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Saturday, November 10, 2018

Shree Vishwakarma Bhagwan Kiya Hai Jan Kalyan

तर्ज:- मेरे बांके बिहारी लाल, तू इतना न करियो श्रृंगार , नज़र तोहे लग जायेगी -----
दोहा:- यह मशीनें न होती,यह फरमा न होते
अगर विश्व में विश्वकर्मा न होते
//गीत//
श्री विश्वकर्मा भगवान 
किया है जनजन का  कल्याण
तुम्हारी जय जय हो ।। देवा रे ।।

काष्ट कला के तुम निर्माता,
लोह युग के तुम भाग्य विधाता,
दिया भुवन विधि का ज्ञान ।। किया है ।।

भांति भांति औजार बनाये,
हर तकनीक धरा पर लाये,
किया मुश्किल को आसान ।। किया है ।।

तरह तरह की मशीन बनाई,
मानव का जीवन सुखदाई
दिये कृषि के सामान ।। किया है ।।
देवा तुम हो बड़े महान ।।किया है।।

मन मंदिर में तुम्हें बिठाऊं 
गीतों की माला पहनाऊं
यह "पदम" करे गुणगान ।। किया है ।।

-: इति :- 



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Thursday, October 11, 2018

M.P Ki badi pyari Rajdhani

तर्ज़:- मीठे रस के भरयोरी 









एमपी की बड़ी प्यारी रजधानी लागे -
 2 मस्तानी लागे - 2
म्हारे मीठो मीठो बड़े तला को पानी लागे,।।
म्हारे मीठो मीठो बड़े तला को पानी लागे ।।
(1)
 बीच तला में फब्बरों की उड़त है रोज फुहार,
रंग बिरंगी देख रौशनी ख़ुशी होय नर नार,
वी. आई. पी से ऐरोड्रम ,आसानी से लागे - 2 ||
 म्हारे मीठो मीठो बड़े तला को पानी लागे |
(2)
छोटे तला में कमला पति का महल बना है खास
कमला पार्क बहुत पुराना बना महल के पास,
जा में चंपा चमेली रात रानी लागे - 2 || 
म्हारे मीठो मिठो बड़े तला को पानी लगे||
(3)
वन विहार में जीव जंतु की फेली है जागीर,
सैर सपाटे से बडे ताल की बदल गई तस्बीर,
भदभदे के चारों ओर ऋतु सुहानी लागे - 2 ||
 म्हारे मीठो मीठो बड़े तला को पानी लगे||
(4)
राजा भोजपाल से इसका नाम पड़ा भोपाल,
मूरत भोजपाल की रखदी शहर हुआ खुशहाल
वी जे पी के ही शासन की कदरदानी लागे - 2 || 
माहरे मीठो मिठो बड़े तला को पानी लगे||
(5)
जल प्रदाय में कमी हुई तो मच गया हाहा कार,
बड़े कठिन प्रयास किए थे तब लाए कोलार,
अब तो घर घर नर्मदा की अगवानी लागे - 2 || 
म्हारे मीठो मीठो बड़े तला को पानी लगे||
(6)
कमला पारक रोड पे हर दम रहती भीडम भाड़
ताल किनारे भोज सेतु का अजब किया निर्माण 
यह तो शहर का विकास भी तूफानी लागे - 2 || 
म्हारे मिठो मिठो बड़े तला को पानी लगे||
(7)
हिन्दू मुस्लिम सिक्ख ईसाई "पदम्"है रहते साथ,
देते त्योहारों पे बधाई देते आशीर्वाद,
यह तो परंपरा भोपाल की पुरानी लागे - 2 || 
म्हारे मिठो मिठो बड़े तला को पानी लगे||

-: इति :-




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Sunday, September 30, 2018

Maa Ka Dar Choom Kar

 -----तर्ज़:-मेरे रशके कवर,तूने पहली नज़र -----

  !!भजन!!

माँ का दर चूम कर,सारे ग़म भूल कर।
मेने अर्जी लगाई,मज़ा आ गया।।
दर बदर घूम कर,मैया के द्वार पर,
मेने झोली फैलाई,मज़ा आ गया।।

(१)सिंह पर बैठ कर माँ भवानी चली,
     दुष्ट दानव पे माँ की दुधारी चली।
रण में संघार कर,दुष्टों को मार कर,
मुंडमाला बनाई,मज़ा आ गया।।

(२)माँ की कृपा के बादल बरस जाएंगे,
    सबके बिगड़े मुकद्दर सवर  जाएंगे।
बात बन जाएगी,झोली भर जाएगी,
माँ से आशा लगाई,मज़ा आ गया।।

(३)आसरा इस जहां का मिले न मिले,
 माँ के दर पे "पदम" को ठिकाना मिले।
आ गए द्वार माँ, कर दो उपकार माँ,
माँ की महिमा को गाई, मज़ा आ गया।।

  ।।इति।।


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Chali Modi Leher

----- तर्ज़:-मेरे रशके कवर तूने पहली नज़र -----

!!गीत!!

चली मोदी लहर,हर नगर हर डगर,
BJP रंग लाई,मज़ा आ गया।।
मोदी PM मिले, भगवा झंडे तले,
INDIA मुस्कुराई, मज़ा आ गया।।

(१)टेक्स चोरों ने अपनी तिजोरी भरी,
      मोदी ने देश मे नोट बंदी करी।
फिर जमा काला धन बैंक में आ गया,
ऐसी लाइन लगाई, मज़ा आ गया।।

(२)देश परदेश मोदी ने दोरे किये,
जड़ से आतंक मिटाने के वादे किए।
बहुत से टैक्स लगते थे बाजार में,
एक GST लगाई मज़ा आ गया।।

(३)एक न एक दिन अच्छे दिन आएंगे,
      यह बिरोधी भी मोदी के गुण गाएंगे।
तीन तललाक़ इस्लाम से हट गई,
मोदी सरकार आई ,मज़ा आ गया।।

(४)हर समस्या का एक ही समाधान है,
     हिन्दू राष्ट्र बने सबका अरमान है।
दर्द है बेपनाह,यह "पदम" का बयां,
पीर मन की सुनाई, मज़ा आ गया।।

 ।।इति।।


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Friday, September 7, 2018

Swarg Se Sundar Watan Hai Mere Is Bhopal Ka

------ तर्ज:- गंगा मैया में जब तक कि पानी रहे ------
------ फिल्म:- सुहागरात -----
//दोहा//
क्षीर सिन्धु के है जल से अच्छा पानी ताल का |
स्वर्ग से सुन्दर वतन है मेरे इस भोपाल का ||

तात्या टोपे नगर मंडी जहांगीराबाद है |
है भी पिपलानी शहर का दिल जहाँ आबाद है ||

भद भदे का बहता पानी शिमला कोठी का है नाम |
टेकरा है भानु मनुआ और गुफा मंदिर की शान ||

छोले का हनुमान मंदिर, कमला रानी का महल |
शाह अली का मकबरा चारों तरफ है जल ही जल ||

खट्टे मीठे चरपरे का अपना अपना स्वाद है |
एक माँ के पुत्र हैं सबके अलादा नाम हैं ||

नीबू खट्टा गन्ना मीठा चरपरी मिरची की जात |
हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई पारसी सब एक साथ ||

एक चमन के फूल हैं सब भाई हैं भारत के लाल |
एक बतन के लाखों लोग हर एक माँ के नौनिहाल ||
//भोपाल का गीत//
दोनों तालों में जब तक कि पानी रहे,
एम.पी. यहीं राजधानी रहे-राजधानी रहे
भैया ओ प्यारे भैया - 2

हमको भोपाल है जाँ से प्यारा,
सारे शहरों से है यह ही न्यारा,
खुश है रैययत यहाँ मोती मस्जिद यहाँ,
बिरला मंदिर की शोभा सुहानी रहे - 2 || भैया ||

भानुमन टैकरा है निराला,
मकबरा शाह अली का है आला,
जमा मस्जिद की शान, गुफा मंदिर महान,
भद भदे की सुहावन रवानी रहे - 2 || भैया ||

वह पुराना किला है पुराना,
कमला पारक बना है सुहाना,
लाल कोठी उधर सदर मंजिल इधर,
दो तलैया दोनों तालों की रानी रहे - 2 || भैया ||

चलो टी.टी नगर में घुमाऊँ,
बड़े रंगी नजारे दिखाऊं,
फूल है ला जबाब, कलियों में हिजाब,
इस चमन में हमेशा जवानी रहे - 2 || भैया ||

सुनो भोपाल के नौ जवानों,
मेरा कहना है क्या यह तो जानों,
मैं हूँ जन्मा यहाँ यह "पदम्" का बयां,
बस निछाबर मेरी जिंदगानी रहे - 2 || भैया ||

-: इति :-   



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Dil-E-Armaano Ko Roko Na

दिल-ऐ-अरमानों को रोको न मचल जाने दो |
आज बिछड़े शमा परबाने को मिल जाने दो ||

गले लग जाने को महफ़िल में शमा जलती है,
उसी को आग में परबानो को जल जाने दो ||

भवें तनी हैं कि जैसे कमान हो कोई,
तीर-ऐ-नज़रों को तो दीवाने पे चल जाने दो ||

बेवफा ऐसे न मारो किसी हमराही को,
अपने दीवानों को थोड़ा तो संभल जाने दो ||

करूं क्या दिल का भरोसा यह मचल जायेगा,
इसलिए कहता हूँ "पदम्" को ग़ज़ल गाने दो ||

-: इति :-


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Thursday, August 30, 2018

Woh Sanam Rooth Jaye To Main Kya Karoon

वह उधर रुख से पर्दा हटाने लगे,
अब कसम टूट जाये तो मैं क्या करूं,
चूम लूँगा खुदा की खुदाई को मैं,
वह सनम रूठ जाये तो मैं क्या करूं ||

गेसू काली घटा नैन कजरा भरे,
इनके जलवों पे कैसे कोई न मरे,
जब मैं कजरारे नैनों से पीने लगा,
यह कदम लड़खड़ाये तो मैं क्या करूं ||

चांदनी रात है चाँद ढलता गया,
आपक हुस्न को देख शरमा गया,
उम्र बारी अकेले न घूमा करो,
कोई दिल लूट जाये तो मैं क्या करूं ||

ज़ुल्फ़ बिखरी तो सावन महीना हुआ,
जिसने देखा पसीना पासीना हुआ,
ए "पदम्" फूल इतने चमन में खिले,
अब कली रूठ जाये तो मैं क्या करूं ||

-: इति :-


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Mai Hoon Jogi

मैं हूँ जोगी तू है मेरी जोगनिया,
छम छम बाजे तेरी पैजनियां || मैं हूँ ||

चंदा सा है मुखड़ा तेरा, गेसू कारे कारे रे,
नैना तेरे सावन भादो, थम थम के मति बरसा रे,
जीने न देगी मुझे साज्नियां || मैं हूँ ||

जब से सोलह साल लगो है चाल में मस्ती आई रे,
गाल गुलाबी ओंठ रसीले, काहे को ले अंगड़ाई रे,
चाल चले है जैसे नागनियां || मैं हूँ ||

एक नज़र तू जिस पर डाले, मन को चैन न आये रे,
वह दीबाना करबट बदले, रात को नींद न आये रे,
काहे "पदम्" पे डाले मोहनियां || मैं हूँ ||

-: इति :-


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Tere Kajre Ne Le Li Meri Jaan

भवें कटारी, पलकें कारी, नैना तीर कमान,
तेरे कजरे ने लेली मेरी जान ||

सोलह तेरी लागी उमरिया,
क्यों बल खाए पतली कमरिया,
गाल गुलाबी नैना शराबी, छलके है अरमान || तेरे ||

चंदा सा है मुखड़ा तेरा,
दीवाना है जियरा मेरे,
तिल है तेरा, दिल है मेरा, गौरी तू पहचान || तेरे ||

सावन भादों बरसे अखियाँ,
तेरे दरश को तरसे अखियाँ,
गेसू प्यारे कारे कारे, जुल्फें विष की खान || तेरे ||

तू गौरी में तेरा सैयां,
आजा मेरी थामले बैयां,
आये न आये क्यों शरमाये "पदम्" की दिलबर जान || तेरे ||

-: इति :-


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Tuesday, August 28, 2018

Dil Ko Nazron Se Pilado

दिल को नज़रों से पिला दो तो बहल जायेंगे,
लगे ठोकर तो वह गिर गिर के संभल जायेगा ||

मेरे महबूब जो तू बेनकाब आ जाये,
रंग मेहरबान दो घड़ी में बदल जायेगा ||

इस तरह ज़ुल्फ़ को बिखरा के चमन में न फिरो,
सपेरा बीन को लेकर के निकल आयेगा ||

मेरे सीने में हैं अंगारे मुहब्बत यारों,
इससे लिपटेगा वह पानी सा पिघल जायेगा ||

मेरे पैमाने से कमज़र्फ जरा दूर रहो,
बर्ना हाथों से मेरा जाम फिसल जायेगा ||

अपनी धड़कन से जबानी को दबाये रखना,
दिले नादां है जो सीने से निकल जायेगा ||

ऐ मेरी जाने "पदम्" यूं न सितम बरसाओ,
दिल है दीबाना अदाओं पे मचल जायेगा ||

-: इति :-


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Kaise Mile Hamre Saiyaan

तर्ज -  पार्वती तेरो सैया री, में देख आई गुईया,
हां हां री में देख आई गुईया

केसे मिले हमरे सैंया री , बताए दईओ गुइयां 
हां हां री ,बताए दैयो गुइयां

पकरन चाही मैं पकर न पायी,
दे गए छील विलैयां || बताओ ||

वा घर की मैं जानत नैया,
कैसे धरूं दोई पैयां || बताओ ||

तेरे बलम की कौन निशानी,
इनमें एकउ नैयां || बताओ ||

जब से गए तो अब घर आये,
हो गए मूड़ हिलैयां || बताओ ||

"पदम" कहत हैं सुन भई रसिया,
जा सुधरन की नैया || बताओ ||

-: इति :-


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Kisi Gulshan Ki Tu

किसी गुलशन की तू चम्पाकली मालूम होती है,
ओ जाने मन तू नाजों की पली मालूम होती है ||

नाज अंदाज से तू दिलजली मालूम होती है |

किसी भी मनचले द्वारा छली मालूम होती है |

अदा भोली तेरी सूरत भली मालूम होती है |

तेरा कूंचा तो जन्नत की गली मालूम होती है |

जवानी भी बुढ़ापे में ढली मालूम होती है |

-: इति :-


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Dangal Me Aaj Bacha Jaan Bhai

------ तर्ज:- आधा है चन्द्रमा रात आधी ------

दंगल में आज बचा जान भाई, बचा प्राण भाई,
नहीं देवी पे चढ़ा दूंगा बलिदान भाई, बचा प्राण भाई ||

देख खंजर मेरा लपलपाये, नहीं गुस्सा जिगर में समाये
तुझे भेजूं शमशान अरे सुनले शैतान,
भला चाहे तो कहना मेरा मान भाई || बचा प्राण भाई ||

युद्ध तुझसे करूंगा मैं रण में, नाश कुल का तेरा कर दूं छण में,
सुनले दुश्मन अज्ञान मति बन रे नादान,
तेरा मिट जाये नामों निशान भाई || बचा प्राण भाई ||

कभी दंगल में आके न फंसना अब "पदम्" के निशाने से बचना,
मारे ज्ञानों की मार देवे पल में पछाड़,
मुझे अच्छी तरह से पहचान भाई || बचा प्राण भाई ||

-: इति :-


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Wednesday, August 22, 2018

Aaya aaya Janam Din Tumhar

तर्ज़:- हम ना जइबे ससुर घर में बाबा
//जन्मदिन गीत//
आया आया जनम दिन तुम्हार लल्ला 
   फलो फूलो, दुआ है हमार लल्ला ।।हो ।।

(1) बहना ने रोली का टीका लगाया,
      की आरती घी का दीपक जलाया,
            लेली लेली, बलैयां हज़ार लल्ला ।।हो।।

(2) पापा कहें तुम मेरे लाड़ले हो,
  मम्मी कहे तुम बड़े बावले हो,
                  बिटवा हमरो, लगे सुकुमार लल्ला  ।।हो ।।

(3) दादा और दादी ने दिल से लगाया,
    तुम्हें अपनी बाहों में झूला झुलाया,
             हमे खुशियाँ,मिली बेशुमार लल्ला ।। हो ।।

(4) मामा और मामी नें दी है बधाई,
         जन्म दिन में आए हे खुशियां मनाई
               मामा मामी, करें है दुलार लल्ला ।।हो ।।
 
(5) देने बधाई को मौसा भी आए
         कपड़े भी लाए खिलोने भी लाए 
               मौसी लाईं, बड़े उपहार लल्ला ।। हो ।।

      (6)  बहुत प्यार करते हैं नाना और नानी 
      तुम पे निछावर करे जिंदगानी,
                   तुम हमारे,गले का हो हार लल्ला ।। हो ।।

(7) भैया दीवाने हैं भाभी दीवानी,
         परियों की तुमको सुनायें कहानी,
                   तोरे जीवन, में आये बहार लल्ला ।।हो ।।

(8) मौके पे आये नहीं दोस्त ऐसे,
      मोबाइल से भेजे बधाई संदेशे,
                   हैप्पी बर्थडे,बहुत सारा प्यार लल्ला ।। हो ।। 

(9) तुम्हें लग न जाए किसी की नजरिया,
"पदम्" गीत गायें तुम्हारी दुअरिया,
           लागे तुमको, उमरिया हमार लल्ला ।। हो ।।

-: इति :-


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Kisi Aur Dar Ke Aage

कोई दिल नहीं की जिसमें जलवा तेरा नहीं है,
किसी और दर के आगे यह सर झुका नहीं है ||

यहाँ आ रहा है कोई, वहां जा रहा है कोई,
दुनिया में आना जाना अब तक रुका नहीं है ||

है इंतज़ार जिनका, ख़त आगया है उनका,
किस रोज़ आ रहे है यह तो पड़ा नहीं है ||

मुझे चाहते हैं कितने मुझको पता नहीं है,
मैं जिसको चाहता हूँ उसको पता नहीं है ||

जो कुछ "पदम्" है तेरा किस्मत की बदौलत है,
जो तुझको न मिला है, रब ने लिखा नहीं है ||

-: इति :-


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Suno Banna Ji

सुनो बन्ना जी अब जिद छोड़ो, मान लो मेरी बात,
बन्नी तो आएगी, चलो लेके बारात ||

पापा के प्यारे हो तुम, मम्मी के लाड़ले हो,
लेकिन दुल्हन के लिए कितने उतावले हो,
सात जनम का बंधन है यह फेरे होंगे सात || बन्नी ||

दूल्हा के दोस्त सारे सज धज कर जायेंगे,
दूल्हा के आगे आगे नाचेंगे गायेंगे

दादाजी, काकाजी कबसे तैयार हैं,
फूफाजी जीजाजी बड़े बेक़रार हैं,
सभी बाराती ख़ुशी में झूमे एक दूजे के साथ || बन्नी ||

सज धज के दुल्हे राजा घोड़ी पे जायेंगे,
डोली में चंदा जैसी दुल्हन को लायेंगे,
प्यारी बहना करे आरती, भैया दो सौगात || बन्नी ||

गाड़ी के दो पहिये हैं मिलकर चलोगे,
दिन दुगना रात चौगना फूलो फलोगे,
"पदम्" ने दूल्हा और दुल्हन को दिया है आशीर्वाद || बन्नी ||

-: इति :- 



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Yug Badle Duniya Badli

युग बदले, दुनिया बदली, इंसान की आस्था बदल गई,
हम बदले तुम भी बदले घर घर की व्यवस्था बदल गई ||

शूर वीर योधाओं की परिभाषा आज निराली है,
कट्टा उस्तारा जेब में है, तो वही वीर बलशाली है,
आला और उदल के हथियारों की गाथा बदल गई ||

पति मौत पर सती होने के किससो ने मुंह मोड़ लिया
घासलेट ने चन्दन चिता के दस्तूरों को तोड़ दिया,
पति के हाथों सती जल गई, सती की प्रथा बदल गई || मैं ||

पिता हो गए डेड,मम्मी को मोम बनाया है,
लड़का, लड़की समझ न आता फैशन कैसाआया है
"पदम्" आज तो हाथ जोड़ने की पूरी व्यथा बदल गई || ||

-: इति :-


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Monday, July 30, 2018

Aaya Janamdin Bitiya Tumhara

------ तर्ज:स्वर्ग से सुंदर, सपनो से प्यारा,है अपना घर द्वार ------

आया जनम दिन,बिटिया तुम्हारा,जुड़ा कुटुम परिवार।
तुम पर रहे बरसता यूँ ही,मात
पिता का प्यार ।।
उदय हो भाग्य तुम्हारा । यह आशीर्वाद हमारा ।।

1,बाबुल के आंगन में,बिटिया का बचपन खेला,माता के आंचल की,छैया में सुख दुख
झेला।।
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, यही है एक अधार।।
उदय हो भाग्य तुम्हारा,,,,,,,,,

2,रूप रंग बिटिया का,सब देख भये मतबारे, नज़र नही लग जाये,नेना कर दये कजरारे ।।
दीप जला कर करी आरती,बहना करे दुलार।।उदय होभाग्य तुम्हारा,,,,,,,,,,

3,राम करेंगे पूरी,हर आशा तेरे मन की,फुलवारी महकेगी, बिटिया तेरे जीवन की।।
रानी बन कर राज करोगी,स्वर्ग बने घर द्वार ।।
उदय हो भाग्य तुम्हारा,,,,,,,,,

4,मामा मामी आये,ऒर दादा दादी आये,बिटिया की राहो में,चुन चुन कर फूल बिछाये ।
Happy Birthday to you  सबने,गाया बारंबार।।
उदय हो भाग्य तुम्हारा,,,,,,,,

पूनम के चंदा सी,चमके तकदीर तुम्हारी,,
"पदम"कहे बिटिया को,लग जाये उमर हमारी ।।
तेरे नाम का डंका बाजे, गली गली हर द्वार।।
उदय हो भाग्य तुम्हारा ।यह आशीर्वाद हमारा।।

             ।। इति ।।


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Tuesday, April 24, 2018

Dulha Kush Raho

------ तर्ज:- अल्लाह यह अदा कैसी है इन हसीनाओं की ------
------ फिल्म:- मेरे हम दम मेरे दोस्त ------


दूल्हा खुश रहो यह दुआ है तेरे अपनों की,
सारी खुशियाँ मिले तुमको सपनों की ||

तेरे पापा का तू दुलारा है,
तेरी मम्मी का ध्रुव तारा है,
करना सेवा सदा इनके चरणों की || दूल्हा ||

रिश्ते नाते हैं सात जन्मों के,
डोर से बंध गए सात फेरों के,
रहे कायम कसम सात वचनों की || दूल्हा ||

मैया भाभी की एक आशा है,
भैया घोड़ी चढ़ेअभिलाषा है,
जोड़ी सुन्दर मिले बन्ना बन्नो की || दूल्हा ||

बहना करती है आरती चाह से - तेरे जीजा हैं खुश तेरे ब्याह से,
नेंग मांगे है जिद छोटी बहनों की || दूल्हा ||

बाद मुद्दत के आई है शुभ घड़ी - सर पे सेहरा बंधे थी तमन्ना बड़ी,
लो "पदम्" ने दी सौगात भजनों की || दूल्हा ||

-: इति :-
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Wednesday, January 10, 2018

Miya Yaad Rakhoge Ya Bool Jaoge

तर्ज:- बतादूं क्या लाना
फिल्म:- पत्थर के सनम 1967

महंगाई का ज़माना थोड़ी रकम कमाना,
इसमें है घर चलाना पिया याद रखोगी या भूल जाओगे,
नारी का है ज़माना सौंपो मुझे घराना,
घर पूरी तनखा लाना मिया याद रखोगे या भूल जाओगे ||

जब पहली हो सीधे घर आना एरों गैरों का बिल न चुकाना,
दूध शक्कर लेने मै जाउंगी नाश्ते में हलवा खिलाऊँगी,
दो दिन मज़ा उड़ाना पूड़ी अगर हो खाना,
तुम डालडा ले आना || मियां ||

मुन्ना के लिए पेंट चाहिए, मकानदार को रेंट चाहिए,
फट गयी फ्रॉक छोटी बेबी की पुस्तक भी लाना शीला देवी की,
एक मेरी साड़ी लाना ब्लाउज न भूल जाना,
यह छोटा सा नजराना || मियां ||

इस तरह नहीं हो घर का गुज़ारा परिवार नियोजन का है यही नारा,
जिस घर में एक-दो बच्चे हैं इसमें शक नहीं वह बड़े अच्छे हैं,
अंकुश पड़े लगाना, बेटी को है बचाना
यह "पदम्" का फ़साना || मियां ||

-:इति:- 


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