तर्ज़:-सजादो घर को गुलशन सा, मेरे सरकार आये है।
*श्री गणेश जी का भजन*
तर्ज़:-सजादो घर को गुलशन सा, मेरे सरकार आये है।
*श्री गणेश जी का भजन*
हो हो हल्ला मच गयो बजरिया में
कमल तो खिल गयो नगरीया में
लड्डु पेड़ा लुट गए बजरिया में
बी जे पी पहुंच गई अटरिया में
बी जे पी की बल्ले बल्ले
हो गई चारो ओर
भजप्पा के नेता पकड़ो
लोक सभा की डोर।
नगर में हल्ला मच गयो रे
फूल कमल को खिल गयो रे ।।
बी जे पी को बहु मत मिल गयो रे
फूल कमल को खिल गयो रे ।।
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तर्ज़:-अँगना पधारो महारानी
अब यह जमाना बदलेगा,जब कमल खिलेगा ।।
कमल खिलेगा भैया कमल खिलेगा
अपना शहर चमकेगा ।।जब कमल खिलेगा ।।
(1) नाली बनेगी ओर सड़के बनेगी
चौबीसों घंटों फिर बिजली मिलेगी
हर घर को पानी मिलेगा ।।जब कमल खिलेगा ।।
(2) धमकी से डरना ना लालच में आना,
कमल के आगे का बटन दवाना
भाजप्पा को वोट मिलेगा,।। जब कमल खिलेगा ।।
(3) सांसद के पद की बड़ी जिम्मेदारी
आलोक शर्मा का पलड़ा है भारी
भारी मतों से जीतेगा ।। जब कमल खिलेगा लाल
(4) आलोक शर्मा को विजयी बनाना
विनती "पदम"की बी जे पी को लाना
मोदी ही पी एम बनेगा।।जब कमल खिलेगा ।। विकास का द्वार खुलेगा ।। जब कमल खिलेगा । ।
भोपाल का भाग्य जगेगा ।।जब कमल खिलेगा ।।
//इति//
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तर्ज़:- बन्नो तेरी अखियां सुरमेदानी
मैया तेरी मड़िया बहुत सुहानी ।।
मैया तेरी महिमा हम न जानी ।।
(1) मैया तेरी चुनरी लाख की रे,
मैया तेरा टीका है हजारी ।।
(2) मैया तेरी बिंदिया लाख की रे,
मैया तेरा बेंदा है हजारी ।।
(3) मैया तेरी पायल लाख की रे,
मैया तेरा कंगना है हजारी ।।
(4) मैया तेरी झुमकी लाख की रे,
मैया तेरा झुमका है हजारी
(5) मैया तेरी मुंदरी लाख की रे,
मैया तेरा हरवा है हजारी ।।
(6) मैया तेरी चूड़ियां लाख की रे,
मैया तेरा चूड़ा है हजारी ।।
(7) मैया तेरा पंडा लाख का रे,
"पदम्" तेरा ललना है हजारी ।।
//इति//
तर्ज़:-तोरे मढ़ पे बदरा हो रहे हो मां,(जस)
//जस//
मैया सुनलो हमारी पुकार हो-------- -
मोरी मैया महारानी।।मोरे अँगना पधारो मैया।।
(1) कब आएगी मैया राह निहारे
दुखन लागे मैया नयन हमारे
मैया कर दइयों उपकार हो------------------
मोरी मैया महारानी।।मोरे अँगना पधारो मैया।।
(2) दया करो जी मैया मैहर बाली
तुम ही दुर्गा तुम ही काली
मैया तोरे रूप हजार हो....................
मोरी मैया महारानी ।।मोरे अँगना पधारो मैया।।
(3) ऊंचे ऊंचे मैया जी के भुवन बने है
भुवन में मैया जी के आसन लगे है
मैया लाल लाल मैया को सिंगार हो-----------------
मोरी मैया महारानी।।मोरे अँगना पधारो मैया।
(4) सुमर सुमर मैया तोरे जस गावे
जन्म जन्म के दुख कट जावे
मैया :पदम्" करे जयकार हो-----------------
मोरी मैया महारानी।।मोरे अँगना पधारो मैया,।।
//इति//
**** बी.जे.पी.पिछड़ा बर्ग मोर्चा अध्यक्ष का शंखनाद****
में ,बी. जे .पी,. का शंखनाद चहुँ ओर सुनाने जाऊँगा।
में कमल खिलाने आया हूँ मै कमल खिलाकर जाऊंगा।।
(1)में कमलनाथ ओर गांधीवाद को ओर नही चलने दूंगा
में जातिवाद ओर बंश वाद को ओर नही पलने दूंगा
में भारत माँ के आंचल पर यह दाग हटाकर जाऊंगा।।में कमल।।
(2)कांग्रेस की तानाशाही,चमचों से फल फूल रही,
कांग्रेस अपनी मर्यादा ,अपने वादे भूल रही
में रावण से अन्यायी का ,में अंश मिटाकर जाऊंगा।।में कमल।।
(3)70 साल से कांग्रेस यह देश प्रदेश को लूट रही
कांग्रेश की राजनीति से,कांग्रेस खुद टूट रही
भोली भाली जनता को में राह दिखाकर जाऊंगा।।में कमल।।
(4)सिंधिया जैसे बरिष्ठ नेता राहुल से मोह मोड़ गए
अपने संग समर्थक लेकर कांग्रेस को छोड़ गए
में मध्य प्रेदेश को कोंग्रेस से मुक्त कराकर जाऊँगा।।में कमल।।
(5)"पदम्"देश के मतदाता का हम कर्ज़ चुका नही पाएंगे
राम के आदर्शों पर चलकर राम राज्य फिर लाएंगे
में विश्व पटल पर भारत को सम्मान दिला कर जाऊंगा
में कमल खिलाने आया हूँ मै कमल खिलाकर जाऊंगा।।
//इति//
**** बी जे पी पिछड़ा बर्ग अध्यक्ष का चुनाव प्रचार 2020****
में मध्य प्रेदेश के नगर नगर यह अलख जगाने आया हूँ
में बी जे पी का डगर डगर परचम लहराने आया हूं ।।में म.प्र. के।।
(1)मतदाता ने अपने मत का जब जोहर दिखलाया है
मध्य प्रेदेश में बी जे पी को सिंघासन बैठाया है
यह जन जन को हे धन्यवाद,आभार जताने आया हूँ।।में म.प्र. के।।
(2) कांग्रेस ने हर किसान को झूठ फरेब से लूटा है
कांग्रेस के हर चुनाव का हर एजेंडा झूठा है
कांग्रेस फिर वहकायेगी यही बताने आया हूँ।।में म.प्र. के।।
(3) मतदाताओं से विनती है,यह हाथ जोड़ समझाना है
कमल के फूल का बटन दवाकर विजय श्री दिलबाना है
में बी जे पी के प्रत्याशी का प्यार लुटाने आया हूँ।।में म.प्र. के।।
(4) में पिछड़ा बर्ग मोर्चे का अध्यक्ष निवेदन करता हूँ
में भगत सिंह कुशवाह हूं जन जन को वन्दन करता हूँ
में बी जे पी का सैनिक हु बस कमल खिलाने आया हूँ।।में.प्र. के।।
यह"पदम्" लिखे प्रचार गीत,के पुष्प खिलानेआया हूँ।।में म.प्र.के।।
//इति//
तर्ज़:- होंठों को छुलो तुम,मेरे गीत अमर करदो
फ़िल्म:- प्रेम गीत
तर्ज़:-श्री राम से कह देना एक बात अकेले में
* कोरोना संकट में म .प्र.सरकार की पहल *
कोरोना के संकट से,मिलकर हमे लड़ना है ।
घर मे ही रहना है, बाहर न निकलना है ।।
(1) भोपाल की गलियों में घर घर हम जायेगे
भूखा ना रहे कोई, भोजन पहुचायेगे
सरकार का है वादा शिव राज का कहना है।।कोरोना।।
(2) रामेश्वर शर्मा ने यह बचन निभाया है
मजदूर गरीबों को राशन पहुचाया है
कोरोना हराना है,c m की तमन्ना है।।कोरोना।।
(3) शहरों और गांव में फैली है महामारी
कोरोना भगाने में लगे योद्धा कर्मचारी
कानून का हम सब को पालन भी करना है।।कोरोना।।
(4) यह ताला बन्दी भी , ऐसी मजबूरी है
दो गज की दूरी भी जन जन को जरूरी है
कहता है"पदम्"सबको पग पग पर सम्हलना है।।कोरोना।।
//इति//
तर्ज़:-एक प्यार का नगमा है मोजों की रवानी है
फ़िल्म :-शोर
; महामारी कोरोना का गीत ;
महामारी कोरोना है,जाने क्या होना है ।
ना दवा है ,ना दुआ है,बस रोना ही रोना है ।।
(1) ना अज़ान है मस्ज़िद में,ना है आरती मन्दिर में,
आलम है उदासी का, मातम है घर घर मे ।
किस किस को खो बैठे,किस किस को खोना है।।ना दवा है।।
(2) शमशान नही खाली,लाशें लगी लाइन में,
मुँह तक न देख सके,माँ का अंतिम छन में ।
लाशों की माला में,किस किस को पिरोना है।।ना दवा है।।
(3) कई मांग हुई सुनी,कही भाई छोड़ गया,
बूढ़े मा बाप तो है, बेटा मुँह मोड़ गया ।
जीवन अनमोल "पदम्" शीशे का खिलोना है।।ना दवा है।।
// इति//
तर्ज़:- बतादूँ क्या लाना,तुम लोट कर आ जाना
फ़िल्म:- पत्थर के सनम
!!कोरोना जागृति गीत!!कोरोना है कोरोना,साबुन से हाथ धोना
वरना पड़ेगा रोना,भैया याद रखोगे या भूल जाओगे
(1) जब सर्दी हो या खांसी का होना
बुखार जो आये तो समझो कोरोना
ऐसे रोगी को न छिपाना है जाके स्वाथ्य कर्मी को बताना है
यह है मोत का खिलौना,अपनो को नही खोना
कोरोना से डरो ना,भैया याद रखोगे या भूल जाओगे।।कोरोना।।
(2)यह लाक डाउन का पालन जो करेगा,
जो घर मे रहेगा बही स्वथ्य रहेगा
हम मिल के कोरोना भगाएंगे,सब को महामारी से बचायेगे
कही भीड़ में न जाना,कही हाथ न मिलना
बस नमस्ते करो ना, भैया याद रखोगे या भूल जाओगे।।कोरोना।।
(3)यह मोदी नही है यह शक्तिमान है
दुनिया भी कहती है भारत महान है
आरोग्य एप्प डाऊन लोड कीजिये, कितने है सुरक्षित आप जान लीजिए
बस शाकाहारी खाना, स्वदेसी को अपनाना,
यह "पदम्"का समझाना,भैया याद रखोगे या भूल जाओगे।।कोरोना।।
।। इति ।।
लोक गीत धुन पर आधारित
* हत्यारो कोरोना का गीत *आ गयो हत्यारो कोरोना।आ गयो हत्यारो कोरोना
(1) कोना घड़ी में चीन से आयो
हां चीन से आयो
हाय गजब कर डारो ।।कोरोना।।
(2) इतनी लाशों पे इटली रो रही
हां इटली रो रही
अमरीका भी हारो।।कोरोना।।
(3) पाकिस्तान में भूखे मर रहे
हां भूखे मर रहे
हम से मांगे सहारो।।कोरोना।।
(4) "पदम्"जो भारत देश मे आयो
हां देश मे आयो
मोदी जाय पछाडो ।।कोरोना ।।
आ गयो हत्यारो कोरोना ।।
!!इति!!
तर्ज़:-परदेसी,परदेसी जाना नही,मुझे छोड़कर.....
फ़िल्म:- राजा हिंदुस्तानी
तर्ज़:- स्वर्ग से सुंदर सपनो से प्यारा,हैअपना घर द्वार
फ़िल्म:-घर द्वार
* बाल दिवस गीत *
देश के भावी नायक हो तुम,नवयुग की पतवार
तुम पर रहे बरसता यू ही,शिक्षक जन का प्यार
उदय हो भाग्य तुम्हारा,यह आशीर्वाद हमारा।।
(1) अवसर बाल दिवस का,कुछ सीखो ओर सिखाओ,
ज्ञान महासागर है,इसे समझो ओर समझाओ
भेद भाव और ऊंच नींच की,नही बनो दीवार।।उदय हो।।
(2) देश के तुम निर्माता,तुम देश के भाग्य विधाता
देश का वीर सिपाही ,सरहद पे जान गंवाता
मात्र भूमि की रक्षा करने,सदा रहो तैयार।।उदय हो ।।
(3) मात पिता के जैसा,कोई और नही है दूजा
इनका कर्ज़ चुके ना,तुम करलो इनकी पूजा
गुरु जनो के चरणों मे नित"पदम्"है सेवादार।।उदय हो।।
।। इति ।।
तर्ज़:- सजादो घर को गुलशन सा, मेरे सरकार आये है
सजादो मन को मंदिर सा, मेरे गणराज आये है।
लगे मन्दिर भी सुंदर सा, मेरे गणराज आये हैं।।
(1) सुदी भादों चतुर्थी को,झुलावे गौरा गणपति को।
ललन इनका मनोहर सा, मेरे गणराज आये है।।सजादो।।
(2) है गौरा मात कल्याणी,पिता है भोले वरदानी ।
ह्रदय जिनका समुन्दर सा, मेरे गणराज आये हैं।।सजादो।।
(3) है स्वामी रिद्धि सिद्धि के,है दाता ज्ञान बुद्धि के।
"पदम्"मिले ज्ञान अम्बर सा, मेरे गणराज आये है।।सजादो।।
।।इति।।