े किये अभिमान के,
धीर बंधाया चीर बढ़ाया, पूरी हुयी कामना || मेरी ||

-: इति :- 


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Shyam Yaad Rakhoge Ya Bhul Jaoge

------ तर्ज:- पिया याद रखोगे या भूल जाओगे ------

तू मुरली न बजाना, राधा को न तड़पाना,
यह सखियों का नजराना,
श्याम याद रखोगे या भूल जाओगे ||

पनघट पे वह मुरली बजाये, सखियों को वह खूब सताए,
श्याम मेरी मटकी को फोड़े है, बैयाँ वह मेरी मरोड़े है,
तू इतना न सताना अब और न तरसाना,
यह सखियों का नजराना || श्याम ||

ग्वालों के साथ रास रचाए, भक्तों की वह बिगड़ी बनाये,
ध्यान उनके चरणों में लागा  है, ज्ञान मेरे ह्रदय में जागा है,
बिगड़ी मेरी बनाना यह "पदम्" का फ़साना,
यह सखियों का नजराना || श्याम ||

-: इति :- 


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Boli Vasudev Se Devki

------ तर्ज:- कव्वाली ----
तर्ज़:- मेरे रश्के कवर,तूने पहली नज़र,
जब नज़र से मिलाई मज़ा आ गया ।।
------ || कृष्ण जन्म || ------

बोली वसुदेव से देवकी इस तरह ।
जेल में जन्मे लाला, गजब हो गया ।।

सुनके वसुदेव जी मन में घबरा गये
आंसू जब देवकी माँ के भी आ गए
कृष्ण बोले मैं अवतार हूँ राम का ।
उनके दर्शन दिखाना गजब हो गया ।।

मुझको गोकुल में तुम छोड़ आओ अभी
कंस को यह खबर हो न जाये कहीं
कट गईं बेड़ियां जेल के पट खुले ।
ऐसी माया रचाना गजब हो गया ।।

कृष्ण को सूप में रख के चलने लगे
बिजली चमकी और बादल गरजने लगे
मस्त भादों महीने की थी अष्टमी ।
राह जमुना से जाना गजब हो गया ।।

पानी जमुना को देखा जो बड़ता हुआ
देख वसुदेव ने सूप ऊंचा किया
यमुना हरी के चरण छूना चाहती थी यूं ।
पाँव नीचे बढ़ाना गजब हो गया ।।

धीर मन को हुआ पहुंचे नन्द भवन
लेके कन्या चले छोड़ा अपना ललन
सारी गोकुल में छायीं है खुशियाँ "पदम्" ।
झूले पलना में ललना गजब हो गया ।।


काट दूं प्रथम यदि हानि है किसी डाल से
देवकी को मार दूं यदि भय है उसके लाल से
क्यों व्यर्थ मारने को मुझे लाल हो गया
गोकुल में देख पैदा तेरा काल हो गया

पाप जब हठ पे होता है तभी अवतार होता है
इसी अवतार से भक्तों का बेड़ा पार होता है
सुमरते हैं जो मुझको उन पर मेरा प्यार होता है
न रहती पाप की सीमा तभी अवतार होता है

-: इति :-



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Monday, July 30, 2018

Kanha Murli Bajado

------ तर्ज:-मंदिर से दौड़ी चली आउंगी, कोई दिल से पुकारे ------

पनघट से दौड़ी चली आउंगी,
कान्हा मुरली बजादे,,,,,
मधुवन में रास रचाऊंगी,
कान्हा मुरली बजादे,,,,

(१)श्याम सुंदर से लागे नैना,
तुम बिन हमको चैन पड़े ना,
तुम संग प्रीत निभाउंगी ।।
कान्हा मुरली,,,,,,,,,

(२)नन्दलला की सावरी सूरत
चंचल चितवन मोहिनी मूरत,
माखन मिश्री खिलाऊँगी।।
कान्हा मुरली,,,

(३)तुमने मुरली मधुर बजाई,
तन मन की मेने सुध बिसराई,
पीर जिया की दिखाऊँगी।।
कान्हा मुरली,,,,,,,

(४)श्याम पिया का मिले जो  दर्शन,
"पदम"ने जीवन कर दिया अर्पण,
मन मन्दिर में बिठाउगी।।
कान्हा मुरली ,,,,,,,,,,,

       ।।इति।।


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Friday, April 20, 2018

Radha Gori Chora Chori

मैं ग्वालों का राजा हूँ, तू सखियों की रानी है,
राधा गोरी चोरा चोरी, आजा रुत यह सुहानी है ||

तू धार है यमुना की, मैं तेरा किनारा हूँ,
वृषभान की तू लाडली, मैं यशोदा का प्यारा हूँ,
निधि वन में चली आना, रास लीला रचानी है || राधा ||

लीला है कन्हैया की, सखियों का है भोलापन,
सब सखियों के संग में, वह नाच रहे मोहन,
मोहन भी दीवाने है, राधा भी दीवानी है || राधा ||

भव से जो तरना है, कुछ यतन "पदम्" करले,
मोहन मिल जायेंगे, राधे का भजन करले,
राधे और मोहन की यही प्रेम कहानी है || राधा ||

-: इति :-


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Murli Bajake Ghanshyam

मुरली बजाके घनश्याम ने राधा का मन हर लिया,
कहाँ जा छिपे हो कान्हा जुल्मी पिया ||

एक दिना मेरी रोके डगरिया,
एक न माने मेरी फोड़े गगरिया,
अब का करूं में गुइयाँ धड़के जिया || मुरली ||

क्या गोकुल है क्या बरसाना,
कौन नहीं है श्याम तेरा दीवाना,
जिसने पुकारा उसको दर्शन दिया || मुरली ||

नटखट छलिया नन्द का लाला,
"पदम्" की झोली भरने वाला,
भक्तों ने तन मन तुमको अर्पण किया || मुरली ||

-: इति :- 


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Friday, April 13, 2018

O Kanha re

------ तर्ज:- ओ साथी रे ------
------ फिल्म:- मुकद्दर का सिकंदर ------

ओ कान्हा रे तूने गजब कर दीना,
मुरली बजायी है सुध बिसराई है,
मोरा जिया हर लीना || तूने गजब कर दीना ||

रोज सवेरे पनघट घेरे,
छलिया नटखट सबको छेड़े,
बैंयाँ मरोड़े है मटकी फोड़े है,
दही माखन सब छीना || तूने ||

राह चलत मोरी पकड़े बैंयाँ,
मन की पीर न जानत सैंयां,
कर दियो बावरिया, ऐसा है सावरिया,
मुश्किल कर दियो जीना || तुने ||

मधुबन कितने रास रचाये,
कितनों के तूने काज बनाये,
"पदम्" पुकारे है झोली  पसारे है,
तेरे खजाने में कमी ना || तूने ||

-: इति :-


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Teri Ulfat Me Mohan

------ तर्ज:- सनम तू बेवफा के नाम से मशहूर ------
------ फिल्म:- खिलौना ------

तेरी उल्फत में मोहन एक दिन यह अंजाम हो जाए,
की तेरे साथ मेरा नाम भी बदनाम हो जाये ||

लगे हैं जब से यह नैना मेरे दिल को नहीं चैना,
पिया एक बार आकर के जिया की पीर हर लेना,
दिलावर तू मेरे दिल का अगर घनश्याम हो जाए || तेरे ||

लगी है आँख जिस दिन से, लगी न आँख उस दिन से,
सुलगती जा रही है यह विरहा की आग उस दिन से,
तेरी ही इंतजारी में सुबह से शाम हो जाए || तेरे ||

कन्हैया तुमसे विनती है मेरी बिगड़ी बना देना,
सवाली जाए खाली "पदम्" की झोली भर देना,
तुम्हारा नाम हो जाए हमारा काम हो जाए || तेरे ||

-: इति :-


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Thursday, April 12, 2018

Sunri Maiya Tera Kanhaiya

------ तर्ज :- एक दाल पे तोता बोले ते एक डाल ते मैना ------
------ फिल्म :- चोर मचाये शोर ------

सुनरी मैया तेरा कन्हैया, लेकर ग्वालों की सेना,
माखन खाए मटकी फोड़े और लड़ाए नैना || बोलो है ना ||

जमुना तट पर नन्द का लाला मुरली मधुर बजाये,
कोई नवेली मिले अकेली छेड़ करे भग जाए,
छेड़कर भग जाए छलिया हाथ न आये,
सखियों के संग रास रचाये, लूटे दिल का चैना || बोलो है ना ||

एक समय हम सारी सखियाँ जमुना जल में नहाये, 
चीर चुराके कदम पे बैठा सखियाँ हा हा खायें,
सखियाँ हा हा खाये बाहर कैसे आयें,
लाज की मारी सखियाँ हारी इसको शर्म लगेना || बोलो है ना ||

हँसकर बोले माँ से कान्हा यह सब झूठ लगाये,
मेरे मूँह में लगा के माखन मुझको चोर बनायें,
मुझको चोर बनाये और शिकायत लायें,
"पदम्" कमी क्या दूध दही की मुझे क्या लेना देना || बोलो है ना ||

-: इति :-


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Monday, April 2, 2018

Saare Jahan Se Niraala

------ तर्ज - सारे जहाँ से निराला मुरलिया वाला ------
------ फिल्म - पाकीज़ा ------

सारे जहाँ से निराला, मुरलिया वाला ||

हमरी न मानों तो मीरा से पूछो,
विष अमृत कर डाला, मुरलिया वाला || सारे ||

हमरी न मानों तो द्रौपदी से पूछो,
दुशासन का मूंह किया काला, मुरलिया वाला  || सारे ||

हमरी न मानों तो राधा से पूछो,
पिए तेरे प्रेम का प्याला, मुरलिया वाला || सारे ||

हमरी न मानों तो भक्तों से पूछो,
भक्तों के कष्टों को टाला, मुरलिया वाला || सारे ||

हमरी न मानों "पदम्" से ही पूछो,
जपे तेरे नाम की माला, मुरलिया वाला || सारे ||

-: इति :-


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Sunday, March 25, 2018

Mata Yashodha Bada Chaliya Kanhaiya Tera

------ तर्ज:- इन्ही लोगों ने - 2 ले लीना दुपट्टा मेरा ------
------ फिल्म :- पाकीज़ा ------

माता यशोदा - 2 बड़ा छलिया कन्हैया तेरा ||

हमरी न मानो तो सखियों से पूछो,
माखन की लूटे गगरिया कन्हैया तेरा || माता ||

हमरी न मानो तो ग्वालों से पूछो,
सखियों की रोके डगरिया कन्हैया तेरा || माता ||

हमरी न मानो तो मनसुख से पूछो, 
पनघट की रोके डगरिया कन्हैया तेरा || माता ||

हमरी न मानों "पदम्" से ही पूछो,
मीठी बजाये बाँसुरिया कन्हैया तेरा || माता ||

-: इति :- 


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Saturday, February 24, 2018

Ashtami Aayi (जन्माष्टमी भजन)

तर्ज:- आने से उसके आये बहार
फिल्म:- जीने की राह

|| जन्माष्टमी ||

अष्टमी आई मां यशोधा के द्वार,
गोकुल में छाई है खुशियाँ अपार,
जन्में हैं नंदलाला चलो दर्शन को ||

है ख़ुशी का अवसर नन्द घर लाल पैदा हुआ है,
कंस पापी तेरे वास्ते काल पैदा हुआ है,
रूप अति सुन्दर है पर है ज़रा काला || चलो ||

भादो का महिना, अष्टमी का यह दिन है सुहाना,
रात भी है आधी, होगा अवतार खुश है ज़माना,
भक्तों पर संकट में आया है रखवाला || चलो ||

हो सफल यह जीवन उनके चरणों में डेरा लगाले,
इस जहाँ की नैया के खिवैया "पदम्" मुरली वाले,
लाज मेरी रख लेना गिरधर गोपाला || चलो ||

-: इति :- 


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Wednesday, February 21, 2018

Mere Makhan Ki Gaagar

तर्ज :- मेरे घुंघरू के बोल अनमोल
फिल्म:- पुतली बाई

मेरी माखन की गागर न ढोल छलिया,
वर्ना ले लूंगी मैं इसका मोल छलिया ||


बरसाने की हूँ मैं भोली गुजरिया,
गोकुल का तू तो ग्वाल रे,
बेदर्दी बैरन बजाये बाँसुरिया,
जी का न जाने तू हाल रे,
तेरी मुरली पे जिया जाए डोल छलिया || वर्ना ||

राधा ने तन मन की सुध बुध बिसारी,
जुल्मी से लागे हैं नैन रे,
यादों में प्रीतम के दिन गिन गुज़ारे,
सपनों में काटी है रैन रे,
कभी बिरहन के दिल को टटोल छलिया || वर्ना ||

द्वारे पे आया है आशा लगाए,
लज्जा तुम्हारे है हाथ रे,
भक्तों को चरणों में इतनी जगह दो,
जितनी "पदम्" को मिली नाथ रे,
मेरे ह्रदय में प्रेम रस घोल छलिया || वर्ना ||

-: इति :-



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Saturday, February 17, 2018

Radha Sakhiyon Se Boli

तर्ज:- मेरा प्यार भी तू है ये बहार भी तू है
फिल्म:- साथी 1968

  राधा सखियों से बोली, चलो लेकर के टोली,
बरसाने में खेलेंगे होली,
कान्हा छलिया से, मन बसिया से || राधा ||

लाल गुलाल से मूंह रंग देंगे, रंग बिरंगे रंग डालेंगे,
आज कन्हैया को हम मिलकर अपने रंग में रंग डालेंगे 
झूमके संग नाचेंगे || राधा ||

जब सब सखियाँ घर से निकली, राह में मिल गए मदन मुरारी,
देख के झुर मुट में राधा को, तान ली मोहन ने पिचकारी,
राधा को रंग डारी || राधा ||

दोनों तरफ से रंग है बरसा, लाल गुलाल गगन में छाया,
ऐसे रंगे हैं "पदम्" किसी को चेहरा भी पहचान न आया,
मस्त महीना आया || राधा ||

-:इति:-


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Thursday, February 15, 2018

Jamuna Me Nahave Sakhiyan Kare Shor

तर्ज :- सावन का महिना पवन करे शोर
फिल्म:- मिलन 1967

जमुना में नहावें, सखियाँ करें शोर,
चीर चुराके कदम पे चढ़ गयो छलिया नन्द किशोर ||

हाय ज़ुल्म ढाये कृष्ण कन्हैया,
राधा बेचारी कान्हा पड़े तोरे पैयां,
या नटखट के आगे चले न कोई जोर || चीर ||

कान्हा करे क्या जाने हमको इशारा,
जल से हो न्यारी दूँगा चीर तुम्हारा,
मुरली मधुर बजाये वह कान्हा माखन चोर || चीर ||

जब भक्तों ने तुमको पुकारा,
तुमने दिया आके उनको सहारा,
दया नज़र कब होगी ऐ कान्हा "पदम्" की ओर || चीर ||

-:इति:-


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Wednesday, February 14, 2018

Wahan Ek Chaliya Muraliya Bajaye

तर्ज:- तुम्हें और क्या दूं मैं दिल क सिवाए
फिल्म:- आई मिलन की बेला

नहीं जाऊं पनघट पे जियरा डराए,
वहां एक छलिया मुरलिया बजाये ||

सखी तू क्या जाने, वह ऐसा है छलिया,
अकेली मुझे देख रोके डगरिया,
मेरी भोली नज़रों से नजरिया लड़ाए || वहां ||

शिकायत करूंगी मैं मैया से जाके,
तेरे कान्हा छेड़े है, पनघट पे आके,
गिराए गगरिया खड़ा मुस्कुराए || वहां ||

कन्हैया तुम्हारी निराली है माया,
पड़ा कष्ट भक्तों पे, तुमने हटाया,
"पदम्" तेरे चरणों में तेरे गीत गाये || वहां ||

-: इति :-


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