Wednesday, September 14, 2022

Kali mahakali aaye tumri duariya

      तर्ज़:-उज्जैन के राजा,करो कृपा नजरिया

                    ।।    दोहा ।।

      बाबा बाबा सब कहें,माई कहे ना कोय ।

     बाबा के दरवार में, माई करे सो होय ।।

                * काली माता भजन *


      काली महाकाली,आये तुमरी दुअरिया

      दर से ना टालना रे ।।ओ शेरा बाली ।।

      कलकत्ते बाली,आये तुमरी दुअरिया 

      दर से ना टालना रे ।।ओ शेरा बाली ।।

(1) असुर है महिषासुर ,बलशाली

      दुर्गा से बन गई ,अम्बे मां काली -2

     दुष्ट जनों को ,मैया संहारो

     भक्तों को तारना रे ।।ओ शेरा बाली ।।

(2) रण में चली माँ ,लेके दुधारी

     लट बिखराये ,करे सिंघा सबारी-2

    शुम्भ निशुम्भ जो ,लड़ने को आएं

    पल में पछाड़ना रे ।।ओ शेरा बाली ।।

(3) हाथों में खप्पर,नैनों में ज्वाला

     पहने गले मे ,मुंडों की माला -2

     क्रोध अगन भई शीतल,हुआ जब

     शिवजी का सामना रे ।। ओ शेरा बाली ।।

(4) "पदम्"है माँ के ,दरका भिखारी

     मैया हरो हर ,विपता हमारी - 2

    करुणामयी मां ,थोड़ी सी ममता 

    झोली में डालना रे ।।ओ शेरा बाली ।।

   काली महाकाली,आये तुमरी दुअरिया

   दर से ना टालना रे ।।ओ शेरा बाली ।।

                        //इति//




Share:

0 comments:

Post a Comment

Contributors