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Saturday, November 24, 2018

Kismat Me Jo Likha Hai

------ तर्ज :- एक बेवफा का प्यार लिफाफे में बंद है ------
तर्ज़:-कैलाश के निवासी नमो बार बार है______
।। दोहा ।।

माँ गौरा के ललन को नमन बार बार है,
मूषे पे चले आओ तेरा इंतज़ार है

।। भजन ।।

किस्मत में जो लिखा है वह मुट्ठी में बंद है,
गणपत की जो रजा है वह हमको पसंद है ।। किस्मत ।।

सर गज का लगाया था शिव ने गणेश को,
तब से गणेशजी का नाम गजानंद है ।। किस्मत ।।

जीवन में सबको खुशियां बराबर नहीं मिलती,
है कोई खुश नुमा तो कोई दर्दे मंद है ।। किस्मत ।।

दर्शन दिखाने गणपति आते हैं हर बरष,
बस इसलिए भक्तों का होषला बुलंद है ।। किस्मत ।।

जो कुछ "पदम" ने लिख दिया दिल की आवाज है,
न गीत है गजल है भजन है न छन्द है ।। किस्मत ।।

-: इति :-


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Sunday, September 30, 2018

Shiv Ke Pyare Ganesh

----- तर्ज़:-मेरे रशके कँवर तूने पहली नज़र -----

 !!भजन!!

शिव के प्यारे गणेश,काटो बिघ्न क्लेश,
मेरे अंगना पधारो,में तर जाऊंगा।।
एक दया की नज़र,आप करदो इधर,
मेरी बिगड़ी सुधारो, में तर जाऊंगा।।

(१)रिद्धि सिद्धि के दाता कहें आपको,
     ज्ञान बुद्धि बिधाता कहें आपको।
करके मूषे सबारी चले आइये,
मेरा नर तन सबारो में तर जाऊंगा।।

(२)चार मोदक के लड्डू चढ़ाये तुम्हें,
     सारे देवों से पहले मनाएं तुम्हें।
नाम सिमरन करें,शीश चरनन धरें,
पार भव से उतारो,में तर जाऊंगा।।

(३)आपके दर पे जो भी सबाली गया,
   आज तक कोई दर से न खाली गया।
में हूं पापी अधम,है शरण मे "पदम"
गीत मेरे निहारो,में तर जाऊंगा।।

   ।।इति।।


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Sunday, September 9, 2018

Ganraja Bade Hain Gyani Re

------ तर्ज:- में तो दीवाना,भोले का दीवाना -----
तर्ज:- भगवान मेरी नैया उस पर लगा दे
मां गौरा के गणेशा,गणराज गजानंद है
कैलाश के पर्वत पर,आनंद ही आनंद है

में तो दीवाना,गणपति का दीवाना
बड़े ज्ञानी है, गणराजा ,बड़े ज्ञानी





------ || श्री गणेश जी की महिमा || ------
बड़े ज्ञानी है,गणराजा,बड़े ज्ञानी

यही जग में अमर है कहानी रे |
गणराजा बड़े हैं ज्ञानी रे ||
(1)
पूरी हुई तपस्या, शंकर जी लौट आये
देखा महल के द्वारे, बालक को खड़ा पाये
शंकर ने उससे पूछा, क्या नाम है तुम्हारा
द्वारे पे पहरा देना, क्या काम है तुम्हारा
गौरा से मिलूँगा मैं, उनका मुझे पता दे
क्यों रोकता है मुझको, चल हट जा रास्ता दे
(2)
इस वक्त माता मेरी, स्नान कर रही है
अन्दर कोई भी जाए, यह आज्ञा नहीं है
जग जानता है उनको, गौरा है माता मेरी
बेटा हूँ मैं उन्हीं का, वो है विधाता मेरी
यह मुझको आज्ञा है, द्वारे से न हटूंगा
चाहे जान चली जाये, अन्दर न जाने दूंगा
(3)
इस बाल हठ पर शिव को, अचरज हुआ है भारी
गौरा बिना पति के, कैसे बनी महतारी
गुस्से में आये शंकर, त्रशूल जो संभाला
एक बार में ही बालक का शीश काट डाला
इतने में ही अचानक , गौरा नहा के आयीं
स्वामी के आगमन पर, गौरा ने दी दुहाई
द्वारे नजर गयी तो, बालक को मरा पाया
गौरा ने कहा शिव से, कैसी है नाथ माया
(4)
इतने बड़े महल में, बैचैन अकेली थी
न दास थे न दासी, न कोई सहेली थी
सुन्दर से एक बालक, का पुतला बना कर के
फिर जान उसमें डाली, अमृत को छिड़क कर के
आईं हजार खुशियाँ, आँचल में सिमट कर के
इतने जतन किये, यह लाल मैंने पाया 
पर आपके गुस्से ने, बेटे का सुख छिनाया
(5)
शिव ने बुला गुणों को, यह आज्ञा सुनाई
बेटे से मुंह को मोड़े, जो सो रही हो माई
जल्दी से जाकर उसका, तुम शीश काट लाओ
बीते न एक पल भी, देरी नहीं लगाओ
पल भी न बीत पाया, गण लौट कर के आये
हथनी के एक बच्चे का, शीश काट लाये
(6)
बालक के धड़ से शिव ने, गज शीश को लगाया
डमरू बजाके शिव ने, ऐसी दिखाई माया
ऊँगली से छिड़का अमृत, बालक में जान आई
सुत को गले लगाके, माँ गौरा मुस्कुराई
गणेश जी देवों के, सरताज बने केसे
आगे "पदम" बताओ ,गणराज बने केसे
(7)
शिव ने सभी देवों को आदेश सुनाया है
देना है अब परीक्षा,यह सब को बताया है
त्रिलोक की परिक्रमा,जो पहले लगाएगा
शुभ कार्यों में प्रथम पूजन के योग्य होगा
ले अपने अपने वाहन सवार हो गए है
हर देव विजय पाने को तैयार हो गए है
वाहन पे कर सबारी,सब देव चल दिए है
 कई रात ढल गईं है ,कई दिन भी ढल गए है
(8)
गणेश जी ने अपने मूषक को बुलाया है
मूषक पे कर सवारी,यह ध्यान में आया है
त्रिलोक के स्वामी है,माता पिता हमारे
इनकी करू परिक्रमा,गणेश यूं बिचारे
 माता पिता दोनों की,परिक्रमा जब लगाई
शिव जी समझ गए है,गणेश की चतुराई
वो ज्ञान से बुद्धि से, गणराज हो गए है
      याने"पदम्"वह देवों के, सरताज हो गए है

-: इति :-


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Friday, April 20, 2018

Bade Maan Se Gajanand


तर्ज़:- बड़े मान से जमाना, मां तुमको पूजता है
//श्री गणेश जी भजन/
बड़े मान से गजानंद हम तुमको पूजते हैं,
गौरा के भये ललना पलना में झूलते हैं ||

(1)रिद्धि और सिद्धि के दाता हो तुम,
भक्तों के भाग्य विधाता हो तुम,
त्रिलोक में गणेशा मूषक पे घुमते हैं ||बड़े ||

(2)बुद्धि विनायक हो गणराज हो,
देवों में तुम ही तो सरताज हो,
सुर नर ऋषि तुम्हारी भक्ति में झूमते हैं ||बड़े ||

(2)दुनिया के जिस मोड़ पर हम खड़े हैं,
यहाँ मोह माया के बंधन बड़े हैं,
होगी दया तुम्हारी बंधन भी टूटते हैं ||बड़े ||

(3)भक्तों की बिगड़ी बना जायेंगे,
अगले बरस देवा फिर आयेंगे,
दरपे "पदम्" तुम्हारे मुक्ति को ढूंढते हैं ||बड़े ||

-: इति :-



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Thursday, April 12, 2018

Manao Gajanand Ko Aan Re

------ तर्ज:- चलाओ न नैनों से ------
------ फिल्म :- बोल बच्चन ------

मनाओ गजानंद को आन रे, लेलो लेलो वरदान रे,
ध्यान लगा है ध्यान रे, लगा चरणों में ध्यान रे,
कहीं निकल न जाए - 2 ऐसा मौका नादान रे,
शामिल भी हो - 2 हमरा भक्तों में नाम रे ||

तुमको मनाने को आये हैं हम,
लड्डू चढ़ाने को लाये हैं हम,
गौरा के प्यारे गजानंद हैं,
इनके ही चरणों में आनंद है || कहीं निकल ||

देवा के द्वारे पे आयेंगे हम,
देवा के गुणगान गायेंगे हम,
पूजा और भक्ति से अनजान हैं,
सेवक तुम्हारे हैं नादान है  || कहीं निकल ||

गनपत के जो भी भजन गायेंगे,
भव सिंध से जीव तर जायेंगे,
माया के फंदे भी कट जायेंगे,
विपता के बादल भी छट जायेंगे  || कहीं निकल ||

मूषे पे देवा सवारी करें,
झोली हमारी तुम्हारी भरें,
रिद्धि और सिद्धि के संग आयेंगे,
बिगड़ी "पदम्" की बना जायेंगे  || कहीं निकल ||

-: इति :-


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Monday, April 2, 2018

Deva Maanat Nahiya

------ तर्ज - ऐसी दुपहरिया न जाऊं रे डोली ( लोकगीत ) ------

गणपत को कैसे मनाएं रे, देवा मानत नहिंयाँ ||

हाथी और घोड़ा जाको कछु नहीं भाये,
मूषा पे घूमन जाए रे || देवा ||

पेड़ा और बर्फी जाको कछु नहीं भाये,
लड्डूअन का भोग लगाये रे || देवों ||

तीन लोक परिक्रमा न भाये,
मात पिता सर नवाए रे || देवा ||

स्वर्ग की अप्सरा मन नहीं भाये,
रिद्धि सिद्धि संग ब्याहे रे || देवा ||

"पदम्" के विघ्न कलेश न भाये,
विघ्न हरण कहलाये रे || देवा ||

-: इति :-  


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Thursday, March 1, 2018

Mooshe Pe Chale Aao

तर्ज़:- कैलाश के निवासी नमो बार बार हूं 
//श्री गणेश भजन//
माँ गौरा के ललन को नमन बार बार है,
मूषे पे चले आओ, तेरा इंतज़ार है ||

त्रिलोक में देवों के तुम सरताज कहाते,
दाता हैं रिद्धि सिद्धि के गणराज कहाते,
तेरी दया हो जिसपे उसका बेड़ा पार है || मूषे ||

मोदक के लड्डू लाये हैं प्रभु भोग लगाना,
जाना है चले जाना, पर अगले वर्ष आना,
मंगल के हो स्वामी, तेरी महिमा अपार है || मूषे ||

जीवन में क्या करोगे, इस दौलत के ढेर का,
चरणों में गजानंद के खजाना कुबेर का,
ऋषियों ने और मुनियों ने की जय जयकार है || मूषे ||

वेदों में पुराणों में, तेरा नाम बड़ा है,
झोली "पदम्" की भरदो, यह चरणों में पड़ा है,
तेरे बिना अब कौन मेरा मददगार है || मूषे ||

-: इति :-


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Wednesday, February 21, 2018

Hum To Aaye Gajanand Ke Dwar

तर्ज:- हम ना जइबे ससुर घर में बाबा
//श्री गणेश भजन//
हम तो आये गजानंद के द्वार बाबा,
मिले हमको भी थोड़ा सा प्यार बाबा ||

गौरा ने गणपति को नाजों से पाला,
शिवजी ने गुस्से में सर काट डाला,
माँ की आज्ञा रखी सिरो धार बाबा ||

अलबेले मूषक पे करते सवारी,
देवों ने जानी न लीला तुम्हारी,
ज्ञान बुद्धि में सब गए हार बाबा ||

विघ्न विनाशक हैं गणराज देवा,
कहलायें देवों के सरताज देवा,
रिद्धि सिद्धि भरें भण्डार बाबा ||

"पदम्" ने पूजा की थाली सजाई,
श्रद्धा सबूरी की माला बनायीं,
लाये मोदक के लड्डू चार बाबा ||

-: इति :-


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Saturday, February 17, 2018

Pehle Sumar Leu Ganpati Ko

तर्ज :- अमुआ की डारि झूला डार दये मैया के ( जस )

माँ गौरा के लाल पहले सुमर लेऊं गणपति को,
दाता दीना दयाल पहले सुमर लेऊं गणपति को ||

गौरा की अंखियों के तारे,
शिव शंकर के राज दुलारे,
भक्तन के प्रतिपाल ||

रिद्धि और सिद्धि के दाता,
कहलाते हैं बुद्धि विधाता,
करते माला माल ||

मूषे पे असवार चलत है,
मोदक लड्डू चार चड़त है,
हो गए भगत निहाल ||

"पदम्" तुम्हारो ध्यान लगाये,
करे आरती मंगल गायें,
दर्शन को है सवाल ||

-:इति:-


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Wednesday, February 14, 2018

Mere Hriday Viraajo Ganraaj Re

तर्ज :- आजा तुझको पुकारे मेरे गीत रे -2
फिल्म :- नीलकमल 

मेरे ह्रदय विराजो गणराज रे -2,
मेरी विपता टारो आज रे || मेरे ||

जानू न कैसे तेरी वंदना हो,
कैसे सफल मेरी आराधना हो ,
मैं नादान दयालु तुम हो आन सवारो काज रे || मेरे ||

आप कहाते रिद्धि सिद्धि के दाता,
भक्त जनों क भाग्य विधाता,
तीन लोक के सब देवों में तुम ही हो सरताज रे || मेरे ||

मूषे पे रहती है तेरी सवारी,
कोई न जाने है माया तुम्हारी,
आज सभा के बीच प्रभुजी राखो "पदम्" की लाज रे || मेरे ||

-: इति :-


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Saturday, February 10, 2018

Pehle Ganraaj Ka Hum Naam Liya Karte Hain

तर्ज :- कव्वाली

पहले गणराज का हम नाम लिया करते हैं,
नाम के बाद कोई काम किया करते हैं ||

आज गणराज को दरबार में पुकारा है,
नैया मझधार में है तेरा ही सहारा है,
लगाना पार इसे मेरा यही नारा है,
नाथ गणराज सिवा कोई न हमारा है,
तेरे हर नाम का हम जाम पिया करते हैं || पहले ||

तुम्हें गणराज किसी रूप में आना होगा,
मूषे असवार हमें दर्श दिखाना होगा,
दर्श देकर के मेरे पाप मिटाना होगा,
लाज महफ़िल में मेरी तुमको बचाना होगा,
शान पर प्यार से हम जान दिया करते हैं || पहले ||

श्री गणराज मेरे ज्ञान को बड़ा देना,
ज्ञान अज्ञान का मुझको सबक पड़ा देना,
पीड़ा हर लेना मेरी, शान को बड़ा देना,
पापी लोगों को तेरी फूँक से उड़ा देना,
"पदम्" ह्रदय से तेरा गान किया करते हैं || पहले ||

-: इति:-


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Bappa Moriya Re

तर्ज :- मैं निकला गड्डी लेके,
फिल्म :- गदर

पत राखो गणराजा मूषे पे चढ़ के आजा,
बप्पा मोरिया रे लड्डू चोरिया रे ||

गौरा की आँख के तारे हो, शंकर के राज दुलारे हो ,
मंगल के स्वामी कहलाते,भक्तों के संकट टारे हो,
चलो पूजा करने को,भक्ति में नचने को,
मन हो रिया रे || बप्पा मोरिया रे ||

देवों में तुम गणनायक हो,भक्तों के विघ्न विनाशक हो,
रिद्धि सिद्धि के दाता हो, माता के बड़े उपासक हो,
पाना है गणपत को, दुनिया की झंझट को,
सब छोड़िया रे || बप्पा मोरिया रे ||

बप्पा के भोग तैयार करो, मोदक के लड्डू चार धरो,
गीतों की माला लिए "पदम्", श्री गणपति जी स्वीकार करो,
करना है जो दर्शन, मोह माया के बंधन,
सब तोड़िया रे || बप्पा मोरिया रे ||

-: इति :-


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Friday, February 2, 2018

Mooshe Aswaar Gajanand Tumhe Aana Hoga

तर्ज :- कव्वाली

मूषे असवार गजानंद तुम्हें आना होगा,
लाज महफ़िल में मेरी तुमको बचाना होगा ||

सभी देवों से पहले तुमको मना लेता हूँ,
झुका के शीश तेरा ध्यान लगा लेता हूँ,
सुनो गणराज तुम्हें अर्जी सुना देता हूँ,
नैया मझधार में है तुमको बता देता हूँ,
मेरी नैया किनारे तुमको लगाना होगा || मूषे ||

किसी के प्यार को ठुकराना नहीं अच्छा है,
किसी प्यासे को यूं तड़पाना नहीं अच्छा है,
आओ अब देर लगाना भी नहीं अच्छा है,
ऐसे में मुंह को छिपाना भी नहीं अच्छा है,
तुमको गणराज मुझे अपना बनाना होगा || मूषे ||

तुम्हारे चरणों में प्रणाम बार-बार मेरा,
बिना जल तड़पे मीन ऐसे तड़पे प्यार मेरा,
बिना दर्शन के जिया है यह बेकरार मेरा,
ज़िन्दगी मौत की नैया का तू पतवार मेरा,
"पदम्" की झोली में कुछ ज्ञान लुटाना होगा || मूषे ||

-:इति:-


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Friday, January 26, 2018

Ganraja Pyaare Aa Jao Naa

तर्ज :- मेरा दिल अब तेरा ओ साजना 
फिल्म :- दिल अपना और प्रीत परायी

गणराजा प्यारे आ जाओ ना,
रिद्धि सिद्धि को संग लेके आजाओ ना ||

याद करूं मैं आज सभा में शिव शंकर का प्यारा,
नाव फंसी है बीच भँवर में मुझको तेरा सहारा,
मेरी नैया किनारे लगा जाओ ना || गणराजा ||

तेरे दर पे एक सवाली विनती तुम्हें सुनाये,
शरण पड़े की लाज बचालो आया आस लगाये,
लाज महफ़िल में आके बचा जाओ ना || गणराजा ||

ओ गणराजा गुणों के राजा बिगड़ी मेरी बनाओ,
"पदम्" तुम्हारी शरण में आया दिल के बीच समाओ,
ज्ञान बुद्धि का दीपक जला जाओ ना || गणराजा ||

-:इति:-


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Aas Darshan Ki Laaye Hain

तर्ज :- बड़ी दूर से आये हैं प्यार का तोहफा लाये हैं
फिल्म :- समझौता

तेरे द्वार पे आये हैं, आस दर्शन की लाये हैं,
तुम्हे विनती सुनाये हैं, आस दर्शन की लाये हैं |

तुम लाडले गौरा के शिव शंकर के दुलारे,
ज्ञान के सागर बुद्धि के देवन हारे,
गजानंद आप कहाए हैं || आस दर्शन ||

सरताज हैं देवों के रिद्धि के सिद्धि के दाता,
तेरा सवाली कोई खाली नहीं जाता,
दया की भीख लुटाये हैं || आस दर्शन ||

मैं न जानू प्रभु कैसे तुम्हारी वंदना हो,
आज "पदम्" की पूरी कामना हो,
तुम्हारे गुण को गायें हैं || आस दर्शन ||

-:इति:-


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Wednesday, January 17, 2018

Mere Ganraaja Bigdi Bana

तर्ज :- ढपली वाले ढपली बजा 
फिल्म :- सरगम

मेरे गणराजा बिगड़ी बना,
मैंने तुमको पुकारा है || आ ||
तू आके लाज बचा || मेरे गणराजा ||

गौरा के दुलारे भोले शिव के प्यारे भक्तों के तुम हो सहारे,
नैनों में छिपालो अपना बनालो आये हैं दर पे तुम्हारे,
है मूषे सवारी गजानंद तुम्हारी,
मेरे काज आके बनाजा || मेरे गणराजा ||

वेदों में लिखा है सबने पढ़ा है पहले है पूजा तुम्हारी,
ओ ज्ञान दाता बुद्धि विधाता सुन लो जी विनती हमारी,
बसे तुम हो मन में, मैं आया शरण में,
दया का खज़ाना लुटाजा || मेरे गणराजा ||

तेरी शान आली सबसे निराली, दर पे लाखों सवाली,
जो भी है जाता वरदान पाता, आता नहीं कोई खाली,
"पदम्" ने यह जाना है बैरी ज़माना,
यह बंधन से मुक्ति दिलाजा || मेरे गणराजा ||

-: इति :-



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Mooshe Pe Sawaari Karte Huye

तर्ज :- कव्वाली

मूषे पे सवारी करते हुए गौरा के दुलारे आएंगे ,
दर्शन करने को जल्दी चलो शिवराज के प्यारे आएंगे ||

प्रथम गणराज सुमरने से सब काम सफल हो जाते हैं ,
वो दीन दया के सागर हैं भक्तों के सहारे आएंगे || मूषे ||

क्यों धूम मची है महफ़िल में, पूछा यूं किसी दीवाने ने,
हम कहने लगे कि आज यहां गणराज हमारे आएंगे || मूषे ||

रिद्धि सिद्धि के दाता हो तुम सब के भाग्य विधाता हो,
वो नाथ "पदम" के गजधारी दीनों के सहारे आएंगे || मूषे ||


-: इति :-


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Monday, January 15, 2018

Gajanand Aapko Pratham Mera Pranam Ho jaaye

तर्ज:- सनम तू बेवफ़ा के नाम से मशहूर
फिल्म :- खिलौना

गजानंद आपको प्रथम मेरा प्रणाम हो जाये,
दयालु तुम दया करदो सफल हर काम हो जाए ||

जहाँ के देवताओं का तुम्हे सरताज कहते हैं,
हैं दाता रिद्धि सिद्धि के तुम्हे गणराज कहते हैं,
तुम्हारी वंदना करने से शुभ अंजाम हो जाए || गजानंद ||

दुलारे गौर माता के पिता हैं भोले अविनाशी,
मेरे मन की प्रभु अखियाँ तेरे दर्शन की हैं प्यासी,
तुम्हारी राह में बैठे सुबह से शाम हो जाए || गजानंद ||

ओ दाता तुमसे विनती है मेरी बिगड़ी बना देना,
सवाली जाये न खाली "पदम्" की झोली भर देना,
हमारा काम हो जाए तुम्हारा नाम हो जाए || गजानंद ||

-: इति :-



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Sunday, January 14, 2018

Pratham Tumhari Vandana Me Tumko Manaya Karte Hain

तर्ज :- क्या करते थे साजना
फिल्म :- लाल दुपट्टा मल मल का

माँ गौरा के लालना हम तुमसे लौ लगाके,
प्रथम तुम्हारी वंदना में तुमको मनाया करते हैं ||

कहते हैं सब तुम्हे बुद्धि विधाता तुम तो हो रिद्धि सिद्धि के दाता,
तुम भक्तों के भक्त तुम्हारे द्वार से कोई खाली न जाता,
कृपा निधि कृपा करो  - विध्न हरण विपता हरो,
यह विनती सुनाया करते हैं || तुमको ||

मूषा सवारी करते हैं देवा लड्डू के भोग लगे चढ़ती है मेवा,
देव तुम्हारे गुणगान गायें संत तुम्हारी करते हैं सेवा,
हम तो बड़े नादान हैं - पूजा धर्म से अज्ञान हैं |
गुणगान किया करते हैं || तुमको ||

हो गज वंदन गिरिजा के नंदन कहलाते हो असुर निकंदन,
मैं आया हूँ शरण तुम्हारी नाथ "पदम्" के काटो बंधन,
अवगुण मेरे चित्त न धरो - बेड़ा भव से पार करो,
हम तुमको जपा करते हैं || तुमको ||

-: इति :-


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Thursday, January 11, 2018

Ganraja Re Lete Hain Pehle Tera Naam Re

तर्ज :- बनवारी रे जीने का सहारा तेरा नाम रे
फिल्म :- एक फूल चार कांटे

गणराजा रे लेते हैं पहले तेरे नाम रे,
हमरे बिगड़े बनादो सारे काम रे ||

शिव शंकर हैं पिता तुम्हारे मात हैं गौरा रानी,
सब देवों में बुद्धि विनायक यह है अमर कहानी,
हमको प्यारा लगे है तेरा धाम रे || गणराजा रे ||

श्री गणराजा के चरणों में अपना शीश झुकाओ,
रिद्धि और सिद्धि के दाता भव से पार लगाओ,
अब जो भी होगा अंजाम रे || गणराजा रे ||

एक दन्त हो दयावंत हो लेलो खबर हमारी,
गिरिजा नंदन असुर निकंदन "पदम्" चरण बलिहारी,
तेरा नाम जपे सुबह शाम रे || गणराजा रे ||

-:इति:-




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